Chandra Grahan Sutak 2026 : चंद्रग्रहण से पहले सूतक काल, मंदिरों के कपाट बंद; जानिए कहां दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण?

Chandra Grahan Sutak 2026 : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में चंद्रग्रहण को लेकर धार्मिक आस्था और परंपराओं का व्यापक असर देखने को मिला। चंद्रग्रहण से करीब नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू होते ही क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए। सूतक लगते ही थमी पूजा-अर्चना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है। इसी वजह से इस अवधि में मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ और अनुष्ठान रोक दिए जाते हैं। सूतक काल शुरू होते ही एनसीआर के कई बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया। मंदिर प्रबंधन समितियों ने बताया कि सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कपाट बंद किए गए। इससे पहले सुबह की आरती संपन्न कर ली गई थी। मंदिरों में मौजूद श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे सूतक काल के दौरान घरों में ही भजन-कीर्तन और पूजा करें। Indore Holkar Tradition Holi : इंदौर में राजसी परंपरा के साथ होली की शुरुआत, 300 साल पुरानी होलकर रिवायत आज भी कायम ग्रहण के दौरान बरती गई विशेष सावधानियां परंपरा के मुताबिक चंद्रग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक प्रभाव बढ़ने की मान्यता है। इसी कारण कई मंदिरों में देवी-देवताओं की मूर्तियों को ढक दिया गया और पूजा सामग्री सुरक्षित स्थान पर रख दी गई। सूतक काल में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि मंदिर परिसर में नहीं की जाती। शाम 7 बजे के बाद दोबारा खुलेंगे मंदिर मंदिर समितियों के अनुसार चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 7 बजे के बाद कपाट दोबारा खोले जाएंगे। इसके बाद मंदिर परिसर की साफ-सफाई और शुद्धिकरण किया जाएगा। गंगाजल का छिड़काव, धूप-दीप प्रज्वलन और विशेष मंत्रोच्चार के साथ पुनः पूजा-अर्चना शुरू होगी। श्रद्धालु इसके बाद मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे परंपराओं का सम्मान करें और भीड़ से बचते हुए तय समय के बाद ही मंदिर पहुंचें। चंद्रग्रहण को लेकर एनसीआर में आस्था और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। भारत में कहां-कहां दिख सकता है पूर्ण चंद्र ग्रहण? अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और पश्मिच बंगाल में पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई दे सकता है। भारत में कहां-कहां दिख सकता है खंडग्रास चंद्र ग्रहण? आज शाम देश में कई जगहों पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण दिखाई दे सकता है। दिल्ली-एनसीआर सहित बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोग खंडग्रास चंद्र ग्रहण देख सकेंगे। Muslim Countries Holi Ban : इन मुस्लिम देशों में नहीं खेली जाती होली! रंग दिखने पर मिलती है कड़ी सजा क्या होली पर ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव है? पंडित जी ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर लग रहा है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन होलिका दहन भी किया जाता है। यदि आप 3 मार्च को होलिका दहन करना चाहते हैं तो ग्रहण समाप्त होने के बाद कर सकते हैं। आज शाम 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा।तब न तो ग्रहण का प्रभाव रहेगा और न ही भद्रा का साया। इसके बाद 4 मार्च को आप निसंकोच रंग वाली होली खेल सकते हैं।
Indore Holkar Tradition Holi : इंदौर में राजसी परंपरा के साथ होली की शुरुआत, 300 साल पुरानी होलकर रिवायत आज भी कायम

Indore Holkar Tradition Holi : इंदौर। देशभर में होलिका दहन को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में होली की शुरुआत आज भी राजसी अंदाज में होती है। यहां करीब 300 साल पुरानी परंपरा के अनुसार होलकर राज परिवार द्वारा होलिका दहन किए जाने के बाद ही शहर में रंगों के इस महापर्व का आगाज माना जाता है। कुल देवता की पूजा के बाद होता है दहन होलकर शासनकाल से चली आ रही इस परंपरा में सबसे पहले राजपरिवार अपने कुल देवता मल्हार मार्तंड महाराज की पूजा-अर्चना करता है। इसके बाद ऐतिहासिक राजवाड़ा पैलेस परिसर के बाहर विधि-विधान से होलिका दहन किया जाता है। Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां हर साल की तरह इस बार भी शहरभर से लोग राजवाड़ा पहुंचे और पारंपरिक ढंग से आयोजित इस कार्यक्रम के साक्षी बने। मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच होलिका दहन का दृश्य बेहद भव्य नजर आया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अहिल्याबाई खुद करती थीं पूजन इतिहास के अनुसार, मालवा की महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्वयं इस पूजा का नेतृत्व करती थीं। वे सबसे पहले कुल देवता की पूजा करतीं और फिर शुभ मुहूर्त में होलिका दहन संपन्न होता था। उनकी परंपरा को आज भी उनके वंशज पूरी श्रद्धा से निभा रहे हैं। पूजन के बाद रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को रंग-गुलाल और इत्र अर्पित कर उन्हें इस उत्सव में सहभागी बनाया जाता है। इसके बाद ही अग्नि प्रज्वलित की जाती है, जिसे शहर में होली उत्सव की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। Pre-Holi Skin Care : रंगों से पहले ऐसे करें स्किन की तैयारी, केमिकल कलर्स से नहीं होगा नुकसान जनप्रतिनिधि और विदेशी मेहमान भी हुए शामिल इस खास आयोजन में सांसद शंकर लालवानी भी शामिल हुए। उन्होंने इसे इंदौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। दिलचस्प बात यह रही कि सोशल मीडिया पर इंदौर की होली की परंपरा देखकर ऑस्ट्रेलिया से आया एक कपल भी विशेष रूप से इस आयोजन में शामिल होने पहुंचा। विदेशी मेहमानों ने राजवाड़ा में आयोजित होलिका दहन को अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। Muslim Countries Holi Ban : इन मुस्लिम देशों में नहीं खेली जाती होली! रंग दिखने पर मिलती है कड़ी सजा इंदौर में राजसी ठाठ-बाट और परंपराओं के संग मनाई जाने वाली होली न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए आस्था का विषय है, बल्कि यह शहर की पहचान और गौरव का भी प्रतीक बन चुकी है।
Israeli-Iran War : तेहरान और बेरुत पर एक साथ इजरायली हमले, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

Israeli-Iran War : मिडिल ईस्ट में जंग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने एक साथ ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान की राजधानी बेरुत में बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए हैं। इजरायली डिफेंस फोर्स (Israel Defense Forces) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि उसकी एयर फोर्स ने “ईरानी शासन और हिज़्बुल्लाह के ठिकानों के खिलाफ व्यापक ऑपरेशन” शुरू कर दिया है। सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई सुरक्षा खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि बेरुत के दक्षिणी हिस्सों में भी हवाई हमले किए गए। स्थानीय मीडिया ने बताया कि हमलों के बाद कई जगहों पर धुआं उठता देखा गया। हालांकि, हताहतों और नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इससे पहले अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए थे। अब दोनों पक्षों की ओर से लगातार सैन्य कार्रवाई हो रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। लेबनान में सक्रिय संगठन हिज़्बुल्लाह को लेकर भी तनाव गहराता जा रहा है।
Iran-US War : दुबई से भारत के लिए विमान सेवा शुरू, इन देशों से भी लौट सकेंगे भारतीय; जानें पूरी डिटेल्स

Iran-US War : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान–अमेरिका संघर्ष के चौथे दिन भी एयरस्पेस में भारी अव्यवस्था बनी रही, हालांकि मंगलवार से भारत और खाड़ी देशों के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं। इससे दुबई, जेद्दा और अन्य शहरों में फंसे यात्रियों को आंशिक राहत मिली है। लेकिन हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक, Emirates की दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु से दुबई जाने वाली तीन फ्लाइट्स को टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्षेत्रीय एयरस्पेस पाबंदियों के कारण अपने-अपने मूल हवाईअड्डों पर लौटना पड़ा। मुंबई से उड़ान भरने वाली एक फ्लाइट हवा में वापस लौटी, लेकिन बाद में अपनी यात्रा पूरी कर दुबई पहुंचने में सफल रही। इसी बीच, कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रियाद के लिए सुरक्षा अलर्ट और ड्रोन खतरे की खबरों के चलते वापस लौटना पड़ा। बदलते हालात के कारण एयरलाइंस लगातार अपने शेड्यूल में बदलाव कर रही हैं। Muslim Countries Holi Ban : इन मुस्लिम देशों में नहीं खेली जाती होली! रंग दिखने पर मिलती है कड़ी सजा इंडिगो और अकासा की विशेष पहल IndiGo ने फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए 3 मार्च 2026 को जेद्दा से भारत के लिए 10 विशेष उड़ानों की घोषणा की है। इनमें से चार उड़ानों को मंजूरी मिल चुकी है, जो मुंबई, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए संचालित होंगी। एयरलाइन जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर रही है। वहीं Akasa Air ने 3 और 4 मार्च को मुंबई-जेद्दा-मुंबई और अहमदाबाद-जेद्दा रूट पर विशेष सेवाएं चलाने का ऐलान किया है। हालांकि अबू धाबी, दोहा, कुवैत और रियाद के लिए इसकी उड़ानें 4 मार्च तक निलंबित रहेंगी। SpiceJet ने भी UAE में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए फुजैराह से दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए विशेष उड़ानों की घोषणा की है। एयरलाइन के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि संकट के समय भारतीय नागरिकों की मदद करना उनकी प्राथमिकता है। पीवी सिंधु सुरक्षित लौटीं संघर्ष के कारण दुबई एयरपोर्ट पर फंसी ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु सीमित उड़ान सेवाएं बहाल होने के बाद सुरक्षित भारत लौट आई हैं। उन्होंने अनिश्चित समय में सहयोग देने वाले अधिकारियों और एयरपोर्ट स्टाफ का धन्यवाद किया। Missile Attack on Netanyahu : PM नेतन्याहू के दफ्तर पर ईरान ने दागी मिसाइल! इजरायल ने दावे को किया खारिज केंद्र और राज्यों की सक्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा की समीक्षा की गई। केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य के 109 फंसे लोगों की वापसी के लिए केंद्र से विशेष इंतजाम करने की मांग की है। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माइग्रेंट सेल बनाने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों से संपर्क बनाए रखने और हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। तेलंगाना और पंजाब सरकारों ने कंट्रोल रूम और 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की है। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव अनिश्चितता अभी बरकरार अधिकारियों का कहना है कि बड़े पैमाने पर निकासी अभियान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और एयरस्पेस के पूरी तरह खुलने पर निर्भर करेगा। फिलहाल सीमित उड़ानों की बहाली से शुरुआती राहत जरूर मिली है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें और एयरलाइंस के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क में रहें।
Muslim Countries Holi Ban : इन मुस्लिम देशों में नहीं खेली जाती होली! रंग दिखने पर मिलती है कड़ी सजा

Muslim Countries Holi Ban : नई दिल्ली। होली भारत का ऐसा त्योहार है जो खुशियों, हंसी-मजाक और रंगों से भरा होता है। यह पर्व गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास घोलने और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। भारत में खुले मैदानों, गलियों और सड़कों पर होली बड़े उत्साह से मनाई जाती है। लेकिन जब हम उन देशों की ओर देखते हैं जहां मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है, तो वहां होली का स्वरूप काफी अलग नजर आता है। अफगानिस्तान में स्थिति अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद धार्मिक नियम काफी सख्त हो गए हैं। वहां हिंदू और सिख समुदाय की संख्या बहुत कम है। ऐसे में होली सार्वजनिक रूप से नहीं मनाई जाती। रंग खेलना या जुलूस निकालना आम तौर पर संभव नहीं है। त्योहार सीमित रूप से घरों या धार्मिक स्थलों के अंदर मनाया जाता है। अगर कोई खुले में रंग खेलता है तो स्थानीय कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। Missile Attack on Netanyahu : PM नेतन्याहू के दफ्तर पर ईरान ने दागी मिसाइल! इजरायल ने दावे को किया खारिज सऊदी अरब में क्या है नियम सऊदी अरब में लंबे समय तक गैर-इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर सख्ती रही है। हालांकि हाल के वर्षों में सामाजिक बदलाव देखने को मिले हैं, फिर भी धार्मिक आयोजनों को लेकर नियम कड़े हैं। भारतीय प्रवासी समुदाय प्रायः निजी परिसरों या दूतावासों के अंदर ही होली जैसे त्योहार मनाते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर रंग खेलना आम बात नहीं है और बिना अनुमति आयोजन करने पर प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। कतर और ओमान में हालात खाड़ी देशों जैसे कतर और ओमान में भी धार्मिक स्वतंत्रता सीमित दायरे में है। यहां प्रवासी समुदाय निजी कार्यक्रमों में त्योहार मना सकता है, लेकिन सार्वजनिक रूप से रंगों का उत्सव कम ही देखने को मिलता है। किसी भी आयोजन के लिए प्रशासनिक अनुमति जरूरी होती है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Pak-Afghan War : भारत के बाद अफगान ने खोदा नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकाने निशाने पर सजा कितनी कड़ी हो सकती है? इन देशों में सजा की प्रकृति वहां के कानून और परिस्थिति पर निर्भर करती है। आम तौर पर बिना अनुमति सार्वजनिक आयोजन करने पर जुर्माना, हिरासत या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि हर मामले में सख्ती का स्तर अलग-अलग होता है और स्थानीय प्रशासन के फैसले पर निर्भर करता है। बदलता वैश्विक माहौल दुनिया के कई हिस्सों में प्रवासी भारतीय समुदाय अपने त्योहारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रूप में मनाने की कोशिश करता है। कुछ देशों में समय के साथ नियमों में नरमी भी आई है। Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां फिर भी यह साफ है कि हर देश की अपनी सामाजिक और कानूनी व्यवस्था होती है, जिसका पालन करना जरूरी होता है। होली भले ही भारत में खुले रंगों का त्योहार हो, लेकिन विदेशों में इसे स्थानीय कानूनों और परंपराओं के अनुसार सीमित रूप में मनाया जाता है।
Missile Attack on Netanyahu : PM नेतन्याहू के दफ्तर पर ईरान ने दागी मिसाइल! इजरायल ने दावे को किया खारिज

Missile Attack on Netanyahu : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा दावा किया है। ईरान ने कहा कि उसने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। हालांकि इजरायल ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का क्या है दावा ईरानी मीडिया के अनुसार IRGC ने एक सटीक हमले में प्रधानमंत्री कार्यालय को टारगेट किया। इसे इजरायल की सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया गया। ईरान का कहना है कि यह हमला उसकी “रणनीतिक प्रतिक्रिया” का हिस्सा है। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव इजरायल ने किया खंडन इजरायली सरकार ने ईरान के इस दावे को गलत बताया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय पर किसी तरह का सफल मिसाइल हमला नहीं हुआ और न ही किसी बड़े नुकसान की जानकारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी स्थिति को नियंत्रण में बताया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा तनाव इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है, जिससे बड़े युद्ध की आशंका बनी हुई है। Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इसी कड़ी में IRGC का यह दावा सामने आया है, जिसने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
Pak-Afghan War : भारत के बाद अफगान ने खोदा नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकाने निशाने पर

Pak-Afghan War : इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान के सबसे अहम सैन्य ठिकानों में शामिल नूर खान एयरबेस पर बड़े हमले की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह हमला अफगानिस्तान की ओर से किया गया, जिसे पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों का जवाब बताया जा रहा है। इस हमले के बाद एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर बड़ा झटका इस एयरबेस को पहले भी मई 2025 में भारत के कथित “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान निशाना बनाया गया था। उस हमले के बाद पाकिस्तान की सेना इसकी मरम्मत में जुटी थी, लेकिन अब नए हमले से काम अधूरा रह गया और नुकसान और बढ़ गया। Pakistan Afghanistan War : पाकिस्तान- अफगानिस्तान जंग में 300 मौत कई घायल, ट्रम्प बोले- अच्छा कर रहा पाक, आतंकी हमलों के पीछे भारत-PAK का दावा रावलपिंडी के पास हुआ हमला रावलपिंडी के नजदीक स्थित यह एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का बेहद अहम केंद्र माना जाता है। यहां कमांड सेंटर, लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हथियारों के भंडार मौजूद हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनके पायलटों ने सटीक निशाना लगाया, जिससे बेस के कई हिस्से तबाह हो गए। स्थानीय लोगों ने रातभर धमाकों की आवाजें सुनने की बात कही है। पाकिस्तान की ओर से नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय भी निशाने पर अफगान हमलों का दूसरा बड़ा लक्ष्य बलूचिस्तान का क्वेटा शहर रहा, जहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है। यह मुख्यालय पूरे प्रांत की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जाता है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा कारणों से संचार सेवाओं पर भी रोक लगाए जाने की खबर है। मोहमंद एजेंसी में सीमा के पास हमला खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद एजेंसी में स्थित ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर भी हवाई और ड्रोन हमले किए गए। यह कैंप अफगान सीमा के बेहद करीब है और यहां से सीमा की निगरानी की जाती है। हमले के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी की भी खबर है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और बाजार व स्कूल बंद हो गए हैं। Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले पेशावर एयरबेस और अन्य पोस्ट भी निशाने पर अफगान पक्ष का दावा है कि पेशावर एयरबेस समेत कई छोटे-बड़े सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए, जिनमें कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है। तनाव की बड़ी वजह क्या है? दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से टीटीपी जैसे आतंकी संगठन हमले करते हैं, जबकि तालिबान सरकार पाकिस्तान पर अपने विरोधी समूहों को समर्थन देने का आरोप लगाती रही है। हाल के महीनों में काबुल और कंधार पर पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद हालात और बिगड़े हैं। आम लोगों पर सबसे ज्यादा असर सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। कई परिवार सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। दोनों देशों की सेनाएं अलर्ट पर हैं और हालात को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। Iran-Israel War : एयरस्पेस बंद! कराची में फंसे 8 भारतीय, केरल के 3 यात्री शामिल फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है, जबकि क्षेत्र में आगे और सैन्य कार्रवाई की आशंका से तनाव बना हुआ है।
JNU Controversy : JNU में जातिगत टिप्पणी को लेकर छात्रों ने काटा बवाल, पुलिस एक्शन के बाद 14 गिरफ्तार

JNU Controversy : नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुलपति की कथित जातिवादी टिप्पणी को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। 26 फरवरी को जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्रालय तक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और 14 को गिरफ्तार कर लिया गया। विवाद की वजह क्या है छात्रसंघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय की कुलपति ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि “हमेशा पीड़ित बने रहने से प्रगति नहीं होती”, जिसे कई छात्रों ने जातिवादी टिप्पणी बताया। हालांकि कुलपति की ओर से इस पर सफाई भी दी गई थी, लेकिन छात्र संगठन माफी और इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव छात्रों की मुख्य मांगें प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कई मुद्दों को उठाया, जिनमें- यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन और रोहित एक्ट लागू करने की मांग नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग विश्वविद्यालय फंड में कटौती रोकने की मांग कुलपति से माफी और इस्तीफा सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने की मांग प्रदर्शन के दिन क्या हुआ छात्रसंघ के अनुसार सुबह से ही कैंपस में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई थी। दोपहर में प्रदर्शन शुरू हुआ और शाम तक छात्र मुख्य गेट की ओर बढ़े। आरोप है कि इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और बाद में कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां देर रात गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई और अगली सुबह 14 छात्रों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। छात्र संगठनों का कहना है कि कई छात्र घायल हुए और छात्रसंघ पदाधिकारियों को घंटों थाने में रखा गया। पुलिस का क्या कहना है दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला किया, जिसमें दो एसीपी और दो एसएचओ समेत 25 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने 51 लोगों को हिरासत में लेने और 14 को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। Stock Market Crash : मिडिल ईस्ट तनाव का असर; बड़ी गिरावट के साथ खुला मार्केट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज इस घटना के बाद कैंपस की राजनीति और शिक्षा में सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर बहस फिर तेज हो गई है। छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि प्रशासन और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर कैंपस में तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव

Gold Silver Price Today : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध का असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जबकि शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली है। Iran-Israel War : कुवैत में मिसाइल हमले से अमेरिका का फाइटर जेट F-15 क्रैश सोना-चांदी में जोरदार तेजी मल्टी कमोडिटी मार्केट में 10 ग्राम सोने का भाव 4,641 रुपये बढ़कर 1,66,745 रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 2.86 फीसदी की तेजी को दिखाता है। वहीं चांदी की कीमत में भी 8,000 रुपये यानी 2.67 फीसदी की बढ़त हुई और यह 2.91 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,73,240 रुपये प्रति 10 ग्राम और मुंबई में 1,73,090 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। सिर्फ एक हफ्ते में ही 24 कैरेट सोने की कीमत 9,430 रुपये बढ़ चुकी है। Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उछाल वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,390 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव 93.76 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर तक जाने के आसार जंग के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई बाधित होने पर ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है। शेयर बाजार में मचा कोहराम इस भू-राजनीतिक तनाव का असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 300 अंक गिरकर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। निक्केई 225 874 अंक नीचे खुला, शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही और हैंग सेंग शुरुआती कारोबार में 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया। Stock Market Crash : मिडिल ईस्ट तनाव का असर; बड़ी गिरावट के साथ खुला मार्केट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा युद्ध थमने के आसार नहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार हो रहे मिसाइल हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर लंबे समय तक वैश्विक बाजार, महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले

Iran Attacks Aramco Oil Refinery : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच भीषण संघर्ष का असर अब दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान ने सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिसके बाद एहतियातन रिफाइनरी को बंद करना पड़ा। इस खबर के सामने आते ही ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 9.32% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। दुनिया की सबसे अहम तेल साइट्स में शामिल रास तनुरा सऊदी अरब की सबसे बड़ी और रणनीतिक ऊर्जा साइट्स में से एक मानी जाती है। यहां रोजाना करीब 5.5 से 6 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की क्षमता है और यही टर्मिनल दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर ऑयल लोडिंग प्वाइंट्स में शामिल है। यहां से अमेरिका, एशिया और यूरोप समेत कई देशों को कच्चा तेल भेजा जाता है। Iran-Israel War : पीएम मोदी ने इजराइली PM नेतन्याहू से की बात, मौजूदा हालातों पर जताई चिंता हमले के बाद प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक दो ड्रोन को मार गिराया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर जंग के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई है। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है। आधिकारिक तौर पर रास्ता बंद नहीं किया गया है, लेकिन जहाज मालिकों ने सुरक्षा कारणों से आवाजाही रोक दी है। इससे वैश्विक तेल बाजार में चार साल की सबसे बड़ी उछाल देखने को मिली है। बातचीत से इनकार, हमले तेज ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने साफ कहा है कि उनका देश अमेरिका से किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा। दूसरी ओर ईरान ने इजरायल के साथ-साथ कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी हमले तेज कर दिए हैं। Iran-Israel War : एयरस्पेस बंद! कराची में फंसे 8 भारतीय, केरल के 3 यात्री शामिल इस संघर्ष में अब लेबनान का संगठन हिजबुल्लाह भी शामिल हो गया है, जिसने इजरायल के कई ठिकानों पर बमबारी की है और इसे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला बताया है। भारी तबाही और जान-माल का नुकसान रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए, जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत और 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से बड़ी संख्या में छात्राओं की जान गई। Iran-Israel War : कुवैत में मिसाइल हमले से अमेरिका का फाइटर जेट F-15 क्रैश तीसरे दिन और खतरनाक युद्ध 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब और ज्यादा भयावह होता जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में जवाबी हमले तेज हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जंग लंबी चली तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा।