PM Modi in Jind : भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, PM बोले- यह दुनिया में सबसे लंबी और ताकतवर
PM Modi in Jind : PM ने कहा कि इन संस्थानों के शुरू होने से हरियाणा के युवाओं के लिए डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल बनने के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
PM Modi in Jind : हरियाणा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में आयोजित जनसभा के दौरान राज्य को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, विरासत संरक्षण और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने दो नए मेडिकल कॉलेज भी राज्य को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के शुरू होने से हरियाणा के युवाओं के लिए डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल बनने के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ये परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास को नई गति देंगी और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करेंगी।
स्वच्छता अभियान को लेकर जींद के लोगों की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में जींद के लोगों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह सोशल मीडिया पर जींद में चल रहे सफाई अभियान की तस्वीरें और वीडियो देख रहे थे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उनसे मजाक में कहा कि "मोदी जी, आप बार-बार जींद आइए ताकि सफाई अभियान लगातार चलता रहे।"
इस पर प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि स्वच्छता केवल किसी नेता के आने पर नहीं, बल्कि नागरिकों की रोजमर्रा की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की अपील की।
डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में बिना खर्ची और बिना पर्ची के पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का सरकार पर भरोसा मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय के कारण विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और आम जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
किसानों और युवाओं के लिए विकास का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का सबसे अधिक लाभ हरियाणा के किसानों को मिला है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के किसानों को अब तक लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने जींद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धरती महाराजा रणजीत सिंह की गौरवगाथा और पांडवों की परंपरा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में बनने वाला सिख संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को भारत की गुरु परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराएगा।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनी आकर्षण का केंद्र
जींद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत को स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक रेलवे तकनीक की दिशा में आगे ले जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा खेती और उद्योग के दो मजबूत पहियों पर आगे बढ़ रहा है और नई परियोजनाएं इस विकास यात्रा को और गति देंगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राज्य के लोगों को बधाई दी और इसे विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आठ बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज (भिवानी), महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल (नारनौल), दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाईवे का हरियाणा सेक्शन, अंबाला-काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग, हांसी-बरवाला राष्ट्रीय राजमार्ग तथा कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं से परिवहन, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने बताया ऐतिहासिक दिन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह दिन हरियाणा के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हरियाणा से शुरू होना राज्य के लिए गर्व की बात है। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है, जहां इस आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जींद में स्थापित हाइड्रोजन प्लांट में तैयार ऊर्जा से ट्रेन संचालित होगी। इस तकनीक से धुआं या प्रदूषण नहीं होता और केवल पानी की बूंदें तथा जलवाष्प उत्सर्जित होती हैं, जिससे यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है।
जींद-सोनीपत रूट को क्यों चुना गया
रेल मंत्रालय के अनुसार हाइड्रोजन ट्रेन के परीक्षण और संचालन के लिए जींद-सोनीपत रेल मार्ग को विशेष रूप से चुना गया। इसकी पहली वजह यह है कि इस रूट पर ट्रेनों का दबाव अपेक्षाकृत कम है और प्रतिदिन सीमित संख्या में ट्रेनें संचालित होती हैं।
दूसरी वजह यह है कि यह मार्ग दिल्ली के काफी निकट है, जिससे तकनीकी निगरानी, परीक्षण और रखरखाव करना आसान रहता है। इसके अलावा यह नॉन-इलेक्ट्रिफाइड ब्रॉड गेज रूट है, इसलिए नई तकनीक के परीक्षण के लिए इसे उपयुक्त माना गया।