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Strait of Hormuz Blockade : होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से लागू, ईरान बोला- हम करेंगे नाकेबंदी पूरी तरह विफल

Strait of Hormuz Blockade

Strait of Hormuz Blockade : वॉशिंगटन डीसी। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अमेरिका आज से नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और भी बढ़ गया है।   .@POTUS: "Iran is in very bad shape — and just so you understand, Iran will NOT have a nuclear weapon… There is no way. They still want it, and they made that clear the other night. Iran will NOT have a nuclear weapon." pic.twitter.com/Q15kbX5y2Z — Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 13, 2026 ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि इस नाकेबंदी का मुख्य उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य देश भी इस अभियान में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं। Peace Talks Update : ईरान की जब्त संपत्ति पर अमेरिका का साफ इनकार, तीन-तरफा बातचीत पर सस्पेंस अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल नाकेबंदी के ऐलान का असर तुरंत वैश्विक बाजारों पर दिखाई दिया है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले पर कर रहा विचार इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले पर विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। बीते 24 घंटे अपडेट पिछले 24 घंटे में कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। ट्रम्प ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान की सैन्य मदद की तो उस पर 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं इज़राइल के मंत्री बेन गविर के अल-अक्सा मस्जिद (Al-Aqsa Mosque) दौरे पर जॉर्डन (Jordan) ने कड़ा विरोध जताया है और इसे भड़काऊ कदम बताया है। Iran-US Peace Talk : प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर PAK पहुंचे ईरानी लीडर, बोले- शांति की उम्मीद लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना होगा। इसके अलावा ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नाकेबंदी की घोषणा के बाद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। समुद्री खुफिया फर्म लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है या वापस लौट गए हैं। ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा यूएस ट्रम्प ने एक बार फिर दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव में है और खराब स्थिति में है, लेकिन अगर वह बातचीत के लिए लौटता है तो अमेरिका तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान बातचीत में नहीं आता है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। NATO को लेकर नाराजगी इसके अलावा ट्रम्प ने NATO को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि जरूरत के समय संगठन अमेरिका के साथ नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिका NATO पर भारी खर्च करता है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या अमेरिका की नाकेबंदी पूरी तरह होगी विफल वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वरिष्ठ नेता मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका की यह नाकेबंदी पूरी तरह विफल होगी और ईरान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेना अमेरिका को इस तरह की कार्रवाई की अनुमति नहीं देगी और उनके पास जवाब देने के कई विकल्प मौजूद हैं। कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

MP Road Accidents : एमपी में नहीं थम रहे सड़क हादसे, चालान के बावजूद बढ़ रही मौतें

MP Road Accidents

MP Road Accidents : भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। बीते वर्ष राज्य में 15,800 से अधिक लोगों की जान सड़क हादसों में गई। इन हादसों में सबसे ज्यादा प्रभावित दोपहिया वाहन चालक और सवार रहे, जिनकी हिस्सेदारी करीब 44 प्रतिशत है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने 10 लाख से ज्यादा चालान काटे, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई। Bhopal Respiratory Patients : भोपाल की हवा में जहर! एम्स और हमीदिया में मरीजों की भीड़ सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार है। करीब 75 प्रतिशत हादसे ओवरस्पीडिंग के कारण हो रहे हैं। इसके अलावा यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही भी बड़ी वजह बन रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर चालान किए जाने के बाद भी नियम तोड़ने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। इससे साफ है कि लोग अब भी सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कौन-से साल कितनी मौतें सड़क हादसों में मौतों के साथ-साथ घायलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2024 में 14,791 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई। पिछले वर्षों के आंकड़े भी इस बढ़ते खतरे की ओर इशारा करते हैं। Shivpuri Road Accident : शिवपुरी में भीषण सड़क हादसा! टेंपो के ऊपर पलटा ट्रक, 4 की दर्दनाक मौत, एक घायल वर्ष 2020 में 45,266 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11,141 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2021 में 48,877 दुर्घटनाएं और 12,057 मौतें दर्ज की गईं। वर्ष 2022 में 54,432 हादसे हुए और 13,427 लोगों की जान गई। वर्ष 2023 में 55,327 दुर्घटनाएं और 13,798 मौतें सामने आईं। वर्ष 2024 में 56,669 दुर्घटनाएं और 14,791 मौतें दर्ज की गईं। इन आंकड़ों से साफ है कि हर साल दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। ब्लैक स्पॉट्स भी एक बड़ा कारण सड़क दुर्घटनाओं के पीछे ब्लैक स्पॉट्स यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्र भी एक बड़ी वजह हैं। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस की कमी भी स्थिति को और गंभीर बना रही है। प्रदेश में जरूरत के मुकाबले लगभग आधे पुलिसकर्मी ही तैनात हैं, जिससे प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा कदम उठाने के दावे किए जा रहे हैं। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के अनुसार, हादसों को रोकने और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए निगम और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं। Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल हर साल 50 से 80 हजार चालान कट रहे हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना भी मौतों का एक बड़ा कारण है। हर साल 50 से 80 हजार चालान केवल हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने पर काटे जाते हैं। इसके बावजूद लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। हाल ही में मंडला जिले में दो बाइकों की टक्कर में तीन युवकों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पष्ट है कि केवल चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत है कि लोग खुद जागरूक बनें, यातायात नियमों का पालन करें, तेज रफ्तार से बचें और हेलमेट व सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों को अपनाएं। तभी इन दर्दनाक हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है।

Bhopal Respiratory Patients : भोपाल की हवा में जहर! एम्स और हमीदिया में मरीजों की भीड़

Bhopal Respiratory Patients

Bhopal Respiratory Patients : मध्य प्रदेश। भोपाल शहर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और इसका सीधा असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि हर तीसरा मरीज सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहा है। यह समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि बच्चे और युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ महीनों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। ओपीडी में मरीजों की बढ़ी संख्या शहर के अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या ने डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ा दी है। हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यही कारण है कि बड़े सरकारी अस्पतालों में श्वसन संबंधी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। Peace Talks Update : ईरान की जब्त संपत्ति पर अमेरिका का साफ इनकार, तीन-तरफा बातचीत पर सस्पेंस एम्स में श्वसन रोगियों की ओपीडी में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं हमीदिया अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। जेपी अस्पताल में सांस और एलर्जी के मामलों में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि बीएमएचआरसी की ओपीडी में भी करीब 25 प्रतिशत तक मरीज बढ़े हैं। क्या बोले सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रदूषण के प्रभाव धीरे-धीरे सामने आते हैं, लेकिन लंबे समय में यह गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी और फेफड़ों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। MP Leopard Deaths : एमपी में तेंदुओं की मौत पर चौंकाने वाले आंकड़े, 14 महीनों में 149 की मौत उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का उपयोग करें, प्रदूषण के उच्च स्तर के समय बाहर जाने से बचें और घर के अंदर स्वच्छ हवा बनाए रखने का प्रयास करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। धूल और धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता खराब शहर में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। लगातार बढ़ते निर्माण कार्य, वाहनों की संख्या में वृद्धि और घटती हरियाली को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। धूल और धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है और पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक होता जा रहा है। इस मामले में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि भोपाल राजधानी होने के कारण यहां विकास कार्य लगातार चलते रहते हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और ग्रीन नेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में अधिक धूल उड़ती है, वहां पानी का छिड़काव भी कराया जाएगा ताकि एयर क्वालिटी इंडेक्स को सामान्य बनाए रखा जा सके। SSC GD Constable Exam : परीक्षा की तारीखें घोषित, जानिए कब होगा आपका एग्जाम! बड़े पैमाने पर निजी निर्माण कार्य जारी वर्तमान में शहर में मेट्रो निर्माण, फ्लाईओवर, सड़क परियोजनाएं और बड़े पैमाने पर निजी निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन गतिविधियों के चलते लगातार धूल उड़ रही है और भारी मशीनों के उपयोग से प्रदूषण बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। निर्माण कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई ने भी समस्या को बढ़ाया है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। साफ हवा के लिए प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Peace Talks Update : ईरान की जब्त संपत्ति पर अमेरिका का साफ इनकार, तीन-तरफा बातचीत पर सस्पेंस

Peace Talks Update

Peace Talks Update : पाकिस्तान। इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पहले कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। वार्ता शुरू होने में अभी दिक्कतें आ रही हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं, लेकिन चार घंटे बाद भी सीधी बातचीत शुरू नहीं हुई है। अमेरिकी टीम में जेडी वेंस और जेरेड कुशनर शामिल हैं। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने ईरान की जब्त संपत्ति को रिलीज करने से साफ इनकार कर दिया है। Iran-US Peace Talk : प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर PAK पहुंचे ईरानी लीडर, बोले- शांति की उम्मीद लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं जब्त संपत्ति को रिलीज करने की खबर को बताया गलत इस बीच, व्हाइट हाउस ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका ईरान की जब्त संपत्ति को रिलीज करने के लिए तैयार है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कतर और अन्य देशों में जमा ईरान के फंड को अमेरिका वापस करने वाला है, लेकिन अमेरिका ने इसे गलत बताया है। बिना भरोसे के किसी सीधी वार्ता में शामिल नहीं होगा ईरान ने साफ कर दिया है कि बिना भरोसे के वह किसी भी सीधी वार्ता में शामिल नहीं होगा। ईरान की दो बड़ी शर्तें हैं – पहली, लेबनान पर इजराइली हमले तुरंत रोक दिए जाएं और वहां सीजफायर लागू हो। दूसरी, कतर और अन्य देशों के बैंकों में फंसे ईरान के अरबों डॉलर के फंड रिलीज किए जाएं। अमेरिका ने इन फंड्स को रिलीज करने से इनकार कर दिया है। US Iran Ceasefire Update : ईरान ने US से शांति वार्ता से किया किनारा, लेबनान में सीजफायर की शर्त पर अड़ा पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर रहा है। फिलहाल तीन-तरफा बैठक की संभावना है, लेकिन यह पूरी तरह ईरान की शर्तों पर निर्भर करती है। गालिबाफ का भावुक संदेश इस्लामाबाद पहुंचने के बाद गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें स्कूल बैग और बच्चों के जूते दिखाए गए। यह फरवरी में ईरान के मिनाब शहर में स्कूल पर हुए हमले की याद दिलाता है, जिसमें 168 लोगों की मौत हुई थी। होर्मुज संकट का असर इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के कारण 60 से ज्यादा तेल टैंकर अमेरिका के गल्फ कोस्ट की ओर बढ़ रहे हैं। इससे वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है। पिछले 24 घंटे के अहम अपडेट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर कार्रवाई कर सकता है। जेडी वेंस ने अच्छे नतीजों की उम्मीद जताई, लेकिन ईरान को सावधानी बरतने की सलाह दी। 14 अप्रैल को लेबनान और इजराइल के बीच भी सीजफायर वार्ता प्रस्तावित है। लेबनान में इजराइली हमलों में अब तक 1,953 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 6,303 घायल हुए हैं। Silver Gold Prices Today : सोने -चांदी के दामों में तेजी! चांदी 2.40 लाख पार, सोना भी 1.50 लाख क्रॉस सबसे बड़ी चुनौती दोनों पक्षों के बीच भरोसे की भारी कमी है। ईरान का कहना है कि अमेरिका पहले भी कई वादे तोड़ चुका है। ऐसे में बातचीत आगे बढ़ पाएगी या नहीं, यह अभी अनिश्चित है। पाकिस्तान इस कूटनीतिक प्रयास को सफल बनाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि इसका असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। अमेरिकी उप राष्ट्रपति और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मुलाक़ात  

Shivpuri Road Accident : शिवपुरी में भीषण सड़क हादसा! टेंपो के ऊपर पलटा ट्रक, 4 की दर्दनाक मौत, एक घायल

Shivpuri Road Accident

Shivpuri Road Accident : शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड पर तेज रफ्तार ट्रक के पलटने से एक टेंपो उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। मृतकों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। MP Leopard Deaths : एमपी में तेंदुओं की मौत पर चौंकाने वाले आंकड़े, 14 महीनों में 149 की मौत राजगढ़ जा रहे थे टेंपो सवार जानकारी के अनुसार, टेंपो में सवार पांच लोग शिवपुरी से राजगढ़ जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और पास से गुजर रहे टेंपो पर गिर गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो पूरी तरह से कुचल गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। SSC GD Constable Exam : परीक्षा की तारीखें घोषित, जानिए कब होगा आपका एग्जाम! शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, सिविल सर्जन बी.एस. यादव और मृतकों के परिजनों के बयान भी सामने आए हैं, जिनमें हादसे को बेहद दुखद बताया गया है।

MP Leopard Deaths : एमपी में तेंदुओं की मौत पर चौंकाने वाले आंकड़े, 14 महीनों में 149 की मौत

MP Leopard Deaths

MP Leopard Deaths : भोपाल। मध्य प्रदेश में तेंदुओं की मौत को लेकर सामने आए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 से 14 महीनों में राज्य में 149 तेंदुओं की मौत दर्ज की गई है। सड़क हादसों में गई जान RTI के जरिए सामने आए डेटा के मुताबिक, इन मौतों में सबसे बड़ा कारण सड़क हादसे हैं। कुल मौतों में से 31 प्रतिशत तेंदुओं की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई है। इनमें से 19 तेंदुओं की मौत हाईवे पर हुई है, जो वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। Kuno Cheetah Gamini : कूनो में ‘गामिनी’ ने दिया 3 शावकों को जन्म, चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 38 RTI में हुआ चौकानें वाला खुलासा RTI आवेदन दाखिल करने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कहा कि ये आंकड़े एक गंभीर स्थिति को उजागर करते हैं। वहीं, वन विभाग का कहना है कि तेंदुओं की मौत को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा कि करीब 4 प्रतिशत की मृत्यु दर तेंदुओं के लिए स्वीकार्य सीमा के भीतर मानी जाती है। इस बीच, फरवरी 2024 में जारी “भारत में तेंदुओं की स्थिति 2022” रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा तेंदुए पाए जाते हैं। राज्य में तेंदुओं की संख्या 3907 है। इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का स्थान आता है। Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल 2018 में राज्य में 3421 थे लेपर्ड वहीं, साल 2018 में मध्य प्रदेश में तेंदुओं की संख्या 3421 दर्ज की गई थी। इससे स्पष्ट है कि राज्य में तेंदुओं की आबादी में वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही उनकी मौत के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। कुल मिलाकर, आंकड़े यह संकेत देते हैं कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं तेंदुओं के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं, और वन्यजीव संरक्षण के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

Yamuna Steamer Accident : यमुना नाव हादसे में अब तक 11 की मौत, 4 अब भी लापता, रेस्क्यू में जुटे 250 गोताखोर

Yamuna Steamer Accident

Yamuna Steamer Accident : उत्तर प्रदेश। वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। शनिवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी समेत करीब 250 लोगों की टीम 14 किलोमीटर के दायरे में लापता लोगों की तलाश कर रही है। 24 घंटे बाद शव ऊपर आने की आशंका रेस्क्यू के दौरान एक शव देवरहा बाबा घाट के पास से बरामद किया गया। बेटे की लाश देखकर बुजुर्ग पिता की हालत खराब हो गई और वे रो पड़े। परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें संभाला। अधिकारियों के मुताबिक, यमुना नदी का तेज बहाव रेस्क्यू में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। संभावना है कि लापता लोग बहकर दूर चले गए हों या नदी की गाद और रेत में दब गए हों। ऐसे में 24 घंटे बाद शव ऊपर आने की भी आशंका जताई जा रही है। यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। यह घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित है। Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल मजदूरों और अन्य नाविकों ने कुछ लोगों को बचाया प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव की क्षमता 40 लोगों की थी, लेकिन किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जिस जगह हादसा हुआ, वहां करीब 25 फीट गहरा पानी था। हादसे के समय पांटून पुल की मरम्मत कर रहे मजदूरों और अन्य नाविकों ने कुछ लोगों को बचाया, जिसके बाद प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद को हादसे के करीब 6 घंटे बाद रात 9 बजे हिरासत में ले लिया। नाव उसी की थी और वह श्रद्धालुओं को जुगल घाट से लेकर आया था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया था। Vande Mataram Controversy : रुबीना इकबाल पर नहीं हुई कार्रवाई तो पटवारी दे दें इस्तीफा… वंदे मातरम विवाद पर बोले CM तेज हवा की वजह से डगमगाने लगी नाव प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय तेज हवा चल रही थी। एक बचे हुए युवक ने बताया कि नाव तट से करीब 50 फीट दूर थी और हवा की रफ्तार लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तेज हवा के कारण नाव डगमगाने लगी और नाविक का नियंत्रण छूट गया। यात्रियों ने नाव रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने नहीं सुना। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर के बाद नाव पलट गई। पंजाब के रहने वाले थे सभी श्रद्धालु इस हादसे में मरने वाले सभी 11 श्रद्धालु पंजाब के रहने वाले थे। इनमें अंजू गुलाटी, सपना हंस, राकेश गुलाटी, कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल, ईशान कटारिया, मीनू बंसल, आशा रानी और मानिक टंडन शामिल हैं। Modi-Rahul Viral Video : संसद परिसर में राहुल गांधी से मिले PM नरेंद्र मोदी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रद्धालु गुरुवार को लुधियाना के जगराओं से ‘श्री बांके बिहारी क्लब’ के साथ दो बसों में वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। यह चार दिन की धार्मिक यात्रा थी। मृतकों में एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं, जिससे पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। फिलहाल, रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।

SSC GD Constable Exam : परीक्षा की तारीखें घोषित, जानिए कब होगा आपका एग्जाम!

SS CGD Constable Exam 2026

SSC GD Constable Exam : नई दिल्ली। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) ने SSC GD 2026 की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर दी है। आयोग ने लिखित परीक्षा की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, SSC GD 2026 की लिखित परीक्षा 27 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में अलग-अलग शिफ्ट में कराई जाएगी। चार हफ्तों में होगी परीक्षा आयोग ने परीक्षा को चार मुख्य हफ्तों में विभाजित किया है। पहला हफ्ता 27 अप्रैल से 2 मई तक चलेगा। दूसरा हफ्ता 4 मई से 9 मई तक रहेगा। तीसरा हफ्ता 18 मई से 23 मई तक निर्धारित किया गया है। वहीं, चौथा और अंतिम हफ्ता 24 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल पहली बार मिला वीक चुनने का विकल्प SSC ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए एक नई पहल की है। अब अभ्यर्थी अपनी पसंद के अनुसार परीक्षा का वीक चुन सकते हैं। इससे परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम होगी और यात्रा से जुड़ी परेशानियां भी घटेंगी। इसके लिए उम्मीदवारों को SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा और चारों हफ्तों के लिए अपनी वरीयता (Preference Order) दर्ज करनी होगी। यह सुविधा 11 अप्रैल 2026 दोपहर 3 बजे से 15 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी। यदि कोई उम्मीदवार तय समय के भीतर अपनी वरीयता दर्ज नहीं करता है, तो आयोग अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा का वीक आवंटित करेगा। Vande Mataram Controversy : रुबीना इकबाल पर नहीं हुई कार्रवाई तो पटवारी दे दें इस्तीफा… वंदे मातरम विवाद पर बोले CM किन बलों में होगी भर्ती इस भर्ती के जरिए कई अर्धसैनिक बलों में नियुक्ति की जाएगी। इसमें BSF, CISF, SSB, ITBP, SSF (सचिवालय सुरक्षा बल) और असम राइफल्स में राइफलमैन (GD) के पद शामिल हैं। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें। एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और शिफ्ट से जुड़ी जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। साथ ही, परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले जरूरी दस्तावेज जैसे एडमिट कार्ड और पहचान पत्र से जुड़े निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। Modi-Rahul Viral Video : संसद परिसर में राहुल गांधी से मिले PM नरेंद्र मोदी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल तैयारी के लिए टिप्स परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए उम्मीदवारों को पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और मॉक टेस्ट का अभ्यास करना चाहिए। चूंकि परीक्षा ऑनलाइन होगी इसलिए कंप्यूटर पर प्रश्न हल करने की गति बढ़ाना जरूरी है। इसके अलावा, पिछले 6 से 8 महीनों के करेंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान देना भी फायदेमंद रहेगा।

Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल

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Indore Rape Case : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिला कोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवाह का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है। जन्मदिन पार्टी में हुई थी मुलाकात जानकारी के अनुसार, पीड़िता पहले जबलपुर में अकाउंटेंट के रूप में काम करती थी। साल 2021 में इंदौर में एक सहेली की जन्मदिन पार्टी के दौरान उसकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच पहचान बढ़ी और सितंबर 2021 में पीड़िता इंदौर आकर रहने लगी। करीब एक माह बाद आरोपी ने पीड़िता से संपर्क कर नौकरी की जरूरत बताई। पीड़िता ने अपने कंपनी मालिक से बात कर उसे एक फर्नीचर फैक्ट्री में काम दिलवाया। Vande Mataram Controversy : रुबीना इकबाल पर नहीं हुई कार्रवाई तो पटवारी दे दें इस्तीफा… वंदे मातरम विवाद पर बोले CM आरोपी ने इंदौर में दिलवाया रूम 1 मार्च 2022 को कार्यस्थल पर विवाद होने के बाद पीड़िता ने नौकरी छोड़ दी और जबलपुर लौटने की तैयारी करने लगी। इसी दौरान आरोपी ने उसे जाने से रोका और इंदौर में किराए का कमरा दिलवाया। बाद में आरोपी खुद भी उसी कमरे में रहने लगा। आरोपी ने विवाह का झांसा देकर पीड़िता के साथ करीब तीन माह तक शारीरिक संबंध बनाए। 25 जून 2022 तक दोनों साथ रहे। इसके बाद आरोपी जबलपुर चला गया। Modi-Rahul Viral Video : संसद परिसर में राहुल गांधी से मिले PM नरेंद्र मोदी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल आरोपी की पहले से तय थी सगाई जब पीड़िता ने उससे संपर्क किया, तो आरोपी ने बताया कि उसकी सगाई पहले से तय है और वह विवाह नहीं कर सकता। पीड़िता ने आरोपी के परिजनों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी विवाह से इनकार कर दिया गया। धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने आजाद नगर थाना में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। Yamuna Steamer Accident : 30 टूरिस्ट से भरा स्टीमर यमुना में डूबा, 9 की मौत लापता की तलाश जारी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी एजीपी जयंत दुबे ने की।

Vande Mataram Controversy : रुबीना इकबाल पर नहीं हुई कार्रवाई तो पटवारी दे दें इस्तीफा… वंदे मातरम विवाद पर बोले CM

Vande Mataram Controversy

Vande Mataram Controversy : भोपाल, मध्य प्रदेश। इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि नगर परिषद में एक कांग्रेस पार्षद का ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जीतू पटवारी को इस्तीफा दे देना चाहिए। देशभक्तों के बलिदान का किया अपमान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) और राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके सदस्यों को इस तरह का व्यवहार करने के लिए क्यों प्रोत्साहित किया जाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह की घटनाएं देशभक्तों के बलिदान का अपमान करती हैं। Vande Mataram Controversy : हम बताने के लिए बाध्य नहीं… रूबीना इकबाल मामले में पटवारी के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी आज़ादी से पहले कांग्रेस ने इसके 5 छंद हटाए सीएम ने प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों को अपनाकर देश का दिल जीता है, जबकि कांग्रेस आज भी अपने दोहरे मापदंडों में फंसी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी से पहले भी कांग्रेस ने इसके पाँच छंद हटा दिए थे। जीतू पटवारी दे दें इस्तीफा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस से मांग की कि वह इस तरह के व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जीतू पटवारी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि नगर निगम परिषद में ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करना एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इस तरह का व्यवहार कांग्रेस प्रतिनिधियों के चरित्र पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने क्या है पूरा मामला? दरअसल, इंदौर नगर निगम में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। सभापति के निर्देश पर जब इसे गाने के लिए कहा गया, तो पार्षद फौजिया शेख अलीम ने संबंधित नियम दिखाने की मांग की। इसके बाद रूबीना इकबाल के तीखे बयान ने पूरे मामले को और अधिक बढ़ा दिया। क्या बोलीं रुबीना इकबाल रुबीना इकबाल (Rubina Iqbal) ने कहा कि वे ‘जन गण मन’ और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे गीत गाती हैं, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ बोलना उनके धर्म में मना है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में केवल एक अल्लाह की इबादत करने का नियम है। उनके अनुसार ‘वंदे’ का अर्थ इबादत करना और ‘मातरम’ का अर्थ धरती मां होता है, इसलिए वे इसे नहीं बोल सकतीं। ‘वंदे मातरम्’ कहने पर दोजख की आग में जलना पड़ता है। Vande Mataram Controversy : वंदे मातरम बोलेंगे तो दोजख की आग में जलेंगे… पार्षद रुबीना इकबाल का विवादित बयान क्या बोले जीतू पटवारी भोपाल में जब मीडिया ने जीतू पटवारी से इस मामले में सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि देश और कांग्रेस दोनों के संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का महत्व स्पष्ट है और पार्टी को किसी से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। कार्रवाई के समय को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वे इसके लिए बाध्य नहीं हैं कि कब निर्णय लिया जाएगा।