Congress PM Awas March : छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का PM आवास तक मार्च, राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब
Congress PM Awas March : कांग्रेस ने छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
Congress PM Awas March : नई दिल्ली। दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस ने छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से जुड़े मुद्दे पर जवाब मांगने के लिए उनके आवास तक मार्च कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करने और संसद में चर्चा कराने से बच रही है। राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की भी मांग की।
कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में हुए शामिल
कांग्रेस के विरोध मार्च में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सांसद दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास की ओर निकला मार्च
कांग्रेस ने अपना मार्च मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से शुरू किया। दोपहर करीब 3:30 बजे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुआई में नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े। करीब 3:44 बजे मार्च प्रधानमंत्री आवास के निकट पहुंचा और 3:50 बजे पार्टी के नेता वहां एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर सरकार की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।