Aayudh

MP Final Voter List : आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट, 42 लाख नाम कटे; भोपाल की दो सीटों पर सबसे ज्यादा असर

MP Final Voter List

हाइलाइट्स SIR की आज होगी अंतिम सूची जारी स्थिति हो जाएगी साफ किस विधानसभा में कितने कटे वोट राजधानी भोपाल की दो विधानसभा में 2 लाख वोटर हुए कम MP Final Voter List : भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और आज अंतिम फोटोयुक्त वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इस सूची के जारी होते ही यह साफ हो जाएगा कि किस विधानसभा क्षेत्र में कितने वोट कम हुए हैं। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए तैयार की गई इस सूची का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। Red Fort Blast Thread : लाल किले के पास ब्लास्ट की धमकी, चांदनी चौक में बढ़ाई सभी मंदिरों की सुरक्षा प्रदेश में 42 लाख से ज्यादा नाम हटाए SIR के दौरान पूरे मध्य प्रदेश में 42 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं। इनमें मृतक, दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके, लंबे समय से अनुपस्थित, डुप्लिकेट और अयोग्य पाए गए नाम शामिल हैं। वहीं नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए 1 लाख 69 हजार 573 आवेदन मिले थे, जिनमें पात्र पाए गए लोगों के नाम अंतिम सूची में शामिल कर लिए गए हैं। भोपाल की दो विधानसभा में सबसे ज्यादा वोट कम राजधानी भोपाल में इस पुनरीक्षण का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। शहर की सातों विधानसभा सीटों पर बड़ी संख्या में नाम कटे हैं। भोपाल मध्य विधानसभा और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा भोपाल में सबसे अधिक वोट कम हुए हैं। Rahul Gandhi Bhopal Visit : 24 फरवरी को भोपाल आएंगे राहुल गांधी, किसान सम्मेलन में ट्रेड डील को लेकर घेरेंगे सरकार बताया जा रहा है कि गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्रों में मिलाकर करीब 2 लाख नाम हटाए गए हैं। वहीं हुजूर में भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं, जबकि बैरसिया में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहा। SIR की पूरी टाइमलाइन ड्राफ्ट सूची जारी: दिसंबर 2025 (42.74 लाख नाम चिन्हित) दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया: जनवरी–फरवरी 2026 अंतिम सूची का प्रकाशन: 21 फरवरी 2026 Communal Unrest : MP, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव, धारा 144 लागू; जानिए क्या है पूरा मामला ऐसे चेक करें अपना नाम मतदाता ceoelection.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद अब राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि उनके क्षेत्र में कितने वोट बढ़े या घटे हैं और इसका चुनावी गणित पर क्या असर पड़ेगा।

Red Fort Blast Thread : लाल किले के पास ब्लास्ट की धमकी, चांदनी चौक में बढ़ाई सभी मंदिरों की सुरक्षा

Bomb Threats

हाइलाइट्स दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के IED हमले की खुफिया जानकारी मिली। लाल किला क्षेत्र और चांदनी चौक मंदिर मुख्य निशाने पर। अतिरिक्त पुलिस, चेकिंग और निगरानी बढ़ाई गई। Red Fort Blast Thread : दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा लाल किले के आसपास धमाके की साजिश रच रहा है। खास तौर पर चांदनी चौक के एक प्रमुख मंदिर को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। Rahul Gandhi Bhopal Visit : 24 फरवरी को भोपाल आएंगे राहुल गांधी, किसान सम्मेलन में ट्रेड डील को लेकर घेरेंगे सरकार IED हमले की साजिश की आशंका सूत्रों के अनुसार आतंकी IED के जरिए हमला करने की योजना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि 6 फरवरी को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। लाल किला और आसपास के इलाकों में कड़ी निगरानी अलर्ट मिलते ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने लाल किला, चांदनी चौक और आसपास के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। Rahul Meets Ramchet Family : सुल्तानपुर में मोची रामचेत के परिवार से मिले राहुल, बेटी के इलाज का किया वादा बड़े मंदिर को निशाना बनाने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर देश के बड़े मंदिर हो सकते हैं। खासकर चांदनी चौक का मंदिर संभावित टारगेट माना जा रहा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। पहले भी हो चुका है धमाका गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। धमाके के बाद देशभर में छापेमारी कर कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। Supreme Court : बाबरी मस्जिद नाम पर बैन नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, जानिए पूरा मामला पाकिस्तान में जुमे की नमाज के दौरान हुआ था हमला 6 फरवरी को इस्लामाबाद के शहजाद टाउन इलाके में स्थित टेरलाई इमाम बारगाह में जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती हमला हुआ था। इस धमाके में कई लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे।

Trump 10% Global Tariff : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द किए, फिर भी ट्रंप ने लगाया 10% वैश्विक टैरिफ

Trump 10% Global Tariff

हाइलाइट्स सुप्रीम कोर्ट फैसले के घंटों बाद 10% ग्लोबल टैरिफ लागू। 150 दिनों तक टैरिफ चलेगा, जांच के बाद बदलाव संभव। IEEPA अधिकार खारिज, ट्रंप ने अन्य धाराओं का रास्ता चुना। Trump 10% Global Tariff : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापारिक नीतियों को लेकर न्यायपालिका के साथ सीधी टक्कर ले ली है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर ट्रंप ने ओवल ऑफिस से नया कार्यकारी आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के तहत अब दुनिया के सभी देशों से अमेरिका आने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा। Donald Trump Tariff : ट्रंप का बड़ा ऐलान- भारत पर टैरिफ 50% से घटकर 18%, रूसी तेल खरीद बंद करने पर सहमति सोशल मीडिया पर दी जानकारी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस नए वैश्विक टैरिफ पर हस्ताक्षर करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत यह कदम उठाने की बात कही थी और संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर शुल्क इससे ज्यादा भी हो सकता है। 150 दिनों तक लागू रहेगा टैरिफ ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लगाया गया यह टैरिफ करीब 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान अमेरिकी प्रशासन अलग-अलग देशों पर उचित टैरिफ तय करने के लिए जांच करेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ खराब व्यापारिक व्यवहार करने वाले देशों पर ज्यादा शुल्क लगाया जा सकता है, जबकि अन्य देशों को राहत मिल सकती है। India US Trade Deal : चाय, कॉफी, स्मार्टफोन, केला-अमरूद पर 0% टैरिफ, मंत्री पीयूष गोयल ने बताई पूरी लिस्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ा विवाद दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ने 6-3 के फैसले में 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत बिना कांग्रेस की मंजूरी टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति के अधिकार को खारिज कर दिया था। ट्रंप ने इस फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उनके पास अभी भी कई कानूनी विकल्प मौजूद हैं। अन्य धाराओं के तहत भी नए टैरिफ की तैयारी ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी धारा 232 और अनुचित व्यापार प्रथाओं से संबंधित धारा 301 के तहत भी नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि धारा 301 के तहत नई जांचों का ब्यौरा जल्द जारी किया जाएगा। Rahul Gandhi on India-US Trade Deal : अडाणी केस और एपस्टीन फाइल्स से PM डरे, ट्रेड डील पर LoP राहुल गांधी 175 अरब डॉलर के टैरिफ पर अनिश्चितता सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिछले साल वसूले गए करीब 175 अरब डॉलर के टैरिफ राजस्व को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। ट्रंप का कहना है कि यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया में जा सकता है। वहीं ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भरोसा जताया कि नए टैरिफ से 2026 में राजस्व पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कुल मिलाकर, ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका में न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव और वैश्विक व्यापार पर असर की चर्चा तेज हो गई है।

Rahul Gandhi Bhopal Visit : 24 फरवरी को भोपाल आएंगे राहुल गांधी, किसान सम्मेलन में ट्रेड डील को लेकर घेरेंगे सरकार

Rahul Gandhi Bhopal Visit

Rahul Gandhi Bhopal Visit : मध्य प्रदेश। भोपाल में कांग्रेस पार्टी 24 फरवरी को बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। दोनों वरिष्ठ नेता किसानों से सीधे संवाद करेंगे और केंद्र सरकार की नीतियों पर पार्टी का पक्ष रखेंगे। Hemant Katare Resigns : सिर्फ पद से छोड़ा है, पार्टी नहीं…हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से दिया इस्तीफा ट्रेड डील के बाद देशभर में सम्मेलन का फैसला कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार की ट्रेड डील को लेकर देशभर में किसान सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। इसी बैठक में किसान सम्मेलन के जरिए किसानों तक पहुंचने की रणनीति तय की गई। बैठक में कई बड़े नेता रहे मौजूद दिल्ली में हुई इस बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, सभी राज्यों के पीसीसी चीफ और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भी मौजूद रहे। बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा की गई और आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी विचार किया गया। MP Assembly Session : मध्य प्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मुद्दे पर नहीं हुई चर्चा, नाराज विपक्षका वॉकआउट किसानों के मुद्दों पर होगा फोकस भोपाल में होने वाला यह सम्मेलन किसानों की समस्याओं, कृषि से जुड़े फैसलों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कांग्रेस की बात रखने का बड़ा मंच माना जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य इस कार्यक्रम के जरिए किसानों को अपने पक्ष में लामबंद करना और उनकी आवाज को मजबूती से उठाना है।

Hemant Katare Resigns : सिर्फ पद से छोड़ा है, पार्टी नहीं…हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से दिया इस्तीफा

Hemant Katare Resigns

हाइलाइट्स हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ा। खड़गे, पटवारी और सिंगार को त्यागपत्र सौंपा। सिर्फ पद छोड़ा, कांग्रेस से जुड़ाव जारी रहेगा। Hemant Katare Resigns : मध्य प्रदेश। भोपाल में एमपी कांग्रेस से जुड़ी एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष रहे हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की जानकारी प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से आधिकारिक रूप से दी गई। Rahul Meets Ramchet Family : सुल्तानपुर में मोची रामचेत के परिवार से मिले राहुल, बेटी के इलाज का किया वादा शीर्ष नेतृत्व को सौंपा इस्तीफा हेमंत कटारे ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को सौंपा है। इस संबंध में कांग्रेस के संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने जानकारी साझा की। इस्तीफे की वजह बताई पारिवारिक जिम्मेदारियां डॉ. संजय कामले के अनुसार, हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में पारिवारिक दायित्वों और समय की कमी का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने विधानसभा क्षेत्र को उतना समय और ध्यान नहीं दे पा रहे थे, जितनी अपेक्षा थी। इसी कारण उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र देना उचित समझा। MP Assembly Session : मध्य प्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मुद्दे पर नहीं हुई चर्चा, नाराज विपक्षका वॉकआउट पार्टी की सदस्यता बरकरार संगठन महासचिव ने स्पष्ट किया कि यह इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, पार्टी से नहीं। हेमंत कटारे कांग्रेस पार्टी के साथ पहले की तरह जुड़े रहेंगे और पूरी निष्ठा से संगठन के लिए काम करते रहेंगे। अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष पर डॉ. संजय कामले ने बताया कि हेमंत कटारे का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम निर्णय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवेक पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस पर शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

Rahul Meets Ramchet Family : सुल्तानपुर में मोची रामचेत के परिवार से मिले राहुल, बेटी के इलाज का किया वादा

Rahul Meets Ramchet Family

Rahul Meets Cobbler Ramchet Family : उत्तर प्रदेश। सुल्तानपुर में एमपी-एमएलए कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद लौटते समय कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का काफिला एक बार फिर मोची रामचेत की दुकान पर रुका। इस दौरान राहुल गांधी ने दिवंगत रामचेत के परिजनों से मुलाकात की, उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने रामचेत की बेटी के इलाज में सहयोग करने की भी बात कही। पहले भी की थी मुलाकात दरअसल, पिछले साल जब राहुल गांधी मानहानि मामले में बयान देने सुल्तानपुर की दीवानी कोर्ट पहुंचे थे, तब लौटते समय उनका काफिला कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर अचानक रुक गया था। वहां वे मोची रामचेत की छोटी सी दुकान पर पहुंचे थे। राहुल ने उनसे जूते-चप्पल सिलाई का काम समझा और उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में बातचीत की। उस समय रामचेत ने अपनी परेशानियों और संघर्ष की कहानी साझा की थी। MP Assembly Session : मध्य प्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मुद्दे पर नहीं हुई चर्चा, नाराज विपक्षका वॉकआउट गांधी परिवार के लिए बनाए थे जूते मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने रामचेत के घर जूते-चप्पल बनाने की मशीन और कच्चा माल भिजवाया। इसके बाद रामचेत ने अपने हाथों से पूरे गांधी परिवार के लिए जूते-चप्पल तैयार किए। इतना ही नहीं दिल्ली जाकर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को भेंट भी किया। इस मुलाकात और यात्रा की व्यवस्था भी राहुल गांधी ने ही करवाई थी। Anganwadi Salary Increase : आंगनबाड़ी महिलाओं को सीएम का तोहफा, मानदेय बढ़ाने की घोषणा बीमारी में भी मिला सहयोग राहुल गांधी से मुलाकात के बाद रामचेत की दुकान अच्छी चलने लगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो गई। जानकारी मिलने पर राहुल गांधी ने अपने स्तर पर उनके इलाज में आर्थिक मदद की। हालांकि इलाज के बावजूद रामचेत को बचाया नहीं जा सका और उनका निधन हो गया। Youth Congress Protest : AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, भारत मंडपम में की जमकर नारेबाजी परिवार को मदद का भरोसा आज एक बार फिर सुल्तानपुर पहुंचने पर राहुल गांधी उनकी दुकान पर रुके और परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि वे हमेशा परिवार के साथ खड़े रहेंगे और हर संभव सहायता करेंगे। परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

MP Assembly Session : मध्य प्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मुद्दे पर नहीं हुई चर्चा, नाराज विपक्षका वॉकआउट

MP Assembly Session

MP Assembly Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ। भागीरथपुरा मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। Youth Congress Protest : AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, भारत मंडपम में की जमकर नारेबाजी बजट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल अमरपाटन से कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने राज्य के बजट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट का आकार 9 प्रतिशत बढ़ाया गया है, लेकिन इससे वास्तविक विकास नहीं दिखता। उनका आरोप था कि कुल बजट का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा राजस्व व्यय में जा रहा है, जबकि पूंजीगत व्यय सिर्फ 22 प्रतिशत है। उन्होंने वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन कानून (FRBM) का जिक्र करते हुए सरकार पर ज्यादा कर्ज लेने का आरोप लगाया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल की तुलना भी की। Supreme Court : बाबरी मस्जिद नाम पर बैन नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, जानिए पूरा मामला भागीरथपुरा मुद्दे पर टकराव इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ इंदौर का नहीं, पूरे प्रदेश का मामला है। उन्होंने स्वच्छ पानी, मुआवजा और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की। चर्चा की अनुमति न मिलने पर कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का जवाब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना को गंभीर और दुखद बताया। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए कार्य योजना बनाई गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। Stock Market Today : सपाट खुला शेयर बाजार, सोना-चांदी और कच्चे तेल में आज तेजी, जानें लेटेस्ट अपडेट अन्य मुद्दों पर भी बहस सदन में ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने भर्ती निरस्त करने की मांग की, जबकि कृषि मंत्री ने प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया। इसके अलावा नरसिंहगढ़ में बैराज निर्माण में गड़बड़ी, सिरोंज-लटेरी में अधूरे बिजली कार्य, राजगढ़ में नए बस स्टैंड का निर्माण और सोलर पावर स्टेशन की योजना जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आश्वासन दिया कि लंबित कार्य 2026 तक पूरे कर दिए जाएंगे। MP New Liquor Policy 2026 : नहीं खुलेंगी नई शराब दुकानें, ई-ऑक्शन से आवंटन; जानिए नई आबकारी नीति में क्या- क्या पहले भी हो चुका है विवाद गौरतलब है कि 19 फरवरी को भी सदन में तीखा विवाद हुआ था, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया था। बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर खेद जताया था। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई।

Youth Congress Protest : AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, भारत मंडपम में की जमकर नारेबाजी

Youth Congress Protest at AI ​​Impact Summit

Youth Congress Protest at AI ​​Impact Summit : दिल्ली। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे हाई-प्रोफाइल ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़कर कार्यक्रम स्थल के अंदर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और बैनर-पोस्टर लहराते हुए मुख्य हॉल के पास पहुंच गए। उस समय सम्मेलन में देश-विदेश के कई बड़े नेता, मंत्री और एआई विशेषज्ञ मौजूद थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। Supreme Court : बाबरी मस्जिद नाम पर बैन नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, जानिए पूरा मामला सुरक्षा में सेंध कार्यकर्ता हिरासत में मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और परिसर से बाहर कर दिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक करीब 10 लोग अंदर पहुंचे थे, जिनमें से 4 से 5 लोगों को हिरासत में लेकर तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि सभी ने QR कोड के जरिए एंट्री ली थी और अब यह जांच की जा रही है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद वे अंदर कैसे पहुंचने में सफल रहे। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है। Communal Unrest : MP, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव, धारा 144 लागू; जानिए क्या है पूरा मामला बीजेपी का कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला इस घटना को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे “राष्ट्रीय शर्म” बताते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब भारत वैश्विक स्तर पर एआई समिट की मेजबानी कर रहा है, तब इस तरह का विरोध देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा करना सही नहीं है। Stock Market Today : सपाट खुला शेयर बाजार, सोना-चांदी और कच्चे तेल में आज तेजी, जानें लेटेस्ट अपडेट वैश्विक स्तर का पहला एआई शिखर सम्मेलन गौरतलब है कि यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ में भारत द्वारा आयोजित पहला बड़ा वैश्विक एआई समिट है, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से ज्यादा एआई विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। यह आयोजन इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य एआई के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग बढ़ाना और ठोस विकास परिणाम हासिल करना है।

Supreme Court : बाबरी मस्जिद नाम पर बैन नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, जानिए पूरा मामला

Supreme Court

Supreme Court : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में देशभर में बाबर या बाबरी मस्जिद के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण या नाम रखने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से ही इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता की दलीलें सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि बाबर के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनाई जानी चाहिए और न ही किसी मस्जिद का नाम बाबरी रखा जाना चाहिए। उन्होंने बाबर को हमलावर बताते हुए कहा कि ऐसे नामों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि कथित तौर पर इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। Stock Market Today : सपाट खुला शेयर बाजार, सोना-चांदी और कच्चे तेल में आज तेजी, जानें लेटेस्ट अपडेट देशभर में प्रतिबंध की मांग याचिका में अदालत से यह व्यापक निर्देश देने की मांग की गई थी कि भारत में कहीं भी बाबर या बाबरी मस्जिद के नाम पर किसी मस्जिद के निर्माण या नामकरण की अनुमति न दी जाए। याचिकाकर्ता ने इसे राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बताते हुए रोक लगाने की अपील की थी। मुर्शिदाबाद में बयान से बढ़ा विवाद हाल ही में हुमायूं कबीर, जो तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सदस्य हैं, ने मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) में बाबरी मस्जिद बनाने की योजना की घोषणा की थी। इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया था और इसी पृष्ठभूमि में यह याचिका दायर की गई। Defamation Case : सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, मानहानि मामले में दर्ज कराया बयान; बोले- सभी आरोप राजनीतिक… 2019 के फैसले का संदर्भ गौरतलब है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण की अनुमति दी थी और 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को कानून के शासन का गंभीर उल्लंघन बताया था। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया था कि मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में ही पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए। ताजा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह के व्यापक प्रतिबंध की मांग पर वह विचार नहीं करेगा। इसके साथ ही यह याचिका खारिज कर दी गई।

Communal Unrest : MP, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव, धारा 144 लागू; जानिए क्या है पूरा मामला

Communal unrest

Communal Unrest : देश। कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती का जुलूस शांति से शुरू हुआ। लेकिन शांति ज़्यादा देर तक नहीं टिकी क्योंकि यह एक मस्जिद के सामने से गुज़रा। इस दौरान जुलूस पर पत्थर फेंके गए। इसके कारण एक बड़ा सांप्रदायिक तनाव फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने धारा 144 लगा दी। आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में भी रमज़ान की नमाज़ के दौरान हिंसक अशांति देखी गई। मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी ऐसा ही तनाव फैला, जहाँ दुर्गा मंदिर परिसर में कथित तोड़फोड़ को लेकर हालात हिंसक हो गए। हालांकि, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस की तेज़ कार्रवाई से तीनों जगहों पर हालात काबू में आ गए। Stock Market Today : सपाट खुला शेयर बाजार, सोना-चांदी और कच्चे तेल में आज तेजी, जानें लेटेस्ट अपडेट जबलपुर में अशांति गुरुवार रात सिहोरा तहसील में अशांति फैल गई जब एक अनजान बदमाश ने कथित तौर पर दुर्गा मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की, जिससे दो ग्रुप के बीच झड़प हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार अशांति तब हुई जब मंदिर में शाम की आरती और पास की एक मस्जिद में नमाज़ हो रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अनजान लड़के ने कथित तौर पर मंदिर की ग्रिल को नुकसान पहुंचाया, जिससे इलाके में झगड़ा हो गया। जल्द ही झगड़ा हाथापाई और पत्थरबाजी में बदल गया। MP New Liquor Policy 2026 : नहीं खुलेंगी नई शराब दुकानें, ई-ऑक्शन से आवंटन; जानिए नई आबकारी नीति में क्या- क्या पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को हटाने और स्थिति को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज किया। अशांति के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने मंदिर और मस्जिद के पास भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और सीनियर पुलिस ऑफिसर संपत उपाध्याय ने बाद में बताया कि अशांति के दौरान भगवान की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया।