RS Elections Result 2026 : क्रॉस वोटिंग से NDA को 9 सीटें, हरियाणा में हाई वोल्टेज ड्रामा; कांग्रेस-BJD को सिर्फ 1-1 सीट

RS Elections Result 2026 : नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राजनीति में आखिरी वक्त तक कुछ भी संभव है। बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग और विधायकों के वोट न डालने से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बड़ा फायदा हुआ। NDA ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस और बीजद (BJD) को सिर्फ एक-एक सीट ही मिल सकी। बिहार: अंदरूनी फूट से विपक्ष हारा बिहार में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां NDA ने पांचों सीटों पर कब्जा कर क्लीन स्वीप किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर ने प्रथम वरीयता के वोट से जीत दर्ज की। वहीं पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम ने द्वितीय वरीयता के वोट के आधार पर जीत हासिल की। इस जीत की बड़ी वजह यह रही कि कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक मतदान से दूर रहे, जिससे महागठबंधन की रणनीति पूरी तरह फेल हो गई। ओडिशा: 11 विधायकों की क्रॉस वोटिंग ओडिशा में भी क्रॉस वोटिंग ने बड़ा असर डाला। यहां भाजपा ने 4 में से 3 सीटें जीत लीं, जबकि एक सीट BJD के खाते में गई। मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने आसानी से जीत दर्ज की, जबकि दिलीप रे ने दूसरी वरीयता के वोट से जीत हासिल की। कांग्रेस और BJD के कुल 11 विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने चुनाव का पूरा रुख बदल दिया। हरियाणा: विवाद और देरी के बीच बराबरी हरियाणा में चुनाव के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला। वोटों को लेकर विवाद के चलते मतगणना 6 घंटे देरी से शुरू हुई। आखिरकार संजय भाटिया ने 29 वोट और कर्मवीर बौद्ध ने 28 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। यहां भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट मिली। देश के अन्य राज्यों में भी मिश्रित परिणाम देखने को मिले: महाराष्ट्र में NDA को 6 और विपक्ष को 1 सीट तमिलनाडु में विपक्ष को 4 और NDA को 2 सीट पश्चिम बंगाल में TMC का दबदबा, 4 सीटें असम में NDA ने तीनों सीटें जीतीं तेलंगाना में कांग्रेस ने दोनों सीटें जीतीं छत्तीसगढ़ में NDA और विपक्ष को 1-1 सीट हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को 1 सीट कुल 37 सीटों में से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिनमें NDA को 9 और विपक्ष को 2 सीटें मिलीं। NDA को कुल फायदा, विपक्ष को झटका इन चुनावों के बाद NDA ने कुल 22 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि विपक्ष को 15 सीटें मिलीं। पहले जहां NDA के पास 12 सीटें थीं, अब इसमें 10 सीटों का इजाफा हुआ है। राज्यसभा चुनाव 2026 में क्रॉस वोटिंग और विधायकों की गैरमौजूदगी ने NDA को बढ़त दिलाई, जबकि विपक्ष की अंदरूनी कमजोरी उजागर हो गई। आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।
Pakistan Airstrikes : पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से 400 की मौत, PAK ने नशा मुक्ति सेंटर पर गिराए बम

Pakistan Airstrikes : काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर बम धमाकों से दहल उठी। सोमवार रात पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों में एयरस्ट्राइक की, जिसमें करीब 400 लोगों की मौत और 250 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। हमलों की आवाजें दारुलअमान, खैरखाना, अरजान कीमत और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास सुनी गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में एक बड़े अस्पताल को भी निशाना बनाया गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। अस्पताल पर हमले का आरोप तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। इस अस्पताल में करीब 2000 बेड थे और हमले में इसे भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची मीडिया टीमों ने बताया कि अस्पताल के कई हिस्सों में आग लगी हुई थी और बड़ी संख्या में शव बाहर निकाले जा रहे थे। BJP Candidates List : CM ममता की सीट से चुनाव लड़ेंगे अधिकारी, बंगाल चुनाव के लिए BJP की 144 कैंडिडेट लिस्ट जारी राशिद खान ने UN से की जांच की मांग अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि आम नागरिकों, स्कूलों और अस्पतालों के आसपास हमले होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) और मानवाधिकार संगठनों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सजा देने की मांग की। लगातार हमलों से बढ़ा तनाव इससे पहले भी पाकिस्तान ने रविवार रात कंधार प्रांत में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे, खासतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ। वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। Viral Video : सरकारी अस्पताल में ‘दारू पार्टी’, पैथोलॉजी लैब में कर्मचारियों का शराब पीते वीडियो वायरल जंग जैसे हालात, हजारों लोग बेघर दोनों देशों के बीच तनाव अब जंग जैसे हालात में बदलता जा रहा है। फरवरी के अंत से शुरू हुई इस झड़प में अब तक कई नागरिकों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हालिया संघर्ष में 56 नागरिक मारे गए, जिनमें 24 बच्चे शामिल हैं। वहीं करीब 1.15 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। LPG Cylinder Crisis : गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब इन परिवारों को नहीं मिलेगा नया कनेक्शन क्या है विवाद की जड़? पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि TTP अफगानिस्तान की जमीन से ऑपरेट करता है और पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाता है। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं।
BJP Candidates List : CM ममता की सीट से चुनाव लड़ेंगे अधिकारी, बंगाल चुनाव के लिए BJP की 144 कैंडिडेट लिस्ट जारी

BJP Candidates List : कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर BJP ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ा फैसला नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को दो सीटों से चुनाव मैदान में उतारने का है। भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से भी उम्मीदवार बनाया है। भवानीपुर वही सीट है, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) चुनाव लड़ती हैं और वर्तमान में विधायक भी हैं। ममता बनर्जी से सीधा मुकाबला राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी को उतारना भाजपा की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे एक बार फिर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया था, जहां उनका मुकाबला सुवेंदु अधिकारी से हुआ था। उस चुनाव में ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था। भवानीपुर उपचुनाव से विधानसभा पहुंचीं ममता नंदीग्राम में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भवानीपुर सीट छोड़ दी थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी ने यहां से जीत दर्ज कर दोबारा विधानसभा में प्रवेश किया था। भाजपा के अन्य प्रमुख उम्मीदवार भाजपा ने अपनी पहली सूची में कई बड़े नेताओं को भी मैदान में उतारा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर सदर से उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा की फायरब्रांड नेता अग्निमित्रा पॉल आसनसोल दक्षिण से चुनावी मैदान में हैं। पूर्व सामुदायिक स्वपन दासगुप्ता को राशबिहारी सीट से टिकट दिए गए हैं। दो चरणों में मतदान होगा इससे पहले भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। तृतीय 4 मई 2026 को होगी। इसी दिन असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनाव नतीजे भी घोषित होंगे। पिछला चुनाव परिणाम साल 2021 विधान सभा चुनाव में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को 215 इंच की शानदार जीत हासिल हुई, जबकि भारतीय जनता पार्टी 77वें नामांकन के साथ मुख्य रिपब्लिकन पार्टी बनी थी। अब 2026 के चुनाव में बीजेपी ने भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी को प्रांतीय कांग्रेस के गढ़ को प्रत्यक्ष चुनौती का संकेत दे दिया है।
Viral Video : सरकारी अस्पताल में ‘दारू पार्टी’, पैथोलॉजी लैब में कर्मचारियों का शराब पीते वीडियो वायरल

Viral Video : वाराणसी। उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार लगातार बेहतर सुविधाओं और सख्त निगरानी के दावे करती रही है। लेकिन वाराणसी से सामने आया एक वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। दरअसल, वाराणसी के दीनदयाल जिला अस्पताल (Deendayal District Hospital) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के अंदर कुछ कर्मचारी कथित तौर पर शराब पीते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। पैथोलॉजी लैब के अंदर कथित शराब पार्टी वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पैथोलॉजी लैब के अंदर एक टेबल पर गिलास रखे हुए हैं और साथ में चिकन तथा अन्य स्नैक्स भी दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी वहीं बैठकर शराब पीते नजर आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कथित पार्टी उसी जगह हो रही है, जहां मरीजों की जांच के लिए संवेदनशील और महंगी मशीनें लगी रहती हैं। Gold Silver Rate Fall : 8000 से ज्यादा टूटी चांदी, सोना भी 6000 रुपये तक सस्ता, जानिए क्या हैं नए रेट कर्मचारियों की पहचान की जांच बताया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोग अस्पताल के लैब टेक्नीशियन और पैथोलॉजी विभाग से जुड़े कर्मचारी हो सकते हैं। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से किसी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल परिसर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस राम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान करने के लिए एक जांच समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। LPG Cylinder Crisis : गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब इन परिवारों को नहीं मिलेगा नया कनेक्शन वीडियो पुराना होने की भी आशंका अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो संभवतः पुराना भी हो सकता है। फिर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और पूरी जांच की जा रही है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो कब का है और इसमें दिखाई देने वाले लोग वास्तव में अस्पताल के कर्मचारी हैं या नहीं।
Gold Silver Rate Fall : 8000 से ज्यादा टूटी चांदी, सोना भी 6000 रुपये तक सस्ता, जानिए क्या हैं नए रेट

Gold Silver Rate Fall : नई दिल्ली। वैश्विक तनाव के बावजूद सोना और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। आमतौर पर युद्ध या वैश्विक संकट के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर उलटी नजर आ रही है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेज गिरावट दर्ज की गई। खुलते ही धड़ाम हुई चांदी एमसीएक्स पर 5 मई एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव शुक्रवार को 2,59,435 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही यह गिरकर 2,50,746 रुपये प्रति किलो पर आ गया। इस तरह चांदी की कीमत में एक झटके में 8,689 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। Bihar Politics : नीतीश कुमार CM नहीं तो मैं भी नहीं! क्या अनंत सिंह ने लिया राजनीति से संन्यास का फैसला? 11 दिनों में 28 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती सबसे दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक तनाव के बावजूद चांदी की कीमतें लगातार टूट रही हैं। जब अमेरिका-ईरान संघर्ष (US–Iran conflict) की शुरुआत हुई थी, उससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को एमसीएक्स पर चांदी का भाव 2,82,644 रुपये प्रति किलो था। इसके बाद केवल 11 कारोबारी दिनों में चांदी लगभग 31,898 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। अगर चांदी के ऑल-टाइम हाई की बात करें तो 29 जनवरी को इसका वायदा भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। वहां से अब तक चांदी करीब 1,69,302 रुपये प्रति किलो तक गिर चुकी है। सोना भी तेजी से फिसला सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स पर सोमवार को Gold का भाव पिछले कारोबारी दिन के 1,58,466 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले गिरकर 1,52,222 रुपये तक आ गया। यानी 24 कैरेट सोना करीब 6,244 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। LPG Cylinder Crisis : गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब इन परिवारों को नहीं मिलेगा नया कनेक्शन हाई से अब तक 40 हजार रुपये सस्ता सोने का ऑल-टाइम हाई भी 29 जनवरी को दर्ज किया गया था, जब इसका भाव 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। उस स्तर से अब तक सोना करीब 40,874 रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं अमेरिका-ईरान तनाव शुरू होने के बाद 27 फरवरी को सोने का भाव 1,62,104 रुपये था, जो अब लगभग 9,882 रुपये गिर चुका है। निवेशकों के लिए क्या विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती, मुनाफावसूली और बड़े निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिल रही है। Bengal Election 2026 : चुनाव आयोग ने बंगाल के DGP को हटाया, जानें कौन बने नए पुलिस चीफ हालांकि बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है। इसलिए सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश करने से पहले किसी मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
Bihar Politics : नीतीश कुमार CM नहीं तो मैं भी नहीं! क्या अनंत सिंह ने लिया राजनीति से संन्यास का फैसला?

Bihar Politics : पटना। बिहार की राजनीति में चर्चित मोकामा विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। जेल में बंद अनंत सिंह ने साफ कहा है कि अगर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुख्यमंत्री नहीं रहे तो वह आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। अनंत सिंह ने यह बयान उस समय दिया जब वह राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए एम्बुलेंस से बिहार विधानसभा पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति पूरी तरह नीतीश कुमार के नेतृत्व से जुड़ी हुई है। LPG Cylinder Crisis : गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब इन परिवारों को नहीं मिलेगा नया कनेक्शन बेटे को चुनाव लड़ाने की तैयारी राजनीति से संन्यास लेने के सवाल पर अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि वह सक्रिय राजनीति से दूर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि उनके बेटे चुनावी मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा, “मैं राजनीति से संन्यास नहीं ले रहा हूं। जनता के लिए काम करता रहूंगा, लेकिन अब चुनाव मेरे बेटे लड़ेंगे।” किस मामले में जेल में हैं अनंत सिंह अनंत सिंह फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dularchand Yadav murder case) में जेल में बंद हैं। यह मामला विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है। इस घटना में अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर आरोप लगाए गए थे। दिलचस्प बात यह है कि जेल में रहते हुए भी उन्होंने विधानसभा चुनाव जीता था। बाद में अदालत से अनुमति मिलने के बाद वे विधानसभा पहुंचे और विधायक पद की शपथ ली थी। Raj Panchak 2026 : आज से लग रहे ‘राज पंचक’, जानिए क्यों माना जाता है इन्हे शुभ नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं राजनीतिक गलियारों में अनंत सिंह को लंबे समय से नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का करीबी माना जाता रहा है। यही वजह है कि उन्होंने अपने भविष्य के चुनाव लड़ने को भी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से जोड़ दिया है। बिहार में आज राज्यसभा चुनाव इस बीच बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पांच और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक उम्मीदवार मैदान में हैं। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेता नितिन नवीन समेत अन्य उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के बीच आया अनंत सिंह का यह बयान बिहार की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे रहा है।
LPG Cylinder Crisis : गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब इन परिवारों को नहीं मिलेगा नया कनेक्शन

LPG Cylinder Crisis : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच भारत सरकार ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, वे अब लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का घरेलू कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। नए नियम के अनुसार ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला गैस की सीमित आपूर्ति को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने और जरूरतमंद परिवारों तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए लिया गया है। LPG and Oil Crisis : गैस और तेल संकट जल्द होगा दूर, होर्मुज पार कर आये ये दो बड़े जहाज PNG और LPG दोनों कनेक्शन अब नहीं रख सकेंगे सरकार के आदेश के मुताबिक अब “एक घर- एक ईंधन” नीति लागू की जाएगी। इसका मतलब है कि जिन घरों में PNG की सुविधा है, उन्हें LPG सिलेंडर की रिफिल नहीं मिलेगी और नया कनेक्शन भी जारी नहीं किया जाएगा। सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) ऐसे घरों में LPG की आपूर्ति बंद करेंगी जहां पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है। क्यों लिया गया यह फैसला सरकार का मानना है कि एक ही घर में PNG और LPG दोनों कनेक्शन होने से गैस वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे आपूर्ति में असमानता और दुरुपयोग की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए सरकार चाहती है कि जिन घरों में पाइप्ड गैस उपलब्ध है, वे उसी का उपयोग करें, ताकि एलपीजी सिलेंडर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक अधिक मात्रा में पहुंच सके। Pakistan Afghanistan War : अफगान-पाकिस्तान ने एक दूसरे को तबाह करने पर अड़े! कंधार में एयर स्ट्राइक के बाद ताबड़तोड़ हमले ऊर्जा संकट की वजह से बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज (Strait of Hormuz) में बाधित समुद्री आपूर्ति के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इसका असर घरेलू गैस आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। देश के कई शहरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं और कुछ जगहों पर कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। Assembly Election 2026 : 5 राज्यों का चुनाव शेड्यूल जारी, जानिए बंगाल में 2 चरणों में क्यों हो रही वोटिंग? सरकार ने उठाए कई बड़े कदम सरकार ने गैस संकट से निपटने के लिए कई उपाय किए हैं। इसमें रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाना, आपूर्ति प्रणाली को बेहतर बनाना और नए आयात स्रोत तलाशना शामिल है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और उनके लिए पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है। ग्रामीण और गरीब परिवारों को मिलेगा फायदा सरकार का मानना है कि नए नियम से उन परिवारों को राहत मिलेगी जिनके पास PNG की सुविधा नहीं है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। Rajya Sabha Elections 2026 : जेल से राज्यसभा चुनाव में वोट करने पहुंचे अनंत सिंह, बोले- जहां मर्जी होगा वहां जाएंगे साथ ही सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केरोसिन की आपूर्ति भी बढ़ाई है, ताकि जरूरतमंद और बीपीएल परिवारों की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो सकें।
Raj Panchak 2026 : आज से लग रहे ‘राज पंचक’, जानिए क्यों माना जाता है इन्हे शुभ

Raj Panchak March 2026 : ज्योतिष शास्त्र में ‘पंचक’ को आमतौर पर सावधानी वाला समय माना जाता है, लेकिन जब पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है तो इसे ‘राज पंचक’ कहा जाता है। इस बार राज पंचक 16 मार्च 2026 सोमवार की शाम 6:14 बजे से शुरू होकर 20 मार्च की रात 2:28 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष के अनुसार यह पंचक धनिष्ठा नक्षत्र (Dhanishta Nakshatra) से शुरू होकर रेवती नक्षत्र (Revati Nakshatra) तक रहेगा। आमतौर पर पंचक के दौरान कुछ कामों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन राज पंचक को अपेक्षाकृत शुभ और सकारात्मक माना जाता है। LPG and Oil Crisis : गैस और तेल संकट जल्द होगा दूर, होर्मुज पार कर आये ये दो बड़े जहाज राज पंचक क्यों माना जाता है खास ‘राज’ शब्द का अर्थ है वैभव, सफलता और उन्नति। इसलिए ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राज पंचक राजसी सुख, पद-प्रतिष्ठा और आर्थिक प्रगति का संकेत देता है। इस दौरान किए गए कई कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक मानी जाती है। राज पंचक में कौन-से काम माने जाते हैं शुभ 1. सरकारी और प्रशासनिक कार्य सरकारी नौकरी से जुड़ा आवेदन, सरकारी फाइलों का काम या कोई लंबित प्रशासनिक प्रक्रिया इन दिनों में आगे बढ़ाना शुभ माना जाता है। 2. व्यापार और करियर में विस्तार नया कारोबार शुरू करना, व्यापार में निवेश या नई साझेदारी करने के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है। 3. जमीन-जायदाद से जुड़े फैसले संपत्ति खरीदने या बेचने जैसे निर्णय इस अवधि में लिए जा सकते हैं। हालांकि बड़े निवेश से पहले किसी जानकार ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर माना जाता है। Budh Nakshatra Parivartan : 10 मार्च को बुध का नक्षत्र परिवर्तन, इन राशियों पर पड़ेगा ज्यादा प्रभाव 4. पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना सोमवार से शुरू होने वाले पंचक भगवान शिव को समर्पित माने जाते हैं। इन दिनों शिव और भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और ध्यान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। 5. दान-पुण्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राज पंचक में जरूरतमंदों को दान देने से कई गुना पुण्य फल मिलता है और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इन कामों से बचने की सलाह ज्योतिष शास्त्र में पंचक के दौरान कुछ कार्यों से बचने की भी सलाह दी जाती है। घर में नया फर्नीचर बनवाना या लकड़ी खरीदना टालना चाहिए। घर की छत डालना या नई नींव रखना शुभ नहीं माना जाता। दक्षिण दिशा में नया निर्माण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। अनावश्यक विवाद, झगड़े और नकारात्मक विचारों से दूरी रखना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा शास्त्रों में यह भी माना गया है कि यदि पंचक के दौरान किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार करना पड़े तो विशेष शांति कर्म करने की परंपरा निभाई जाती है। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत कुल मिलाकर, 16 मार्च से शुरू हुआ यह राज पंचक सावधानी के साथ सही निर्णय लेने का समय माना जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सकारात्मक सोच, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के माध्यम से इस अवधि को शुभ और फलदायी बनाया जा सकता है।
LPG and Oil Crisis : गैस और तेल संकट जल्द होगा दूर, होर्मुज पार कर आये ये दो बड़े जहाज

LPG and Oil Crisis : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर शिवालिक एलपीजी कैरियर (Shivalik LPG Carrier) जल्द ही गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) पर पहुंचने वाला है। इस जहाज में 45 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लदी हुई है, जिससे देश में गैस आपूर्ति की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकला जहाज यह जहाज हाल ही में युद्ध प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel conflict) के कारण कई जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में फंस गए थे। भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों के बाद दो भारतीय एलपीजी जहाजों को वहां से निकलने की अनुमति मिली। इनमें से पहला जहाज ‘शिवालिक’ अब भारत पहुंचने वाला है, जबकि दूसरा जहाज नंदा देवी एलपीजी कैरियर (Nanda Devi LPG Carrier) 17 मार्च को कांडला पोर्ट (Kandla Port) पहुंचने की उम्मीद है। कच्चे तेल का टैंकर भी भारत के लिए रवाना इसी बीच भारतीय ध्वज वाला एक और तेल टैंकर जग लाडकी तेल टैंकर (Jag Laadki Oil Tanker) संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा से करीब 80,800 टन कच्चा तेल लेकर भारत के लिए सुरक्षित रवाना हो चुका है। इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में मदद मिलने की संभावना है। एक और भारतीय जहाज पार कर चुका है होर्मुज इसके अलावा भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग प्रकाश ऑयल टैंकर (Jag Prakash Oil Tanker) भी हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुका है। यह जहाज ओमान के सोहर पोर्ट से पेट्रोल लेकर तंजानिया के तांगा पोर्ट (Tanga Port) की ओर जा रहा है और 21 मार्च तक वहां पहुंचने की उम्मीद है। खाड़ी क्षेत्र में अभी भी कई भारतीय जहाज मौजूद सरकारी जानकारी के अनुसार फिलहाल फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं। सरकार इन सभी की सुरक्षा पर लगातार नजर रखे हुए है। ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा था असर भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और लगभग 60% एलपीजी आयात करता है। पश्चिम एशिया से भारत को बड़ी मात्रा में ऊर्जा मिलती है। हालिया संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति सीमित करनी पड़ी और होटल-रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मिलने वाली एलपीजी भी कम कर दी गई। ऐसे में एलपीजी से भरे भारतीय जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां लगातार समन्वय कर रही हैं।
Pakistan Afghanistan War : अफगान-पाकिस्तान ने एक दूसरे को तबाह करने पर अड़े! कंधार में एयर स्ट्राइक के बाद ताबड़तोड़ हमले

Pakistan Afghanistan War : इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में घुसकर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने पर हमला करने का दावा किया है। दोनों देशों के बीच यह टकराव डूरंड लाइन सीमा (Durand Line Border) पर हाल के महीनों में सबसे गंभीर माना जा रहा है। कंधार में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक पाकिस्तान ने रविवार रात अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में एयर स्ट्राइक की। इस सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन गजब लिल-हक” नाम दिया गया है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार के अनुसार, इन हमलों में उग्रवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अफगान तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का दावा है कि इन ठिकानों से उसके नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमलों की साजिश रची जा रही थी। सरकारी मीडिया के मुताबिक 14 और 15 मार्च की रात को हुए हमलों में कई तकनीकी ढांचे, हथियार भंडार और प्रशिक्षण केंद्रों को नष्ट कर दिया गया। Bengal Election 2026 : चुनाव आयोग ने बंगाल के DGP को हटाया, जानें कौन बने नए पुलिस चीफ तालिबान ने किया पलटवार अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के हमलों की पुष्टि तो की, लेकिन पाकिस्तान के दावों को खारिज कर दिया। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इन हमलों में किसी सैन्य ठिकाने को नहीं, बल्कि एक नशामुक्ति केंद्र और खाली कंटेनरों को नुकसान पहुंचा है। तालिबान ने इसके जवाब में दक्षिण वजीरिस्तान के वाना इलाके में एक पाकिस्तानी सैन्य कैंप पर हमला करने का दावा किया है। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ और कई सैन्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। कैसे शुरू हुआ नया टकराव दोनों देशों के बीच ताजा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर तीन ड्रोन भेजने का आरोप लगाया। पाकिस्तान का कहना है कि इन ड्रोनों को मार गिराया गया, लेकिन उनके मलबे से क्वेटा में दो बच्चों समेत कई नागरिक घायल हो गए। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “रेड लाइन” पार करना बताया और चेतावनी दी कि नागरिकों को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Assembly Election 2026 : 5 राज्यों का चुनाव शेड्यूल जारी, जानिए बंगाल में 2 चरणों में क्यों हो रही वोटिंग? भारी नुकसान का दावा पाकिस्तान ने दावा किया है कि अब तक की कार्रवाई में 684 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 900 से ज्यादा घायल हुए हैं। इसके अलावा 252 चौकियां नष्ट की गई हैं और 44 पर कब्जा कर लिया गया है। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक सैन्य कार्रवाई के दौरान 229 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें भी नष्ट कर दी गई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। मानवीय संकट का खतरा संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, हालिया संघर्ष में अफगानिस्तान में 185 नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें 56 लोगों की मौत शामिल है। लगातार हवाई हमलों और गोलाबारी के कारण करीब 1.15 लाख लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हुए हैं। Pi Day 2026 : आज Google Doodle में चमका रहा है पाई , जानें क्यों मनाया जाता है Pi Day पूरे क्षेत्र में बढ़ी चिंता पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 2,640 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन (Durand Line) सीमा है, जो लंबे समय से विवाद का केंद्र रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों ने जल्द तनाव कम करने के कदम नहीं उठाए, तो यह सीमा संघर्ष बड़े युद्ध में बदल सकता है। फिलहाल दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।