Maharashtra TET Paper Leak : महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिहार से गिरफ्तार, कई राज्यों में फैले नेटवर्क की होगी जांच
Maharashtra TET Paper Leak : महाराष्ट्र पुलिस अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर राज्य लाकर विस्तृत पूछताछ की तैयारी कर रही है।
Maharashtra TET Paper Leak : मुंबई। महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक महीने से फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। महाराष्ट्र पुलिस ने एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है। अब पुलिस दोनों से पूछताछ कर पेपर लीक से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच आगे बढ़ाएगी।
बिहार से गिरफ्तारी, लंबे समय से चल रही थी तलाश
अधिकारियों के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता कई दिनों से बिहार के अलग-अलग इलाकों में छिपकर गिरफ्तारी से बच रहा था। महाराष्ट्र पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
गुप्ता का नाम देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों से जुड़ा बताया जाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
NEET पेपर लीक के बाद आया था चर्चा में
बिजेंद्र गुप्ता वर्ष 2024 में NEET पेपर लीक मामले के दौरान एक अंडरकवर स्टिंग के बाद चर्चा में आया था। आरोप है कि उसने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के तरीकों और कथित नेटवर्क के काम करने के तरीके की जानकारी दी थी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि उसका संबंध देश के अन्य परीक्षा पेपर लीक मामलों से कितना गहरा है। महाराष्ट्र पुलिस अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर राज्य लाकर विस्तृत पूछताछ की तैयारी कर रही है।
पत्नी समेत कई आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में आरोप है कि पेपर लीक से जुड़े आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों की खरीद में भी कुछ लोगों की भूमिका रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित अवैध कमाई से दिल्ली और पटना सहित अन्य स्थानों पर संपत्तियां खरीदी गई थीं या नहीं।
SIT की जांच में कई अहम खुलासे
SIT ने इससे पहले कपिल दहिया, मिथुन सिंह और सोनू सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में आरोप है कि ये लोग लीक प्रश्नपत्र बेचने, वितरण करने, फर्जी पहचान पत्र तैयार कराने और नेटवर्क को लॉजिस्टिक सहायता देने का काम कर रहे थे।
जांच की शुरुआत तब हुई थी जब 28 जून की परीक्षा से पहले ठाणे में तीन लोगों को कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा स्थगित करनी पड़ी, जिससे करीब छह लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए।