Bhopal Farmers Protest : भोपाल में किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन! बैरिकेड तोड़ बसों पर चढ़े प्रदर्शनकारी
Bhopal Farmers Protest : प्रदर्शनकारी किसान वीर सावरकर सेतु तक पहुंचे, जहां पुलिस ने बसों की चार परतों वाली बैरिकेडिंग लगाकर उनका रास्ता रोक दिया।
Bhopal Farmers Protest : भोपाल। राजधानी भोपाल में मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था में सुधार, फसलों के उचित दाम और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वीर सावरकर सेतु पर रोका मार्च
प्रदर्शनकारी किसान वीर सावरकर सेतु तक पहुंचे, जहां पुलिस ने बसों की चार परतों वाली बैरिकेडिंग लगाकर उनका रास्ता रोक दिया। कुछ किसान बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर उन्हें नीचे उतार दिया।
इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
अर्धनग्न प्रदर्शन, सड़क पर भोजन और हवन कर जताया विरोध
आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने अर्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि बढ़ती लागत, महंगाई और फसलों के कम दाम के कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
कई किसान रातभर प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। सुबह कुछ किसान आराम करते नजर आए, जबकि अन्य ने सड़क किनारे दाल-बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया।
किसानों ने सरकार को "सद्बुद्धि" देने की कामना करते हुए हवन और यज्ञ भी किया। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
युवाओं का मिला समर्थन, शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित
किसानों के आंदोलन को कुछ युवाओं, विशेषकर Gen-Z वर्ग का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि कृषि संकट केवल किसानों का नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य से जुड़ा विषय है।
आंदोलन के कारण नर्मदापुरम रोड, होशंगाबाद रोड और आसपास के कई मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी, जिससे शहर में लंबा जाम लगा और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।
सरकार ने बनाई मंत्री समिति, किसानों से होगी बातचीत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने मंत्रियों की एक समिति गठित की है। इस समिति में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री राकेश सिंह को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री किसानों से संवाद करेंगे और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ खड़ी है, लेकिन आंदोलन के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
किसानों की प्रमुख मांगें और आगे की रणनीति
प्रदर्शन कर रहे किसान मूंग खरीदी की प्रभावी व्यवस्था, ई-टोकन सिस्टम में सुधार, एमएसपी की कानूनी गारंटी, फसलों का लाभकारी मूल्य और कृषि लागत के अनुरूप समर्थन मूल्य की मांग कर रहे हैं।
किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर सरकार और किसान संगठनों के बीच प्रस्तावित वार्ता पर टिकी है। यदि बातचीत सफल नहीं होती, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।