Delhi Students Protest : CJP और सरकार के बीच आज फिर बातचीत, पेपर लीक पर कड़ी सजा का बिल आज! वांगचुक ने तोड़ा अनशन
Delhi Students Protest : सरकार का कहना है कि इस प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा के बाद इसे जल्द संसद में लाने की कोशिश की जाएगी।
Delhi Students Protest : नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। रात करीब 9 बजे से 1 बजे के बीच सरकार ने कई बड़े फैसले लिए। शिक्षा मंत्रालय में दो वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी कर बताया कि पेपर लीक जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े दंड का प्रावधान करने वाले नए विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इस प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा के बाद इसे जल्द संसद में लाने की कोशिश की जाएगी। कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में दूसरी बार बातचीत होगी। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर वार्ता हुई थी, जो बेनतीजा रही थी।
फास्ट ट्रैक कानून में सख्त सजा का प्रस्ताव
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है। मसौदे के मुताबिक दोषी पाए जाने वालों को 5 से 10 साल तक की सजा दी जा सकती है। ऐसे मामलों में जमानत आसान नहीं होगी।
यदि किसी कोचिंग संस्थान, शिक्षक या परीक्षा से जुड़े कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही पेपर तैयार करने या परीक्षा प्रक्रिया में शामिल दोषियों को भविष्य में ऐसी जिम्मेदारियों से स्थायी रूप से बाहर किया जा सकता है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
वांगचुक ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में तनाव और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए लंबी बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।
जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन और पढ़ाई साथ-साथ
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन स्थल पर छात्रों का अलग ही दृश्य देखने को मिला। एक ओर मंच से नारे लगाए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई छात्र धरना स्थल पर बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते नजर आए।
छात्रों का कहना है कि आंदोलन जरूरी है, लेकिन वे अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं करेंगे। पूरे आंदोलन के संचालन में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बड़ी भूमिका दिखाई दे रही है। स्वयंसेवक भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का पुराना छात्र आंदोलन फिर चर्चा में
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुराना छात्र जीवन भी इन दिनों चर्चा में है। उनके पुराने सहयोगियों के अनुसार, वर्ष 1997 में ओडिशा में हुए पेपर लीक विरोधी छात्र आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
उस दौरान पुलिस लाठीचार्ज में वे गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। वहीं हाल के दिनों में उनकी बेटी नैमिषा प्रधान को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी सामने आया। लगातार ऑनलाइन आलोचना के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए जाने की चर्चा रही।
शिक्षा मंत्रालय में फेरबदल और फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी
सरकार ने देर रात शिक्षा मंत्रालय में भी प्रशासनिक बदलाव किए। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया।
वहीं टीके अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी दी गई। इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है।
आज सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हो सकती है बातचीत
शुक्रवार दोपहर सरकार और प्रदर्शनकारी संगठन CJP के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत होने की संभावना है। संगठन ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में देशभर में प्रदर्शन का आह्वान भी किया है।
संगठन के नेताओं का कहना है कि सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होना राहत की बात है, लेकिन उनकी अन्य मांगों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।