Student Protest Update : रांची में छात्रों का विधानसभा घेराव शुरू, बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ा हुजूम; 6 लेयर की सुरक्षा
Jharkhand Assembly Siege March : हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। छात्रों ने कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी।
Jharkhand Assembly Siege March : रांची। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का बड़ा प्रदर्शन शुरू हो गया है। हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। छात्रों ने कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। छात्रों की मांग है कि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए। प्रदर्शन को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
5 हजार से ज्यादा छात्र जुटे
रात से ही बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जमा होने लगे थे। बताया गया कि देर रात तक 5 हजार से ज्यादा छात्र यहां पहुंच चुके थे। सुबह होते ही छात्रों का हुजूम विधानसभा की ओर बढ़ने लगा। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
छात्रों ने कई बैरिकेडिंग तोड़ी
विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाई गई कई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने विधानसभा और नए विधानसभा के बीच लगाई गई चार बैरिकेडिंग को छात्रों ने पार कर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर के पास बनी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर भी चढ़ गए। पुलिस लगातार भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
छात्रों की CBI जांच की मांग
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि उन्हें रांची पहुंचने से पहले कई जगहों पर रोका गया। छात्रों ने दावा किया कि बसों और दोपहिया वाहनों की सख्त जांच की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा तक जाना चाहते हैं। छात्रों की प्रमुख मांग JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की है।
बीजेपी नेताओं ने भी दिया धरना
छात्रों के आंदोलन के बीच झारखंड बीजेपी के नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, विधायक सीपी सिंह, नीरा यादव और नवीन जायसवाल समेत कई नेता शामिल हुए। बीजेपी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई। बाद में पुलिस ने बीजेपी नेताओं को धरना स्थल से हटा दिया।
9 दिन से अनशन कर रहे देवेंद्र भी पहुंचे
JPSC को लेकर अपनी मांगों के समर्थन में पिछले 9 दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी विधानसभा घेराव में शामिल हुए। उन्हें छात्र कंधे पर उठाकर आगे ले गए। उनके हाथ में तिरंगा और शिबू सोरेन की तस्वीर दिखाई दी। तबीयत को देखते हुए वे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव के लिए रवाना हुए थे। उनके समर्थकों का कहना है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगों पर फैसला नहीं होता।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा के आसपास छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। धरना स्थल से विधानसभा तक करीब 2 हजार जवानों की तैनाती की गई है। जगह-जगह कंटीले तार और बैरिकेडिंग लगाई गई है। पुलिस ने राइट कंट्रोल वाहन, आंसू गैस और वाटर कैनन भी तैनात किए हैं। CCTV कैमरों के जरिए प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
2 किलोमीटर के दायरे में वाटर कैनन
विधानसभा के मुख्य गेट के आसपास भारी बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा करीब 2 किलोमीटर के दायरे में वाटर कैनन तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल रांची बुलाया है। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए BNS की धारा 163 लागू की गई है। हजारीबाग से रांची आने वाली कुछ बसों को भी रोके जाने की जानकारी सामने आई है।
JPSC मामले में ED की भी एंट्री
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने ECIR दर्ज की है। इसके साथ ही मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू होने की बात सामने आई है। इससे यह मामला और गंभीर हो गया है। वहीं, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच CID भी कर रही है। जांच के दौरान आयोग से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
JPSC में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव हुआ है। आयोग की तीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों के इस्तीफे राज्यपाल ने मंजूर कर लिए हैं। इससे पहले 22 जुलाई को JPSC के चेयरपर्सन एल. खियांग्ते भी पद से इस्तीफा दे चुके हैं। अब आयोग से जुड़े अधिकारियों और सदस्यों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ होनी है।
आंदोलन के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव
JPSC-JSSC मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। एक तरफ छात्र परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अड़े हैं। दूसरी तरफ बीजेपी सरकार पर लगातार हमलावर है। विधानसभा घेराव के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने से प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती बढ़ गई है। फिलहाल रांची में सुरक्षा बल तैनात हैं और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।