Keralam : क्यों बदला केरल का नाम? 2000 साल पुरानी पहचान की वापसी! पढ़ें पूरी कहानी

Keralam : नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ (Keralam) करने को मंजूरी दे दी। पिछले दो-तीन वर्षों से इस बदलाव पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अब इसे औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। समुद्र किनारे लंबी पट्टी की तरह दिखने वाला यह दक्षिणी राज्य अब आधिकारिक तौर पर अपने मूल उच्चारण के करीब पहुंच गया है। सवाल उठ रहा है आखिर नाम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी और ‘केरलम’ शब्द की ऐतिहासिक जड़ें क्या हैं? विधानसभा से शुरू हुई पहल 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य का नाम ‘केरलम’ करने की मांग की थी। प्रस्ताव में कहा गया कि मलयालम भाषा में राज्य का वास्तविक नाम ‘केरलम’ है। राज्यों का गठन 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर हुआ था और ‘केरल पिरावी दिवस’ भी उसी दिन मनाया जाता है। बावजूद इसके, संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम अब भी केरल (Kerala) दर्ज है। इसी विसंगति को दूर करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। Surya Gochar Effects : सूर्य का मीन राशि में गोचर, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव भाषा और पहचान का सवाल केरल की मूल भाषा मलयालम है और स्थानीय लोग अपने राज्य को ‘केरलम’ ही कहते हैं। अंग्रेज़ी में इसे ‘Kerala’ कहा गया, जो समय के साथ आधिकारिक नाम बन गया। अब राज्य सरकार और आम लोगों की इच्छा है कि आधिकारिक नाम भी स्थानीय भाषा के अनुरूप हो। इसे भाषाई अस्मिता और सांस्कृतिक सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। परशुराम कथा और ‘जल से निकली भूमि’ पौराणिक मान्यताओं में भगवान परशुराम का केरल से गहरा संबंध बताया जाता है। कथाओं के अनुसार उन्होंने समुद्र से भूमि निकालकर इस प्रदेश की रचना की थी। शब्दों के अर्थ के आधार पर ‘केर’ = जल ‘अलम’ = भूमि यानी ‘जल से निकली भूमि’ – केरलम। Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़ अशोक के शिलालेखों में ‘केरलपुत्र’ इतिहास की ओर देखें तो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सम्राट अशोक के शिलालेखों में ‘केरलपुत्र’ शब्द मिलता है। इतिहासकारों के अनुसार इसका अर्थ ‘केरल का शासक’ या ‘केरल का पुत्र’ है। इससे यह साबित होता है कि यह नाम दो हजार साल से भी अधिक पुराना है। चेरा वंश से जुड़ाव दक्षिण भारत के प्राचीन चेरा वंश से भी ‘केरल’ शब्द को जोड़ा जाता है। कई इतिहासकारों का मानना है कि ‘चेरालम’ या ‘चेराल’ शब्द समय के साथ बदलकर ‘केरलम’ बना। द्रविड़ भाषाओं में ‘च’ और ‘क’ ध्वनियों का परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। नारियल की भूमि? एक लोकप्रिय लोक मान्यता यह भी है कि ‘केरा’ का अर्थ नारियल का पेड़ और ‘आलम’ का अर्थ स्थान है। इस तरह ‘केरल’ का अर्थ हुआ ‘नारियलों की भूमि’। हालांकि इसे ठोस ऐतिहासिक प्रमाण नहीं बल्कि सांस्कृतिक व्याख्या माना जाता है। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? भूगोल भी देता है संकेत पश्चिमी घाट की पर्वतमालाएं और अरब सागर के बीच बसा यह इलाका भौगोलिक रूप से विशिष्ट है। कुछ विद्वान ‘चराल’ (पर्वतीय ढलान) शब्द से भी ‘केरलम’ की उत्पत्ति का संबंध जोड़ते हैं। पर्वत और समुद्र के बीच की यह भूमि सदियों से अलग पहचान रखती आई है। कुल मिलाकर ‘केरल’ से ‘केरलम’ का बदलाव केवल एक अक्षर जोड़ने का मामला नहीं है। यह भाषा, इतिहास और सांस्कृतिक आत्मसम्मान से जुड़ा कदम है। प्रशासनिक स्तर पर लिया गया यह फैसला स्थानीय पहचान को औपचारिक मान्यता देने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
MP Electricity Expensive : गर्मी से पहले महंगी हो सकती है बिजली, आयोग को भेजा 10% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव

हाइलाइट्स MP में 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली। हर महीने बिजली बिल में अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका। इस संबंध में विस्तृत चर्चा होना बाकी। MP Electricity Expensive : भोपाल। मध्य प्रदेश में आम उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली के बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश में 1 अप्रैल से बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। बिजली कंपनियों की ओर से प्रस्ताव विद्युत विनियामक आयोग को भेज दिया गया है, जिस पर अंतिम फैसला आयोग द्वारा लिया जाएगा। Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़ बढ़ते खर्चों का दिया हवाला बताया जा रहा है कि बिजली कंपनियों ने अपने बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए दरों में संशोधन की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि उत्पादन लागत, रखरखाव और अन्य संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जिसके कारण मौजूदा दरों पर काम करना मुश्किल हो रहा है। इसी आधार पर नई दरों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अभी नहीं हुआ अंतिम निर्णय हालांकि अभी इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आयोग स्तर पर विस्तृत चर्चा होना बाकी है। सभी पक्षों की बात सुनने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही नई दरों को मंजूरी दी जाएगी। इस दौरान उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। हर महीने आने वाले बिजली बिल में अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। वहीं किसानों और उद्योगों को लेकर भी अलग-अलग श्रेणियों में दरों को लेकर प्रक्रिया जारी है। सरकार और बिजली कंपनियां इस बात पर मंथन कर रही हैं कि किसी वर्ग पर ज्यादा भार न पड़े। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि संतुलन बनाते हुए निर्णय लिया जाएगा, ताकि बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ भी न बढ़े।
Surya Gochar Effects : सूर्य का मीन राशि में गोचर, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव

Surya Gochar Effects on Rashi : नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ऊर्जा, आत्मविश्वास, साहस, नेतृत्व क्षमता, यश और पिता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य हर महीने एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे संक्रांति कहा जाता है। इस बार 15 मार्च 2026 को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे मीन संक्रांति कहा जाएगा। सूर्य देव गुरु की राशि मीन में गोचर करेंगे। ज्योतिष मान्यता के अनुसार सूर्य और गुरु आपस में मित्र ग्रह हैं। जब इन दोनों ग्रहों का प्रभाव एक साथ पड़ता है तो गुरु-आदित्य योग जैसा शुभ संयोग बनता है। ये योग कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मार्च के मध्य में होने वाला यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों पर असर डालेगा, लेकिन कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। MP Electricity Expensive : गर्मी से पहले महंगी हो सकती है बिजली, आयोग को भेजा 10% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव इन राशियों के लिए शुभ संकेत सूर्य का मीन राशि में गोचर वृषभ, मिथुन, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। इन राशियों के लोगों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है। नए स्रोतों से धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार करने वालों के लिए फायदेमंद डील या नया प्रोजेक्ट मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव इन राशियों को रहना होगा सतर्क वहीं कर्क, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। इसलिए महीने की शुरुआत से ही बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। नौकरी में विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी काम में लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लें। Mahakal Arti Fee Controversy : महाकाल मंदिर में संध्या और शयन के लिए 250 रुपये शुल्क, BJP MLA ने ही घेर ली सरकार सूर्य के शुभ फल पाने के उपाय सूर्य के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने और दुष्प्रभाव से बचने के लिए रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ वस्त्र पहनकर तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है और करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकता है। (नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।)
Lucknow Murder Case : बेटे ने पिता की हत्या कर आरी से किए शव के टुकड़े, नीले ड्रम में मिला धड़

Lucknow Murder Case : उत्तर प्रदेश। लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना में रिश्तों को झकझोर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक 21 साल के युवक ने अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए और धड़ को घर में रखे नीले ड्रम में छिपा दिया। कई दिनों बाद घर से बदबू आने पर मामला खुला तो पुलिस भी अंदर का मंजर देखकर सन्न रह गई। नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक घटना 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे की है। पैथोलॉजी और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह पर पढ़ाई और नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में पिता ने लाइसेंसी राइफल उठा ली, तभी बेटे ने राइफल छीनकर उनके सिर में गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। Stock Market Today : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,068 अंक पर बंद, जानिए क्या रहे सोने-चांदी के भाव बहन को धमकाकर 4 दिन तक घर में रखा घटना के समय घर में मौजूद आरोपी की नाबालिग बहन ने सब कुछ देख लिया था। आरोपी ने उसे धमकाकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने दिया। इसी दौरान वह घर में शव को ठिकाने लगाने की साजिश रचता रहा। आरी से काटे शव के टुकड़े हत्या के बाद युवक ने बाजार से इलेक्ट्रॉनिक आरी और बड़ा नीला ड्रम खरीदा। उसने शव को कमरे में ले जाकर हाथ-पैर काट दिए। शरीर के अलग-अलग हिस्सों को कार से ले जाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में फेंक दिया, जबकि धड़ को ड्रम में डालकर केमिकल से गलाने की कोशिश की। खून से सने कपड़ों और बिस्तर को भी जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। Gurugram Inside Story : सेनिटाइजर डालकर जलाया युवती का प्राइवेट पार्ट, टॉर्चर रूम की इनसाइड स्टोरी जानकर दंग रह जाएंगे आप ऐसे खुला राज आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही थाने में पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई और बताया कि वे दिल्ली गए हैं। लेकिन मोबाइल लोकेशन और पूछताछ में बार-बार बदलते बयान से पुलिस को शक हुआ। दबाव बढ़ने पर उसने पिता के दोस्त के सामने सारा सच कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली तो नीले ड्रम से शव का धड़ बरामद हुआ। आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल, आरी और कार भी जब्त कर ली गई है। बाकी शव के हिस्सों की तलाश की जा रही है। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? हंसता-खेलता परिवार उजड़ा बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के रहने वाले थे। पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। अब इस वारदात के बाद बेटा जेल में है और नाबालिग बेटी गहरे सदमे में है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में कोई और शामिल था या नहीं।
Stock Market Today : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,068 अंक पर बंद, जानिए क्या रहे सोने-चांदी के भाव

Stock Market Today : नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत टूटकर 25,424.65 के स्तर पर आ गया। दिनभर बाजार दबाव में रहा और निवेशकों ने कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की। आईटी शेयरों में बिकवाली से बढ़ा दबाव बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई भारी कमजोरी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.74 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टर में रहा। बताया जा रहा है कि एआई कंपनी एंथ्रॉपिक के नए टूल की घोषणा के बाद यह आशंका बढ़ी है कि सॉफ्टवेयर सर्विसेज की मांग कम हो सकती है, जिससे आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव इन सेक्टरों में भी दिखी कमजोरी आईटी के अलावा निफ्टी रियल्टी 2.54 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.46 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.31 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्प्शन 0.86 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.72 प्रतिशत गिरकर लाल निशान में बंद हुए। हालांकि निफ्टी मेटल, एनर्जी, कमोडिटीज, पीएसई और पीएसयू बैंक इंडेक्स में हल्की बढ़त देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप में कम असर लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट कम रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत गिरकर 59,066.35 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.55 प्रतिशत टूटकर 16,958.65 पर बंद हुआ। ये रहे टॉप गेनर्स और लूजर्स सेंसेक्स में एनटीपीसी, एचयूएल, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, एक्सिस बैंक और सन फार्मा के शेयर बढ़त में रहे। वहीं टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, एलएंडटी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और बीईएल में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। Gurugram Inside Story : सेनिटाइजर डालकर जलाया युवती का प्राइवेट पार्ट, टॉर्चर रूम की इनसाइड स्टोरी जानकर दंग रह जाएंगे आप आगे के लिए अहम स्तर विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,370 से 25,350 का स्तर मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 25,150 से 24,950 तक जा सकता है। वहीं तेजी की स्थिति में 25,600 से 25,650 के बीच रुकावट देखने को मिल सकती है। सोने में गिरावट, चांदी में बाद में आई तेजी डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में शुरुआत में गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 0.65 प्रतिशत गिरकर 1,60,541 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी में शुरुआती कमजोरी के बाद तेजी आई और यह 2,66,542 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव गिरकर 5,170.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 5,150.38 डॉलर प्रति औंस पर रहा। डॉलर इंडेक्स में तेजी के कारण अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना-चांदी महंगे हो गए, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा। भू-राजनीतिक तनाव से मिला सहारा विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता और ईरान के साथ चल रही बातचीत के कारण सोने की मांग को सपोर्ट मिल सकता है। इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए उतार-चढ़ाव के बावजूद मध्यम और लंबी अवधि में सोने और चांदी का रुख सकारात्मक बना हुआ है। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा सोना-चांदी के अहम स्तर एक्सपर्ट के अनुसार सोने को 1,60,600 और 1,58,800 रुपए पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,63,300 और 1,65,000 रुपए पर रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 2,61,000 और 2,56,600 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,70,000 और 2,78,000 रुपए पर रुकावट देखने को मिल सकती है।
Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव

Chandra Grahan 2026 : नई दिल्ली। साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को और दूसरा 28 अगस्त 2026 को होगा। 3 मार्च को लगने वाला ग्रहण खण्डग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा। खास बात यह है कि इसी दिन होलाष्टक का अंतिम दिन और होलिका दहन भी है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ गई है। क्या है ग्रहण का समय? नई दिल्ली के समय के अनुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2:16 बजे उपच्छाया से होगी। प्रच्छाया का पहला स्पर्श 3:21 बजे होगा। खग्रास ग्रहण 4:35 बजे शुरू होगा और 5:04 बजे परमग्रास की स्थिति रहेगी। 5:33 बजे खग्रास समाप्त हो जाएगा। प्रच्छाया का अंतिम स्पर्श 6:46 बजे और उपच्छाया का अंत रात 7:52 बजे होगा। भारत में चंद्रमा का उदय करीब 6:26 बजे होगा इसलिए भारत में यह ग्रहण लगभग 20 मिनट 28 सेकंड तक ही दिखाई देगा, यानी 6:26 से 6:46 बजे तक। Mahakal Arti Fee Controversy : महाकाल मंदिर में संध्या और शयन के लिए 250 रुपये शुल्क, BJP MLA ने ही घेर ली सरकार सूतक काल कब से लगेगा? चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। उपच्छाया के अनुसार सूतक सुबह 6:21 बजे से शुरू माना जाएगा। प्रच्छाया के अनुसार सूतक सुबह 9:39 बजे से शुरू होगा। सूतक और ग्रहण के दौरान क्या न करें? सूतक लगने के बाद भारी भोजन करने से बचें। मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाता। गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी रखनी चाहिए और नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस समय विवाद, क्रोध और नकारात्मक सोच से भी दूर रहना चाहिए। कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण? यह चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में साफ दिखाई देगा। भारत में नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पटना, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इम्फाल और शिलांग समेत कई शहरों में इसे अलग-अलग अवस्थाओं में देखा जा सकेगा। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में पूर्ण अवस्था दिख सकती है, जबकि पश्चिमी भारत में प्रच्छाया ग्रहण दिखाई देगा। Surya Grahan 2026 : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, जानें क्या करें क्या न करें राशियों पर प्रभाव ज्योतिष के अनुसार मिथुन, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण शुभ संकेत दे सकता है। मेष, वृषभ, धनु और मकर राशि वालों को मध्यम प्रभाव रहेगा। वहीं कर्क, सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय ग्रहण के बाद दूध, दही, चीनी या चावल का दान करना शुभ माना गया है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप और भगवान शिव की पूजा लाभकारी बताई गई है। काले तिल, सरसों का तेल, लोहे की वस्तु या काले कपड़े का दान भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा 3 मार्च को होलाष्टक और चंद्र ग्रहण का विशेष संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन मांगलिक कार्य, जमीन या वाहन खरीदना और मांस-मदिरा का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन संयम और सावधानी रखना ही सबसे बेहतर उपाय है।
Gurugram Inside Story : सेनिटाइजर डालकर जलाया युवती का प्राइवेट पार्ट, टॉर्चर रूम की इनसाइड स्टोरी जानकर दंग रह जाएंगे आप

Gurugram Inside Story : गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी से सटे हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां त्रिपुरा की 19 वर्षीय छात्रा के साथ उसके ही बॉयफ्रेंड ने कथित रूप से क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दोनों की पहचान एक ऑनलाइन डेटिंग एप के जरिए हुई थी और वे लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि युवती गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। डेटिंग एप से शुरू हुई पहचान जानकारी के मुताबिक, त्रिपुरा की रहने वाली 19 साल की युवती बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई के लिए गुरुग्राम आई थी। सितंबर 2025 में उसकी मुलाकात एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप पर 19 वर्षीय युवक शिवम से हुई। बातचीत बढ़ी, फोन नंबर एक्सचेंज हुए और जल्द ही दोनों रिश्ते में आ गए। शिवम दिल्ली के नरेला का रहने वाला बताया जा रहा है। कुछ समय बाद दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया। परिवार को उनके रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन युवती की मां को लिव-इन की बात नहीं पता थी। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? तीन दिन तक परिवार से टूटा संपर्क 16 फरवरी को अचानक युवती का परिवार से संपर्क टूट गया। तीन दिन तक कोई खबर नहीं मिलने पर परिवार चिंतित हो गया। 19 फरवरी को युवती ने अपनी मां को फोन कर मदद की गुहार लगाई। उसने बताया कि उसकी जान को खतरा है। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बचाया सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस हरकत में आई। कॉल लोकेशन के आधार पर जब पुलिस फ्लैट पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा, तो युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी। वहीं बैठा उसका बॉयफ्रेंड आराम से लड़की को तड़पता हुआ देखकर खुश हो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की। मगर पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा प्राइवेट पार्ट को जलाया पूछताछ में ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पुलिस वालों के भी होश उड़ा दिए। शिवम ने तीन दिन से लड़की को बंधक बनाकर रखा था। उस पर न केवल जानलेवा हमला किया, बल्कि उसे यूरिन पिलाया, उसके प्राइवेट पार्ट को भी जलाया। उसका वीडियो भी बनाया। आरोपी ने छात्रा के सिर में स्टील की बोतल से हमला किया और रूम में बंधक बनाकर रखा। कभी बेड पर तो कभी अलमारी में उसका सिर मारा। मिट्टी का मटका भी उसके सिर पर मार दिया। प्राइवेट पार्ट पर सैनिटाइजर डालकर आग लगा दी। वहां युवती तड़प रही थी तो आरोपी मजे से उसका वीडियो बना रहा था। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार इसके साथ ही आरोपी ने छात्रा के पैरों में चाकू से घाव किया। तीन तक दिन यह यातनाएं सहती रही। वहां युवती तड़प रही थी तो आरोपी मजे से उसका वीडियो बना रहा था। दरअसल, आरोपी उसके कैरेक्टर पर शक करने लगा था. बस इसी बात से चिढ़कर उसने लड़की के साथ ये सब किया। गंभीर आरोप और जांच पुलिस के अनुसार, आरोपी पर युवती को बंधक बनाकर मारपीट करने और गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने युवती के साथ हिंसक व्यवहार किया और उसके साथ दुर्व्यवहार का वीडियो भी बनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह इलाज के दौरान जिंदगी की जंग लड़ रही है।
Mahakal Arti Fee Controversy : महाकाल मंदिर में संध्या और शयन के लिए 250 रुपये शुल्क, BJP MLA ने ही घेर ली सरकार

हाइलाइट्स आरती में शामिल होने के लिए 250 रुपये शुल्क और ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य। जीतू पटवारी ने अधर्म बताया, आस्था का अपमान कहा। BJP विधायक चिंतामणी मालवीय ने फैसला खेदजनक माना। Mahakal Arti Fee Controversy : मध्य प्रदेश। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में नई व्यवस्था लागू होने के बाद भक्ति और शुल्क को लेकर बहस तेज हो गई है। अब संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को 250 रुपये शुल्क देकर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। इस फैसले के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या आस्था भी अब “Pay & Enter” मॉडल पर चलेगी? Air Ambulance Crash : झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत, जानिए कौन है विमान कंपनी का मालिक? मंदिर में नई डिजिटल व्यवस्था लागू श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब दोनों प्रमुख आरतियों के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जरूरी कर दी गई है। मंदिर समिति के अनुसार, संध्या आरती की बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से अधिकृत वेबसाइट पर शुरू होगी। प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो शीघ्र दर्शन शुल्क के बराबर है। बुकिंग “फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व” के आधार पर होगी। संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय शाम 6 बजे और शयन आरती के लिए रात 10 बजे तय किया गया है। आरती के दौरान चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें? मंदिर समिति का पक्ष मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह कदम पारदर्शिता और सुव्यवस्था लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका कहना है कि डिजिटल बुकिंग से अव्यवस्था और दलाली पर रोक लगेगी तथा श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। समिति का दावा है कि नई व्यवस्था से अधिक से अधिक लोग सुगमता से आरती में शामिल हो सकेंगे। विपक्ष ने उठाए सवाल इस फैसले पर सियासी विवाद भी शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे अधर्म बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान के दरबार में भी शुल्क लेना आस्था का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ सनातन की बात और दूसरी ओर दर्शन के लिए शुल्क क्यों? Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा बीजेपी के भीतर से भी असहमति सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि बीजेपी के अंदर से भी विरोध की आवाज उठी है। आलोट से बीजेपी विधायक डॉ. चिंतामणी मालवीय ने भी संध्या और शयन आरती को सशुल्क करने पर असहमति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फैसला खेदजनक है और जनप्रतिनिधियों को इस पर खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। सरकार क्या कह रही है? मामले पर जब धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा कि सरकार इस पर संज्ञान लेगी। उनका कहना है कि यह निर्णय मंदिर समिति ने लिया है, इसलिए पहले पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल फिलहाल महाकाल की नगरी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर मंदिर प्रबंधन इसे सुव्यवस्था की दिशा में कदम बता रहा है, तो दूसरी ओर कई लोग इसे आस्था पर शुल्क लगाने जैसा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और मंदिर समिति का अगला कदम इस बहस की दिशा तय करेगा।
Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने जीता BAFTA 2026 अवॉर्ड, जानिए क्या है कहानी और किस प्लेटफॉर्म पर देखें?

Manipuri Film Boong : मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ (Boong) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। इस फिल्म ने 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। यह पहली भारतीय फिल्म है, जिसे BAFTA Awards से सम्मानित किया गया है। ‘बूंग’ की बड़ी उपलब्धि 79वें बाफ्टा समारोह में कई फिल्मों को पुरस्कार मिले। One Battle After Another ने कुल छह अवॉर्ड अपने नाम किए, लेकिन भारतीय फिल्म ‘बूंग’ की जीत सबसे खास रही। इस फिल्म की कामयाबी ने मणिपुरी सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है। T20 World Cup 2026 : अब भी बची है टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद! समझिए पूरा समीकरण फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है। इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट (Excel Entertainment) के बैनर तले फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) और रितेश सिधवानी (Ritesh Sidhwani) ने प्रोड्यूस किया है। अवॉर्ड लेने के लिए प्रोड्यूसर एलन मैकएलेक्स (Alan McAlex) स्टेज पर पहुंचे थे। उनके साथ फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी भी मौजूद थे। फिल्म को कहां देख सकते हैं? ‘बूंग’ को पहले MUBI ऐप पर स्ट्रीम किया गया था, लेकिन फिलहाल यह किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। यह नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो या जियो हॉटस्टार पर भी नहीं है। ऐसे में भारतीय दर्शकों को इसे देखने के लिए अभी इंतजार करना होगा। Alia Bhatt : नमस्कार… आलिया भट्ट ने BAFTA अवॉर्ड्स के मंच पर हिंदी में दी स्पीच, इंटरनेट पर वायरल अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में मिली सराहना फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (Toronto International Film Festival) में हुआ था, जहां इसे काफी सराहना मिली। इसके बाद मुंबई एकेडमी ऑफ द मूविंग इमेज फिल्म फेस्टिवल (MAMI ) और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म की तारीफ हुई। साथ ही इसे इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में भी दिखाया गया। सितंबर 2025 में यह फिल्म सीमित सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। क्या है ‘बूंग’ की कहानी? फिल्म की कहानी मणिपुर के एक छोटे से गांव में रहने वाले बच्चे बूंग के इर्द-गिर्द घूमती है। इस किरदार को नए कलाकार गुगुन किपगेन ने निभाया है। बूंग अपनी मां (बाला हिजाम) को एक खास सरप्राइज देना चाहता है। उसका सपना है कि वह अपने खोए हुए पिता को ढूंढकर घर वापस लाए, ताकि उसका परिवार फिर से एक हो सके। Air Ambulance Crash : झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत, जानिए कौन है विमान कंपनी का मालिक? इस सफर में उसका साथ उसका दोस्त राजू (Angom Sanamatum) देता है। लेकिन इस मासूम कोशिश के दौरान बूंग को जिंदगी की सच्चाइयों और मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है। फिल्म भावनात्मक है, लेकिन कई जगह हल्के-फुल्के पल भी दर्शकों को मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं। फरहान अख्तर ने इस जीत को “सपने देखने वालों की जीत” बताया है। वहीं फिल्मी दुनिया से भी ‘बूंग’ की टीम को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। ‘बूंग’ की यह ऐतिहासिक जीत न सिर्फ मणिपुरी सिनेमा के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म जगत के लिए गर्व का पल है।
Air Ambulance Crash : झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत, जानिए कौन है विमान कंपनी का मालिक?

हाइलाइट्स मरीज, परिवार, डॉक्टर, पैरामेडिकल और दोनों पायलट क्रैश में नहीं बचे। उड़ान के 23 मिनट बाद सिमरिया जंगल में विमान गिरा। 8 लाख खर्च कर बुक की थी एयर एंबुलेंस। Air Ambulance Crash : रांची। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया इलाके के घने जंगल में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा हो गया। रांची से नई दिल्ली जा रहा मेडिकल एयर एंबुलेंस प्लेन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। यह विमान दिल्ली की कंपनी रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड (Redbird Airways Pvt Ltd) द्वारा संचालित था। जानकारी के अनुसार, बीचक्राफ्ट C90 (VT-AJV) विमान ने शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (Birsa Munda Airport) से उड़ान भरी थी। करीब 20–25 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका संपर्क टूट गया। बाद में चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल में उसका मलबा मिला। Bhopal Conversion : सगी बहनें आफरीन-अमरीन चला रही थी धर्मांतरण और सेक्स स्कैंडल का गोरख धंधा कौन-कौन थे विमान में सवार? विमान में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें: 65 प्रतिशत तक झुलसे मरीज संजय कुमार (41) उनकी पत्नी बसंती देवी एक रिश्तेदार ध्रुव कुमार डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत को-पायलट स्वराजदीप सिंह संजय कुमार लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले थे। होटल में आग लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एंबुलेंस बुक की थी। T20 World Cup 2026 : अब भी बची है टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद! समझिए पूरा समीकरण खराब मौसम बना हादसे की वजह स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह जंगल में गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचाया नहीं जा सका। दुर्घटना की सूचना रात करीब 10 बजे मिली। जंगल का इलाका दुर्गम होने के कारण राहत और बचाव दल को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब जांच के लिए ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल कौन है कंपनी का मालिक रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2018 में अक्षय कुमार ने की थी। कंपनी चार्टर फ्लाइट, एयर एंबुलेंस और जनरल एविएशन सेवाएं देती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्षय कुमार पेशे से एयरक्राफ्ट इंजीनियर हैं और एविएशन इंडस्ट्री में 14 साल का अनुभव रखते हैं। कंपनी के पास बीचक्राफ्ट किंग एयर C90, सुपर किंग एयर B200 और B250, हॉकर 850XP, फाल्कन 2000 और ऑगस्टा 109 हेलीकॉप्टर जैसे विमान मौजूद हैं। विमानन सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘भारत में विमानन क्षेत्र वास्तव में एक खतरनाक स्थिति में है, क्योंकि मंत्रालय सुरक्षा जांच और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के अलावा सब कुछ करता है, चाहे उड़ान भरने से पहले हो या लैंडिंग के बाद।’