Ayodhya Ram Rasoi LPG Crisis : उत्तर प्रदेश। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। रसोई गैस यानी एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से कई शहरों में गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आम लोगों को गैस के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जबकि होटल-रेस्टोरेंट और सार्वजनिक कैंटीनों का काम भी प्रभावित हो रहा है।
इस मुद्दे को लेकर बुधवार को लोकसभा में विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि गैस की कमी से आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और सरकार को इस संकट का समाधान जल्द करना चाहिए। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
कई शहरों में बंद हो रही कैंटीन और होटल
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर सबसे ज्यादा होटल और कैटरिंग सेक्टर पर दिखाई दे रहा है। कई शहरों में होटलों को या तो अपने मेनू में कटौती करनी पड़ रही है या फिर कुछ समय के लिए कैंटीन बंद करनी पड़ रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) की कैंटीन में गैस खत्म होने की वजह से मेन कोर्स बंद करना पड़ा। कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि गैस की सप्लाई कब सामान्य होगी। फिलहाल सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट जैसे हल्के खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अयोध्या में ‘राम रसोई’ बंद
गैस संकट का असर धार्मिक स्थलों तक पहुंच गया है। राम मंदिर अयोध्या (Ram Mandir Ayodhya) के पास स्थित अमावा मंदिर में संचालित ‘श्री राम रसोई’ में एलपीजी की गंभीर कमी के कारण भोजन वितरण को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता था।
चेन्नई में डोसे की कई किस्में मेनू से हटाई
दक्षिण भारत में भी स्थिति आसान नहीं है। चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में कई होटल मालिकों ने बताया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रुकने से उन्हें मेनू में बदलाव करना पड़ा है।
कुछ होटलों ने इडली, सांभर और वड़ा जैसे सीमित व्यंजन ही तैयार किए हैं, जबकि डोसे की कई किस्मों और फ्राइड राइस को मेनू से हटा दिया गया है, क्योंकि इन्हें बनाने में गैस की लगातार जरूरत होती है।
सूत्रों के अनुसार करीब 5 लाख कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। माना जा रहा है कि अगली खेप 28 मार्च के आसपास आने की उम्मीद है।
ट्रेन के खाने पर भी पड़ सकता है असर
गैस की कमी का असर रेलवे कैटरिंग सेवाओं पर भी पड़ सकता है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन ने रेलवे स्टेशनों की कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव, इंडक्शन कुकटॉप और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों के इस्तेमाल की तैयारी रखने को कहा है। साथ ही जरूरत पड़ने पर रेडी-टू-ईट खाने का स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बिहार के कई शहरों के अलावा भोपाल और चंडीगढ़ में भी लोग सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई जगह ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर रहे, जिससे लोगों को एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है।
इंडक्शन कुकटॉप अपनाने की सलाह
इस बीच छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सलाह दी है कि वे पैनिक बाइंग से बचें और जहां संभव हो, इंडक्शन कुकटॉप, हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ-साथ आम लोगों की रसोई पर भी इसका असर और गहरा हो सकता है।