CJP Protest Update : वांगचुक अनशन जारी! जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज, PM बोले- पेपर लीक दोषियों को मिलेगी सजा
CJP Protest Update : एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
CJP Protest Update : दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। इस बीच एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों के हित प्रभावित नहीं होंगे। दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई के विरोध में आंदोलनकारियों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
PM मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने किसानों को भी आश्वस्त किया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील से उनकी आजीविका या कृषि क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं होगा। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन जारी
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से पार्टी ने फिलहाल नया संसद मार्च नहीं निकालने का फैसला किया है।
उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों को चोटें आईं और इसी कारण आंदोलन की रणनीति में बदलाव किया गया है।
सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का फैसला किया
अभिजीत दीपके ने बताया कि सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे। हालांकि, पुलिस कार्रवाई देखने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। दीपके के अनुसार, वांगचुक ने कहा कि जब तक आंदोलनकारियों के साथ न्याय नहीं होगा, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं और लंबे समय तक भूख हड़ताल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
पुलिस कार्रवाई और FIR पर बढ़ा विवाद
संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने दंगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने के आरोप में पांच एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।
वहीं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग की जरूरत क्यों पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।