CM on Analog Paneer Ban : MP में एनालॉग पनीर पर बैन, CM मोहन यादव बोले- प्राकृतिक दूध से बनेगा पनीर
CM on Analog Paneer Ban : मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक तरीके से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दूध से ही पनीर तैयार करने पर जोर दिया। सरकार अब प्रतिबंध के पालन को लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई करेगी।
CM on Analog Paneer Ban : भोपाल। महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री निवास पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने प्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और वास्तविक डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराना है।
CM बोले- प्राकृतिक तरीके से बढ़ाएंगे दुग्ध उत्पादन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों ने इस उत्पाद पर रोक लगाई है, उसी दिशा में मध्य प्रदेश भी कदम उठा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक तरीके से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दूध से ही पनीर तैयार करने पर जोर दिया। सरकार अब प्रतिबंध के पालन को लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई करेगी।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर को पारंपरिक दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसमें दूध के साथ या उसकी जगह वनस्पति वसा, पाम ऑयल, स्टार्च और दूसरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसे केवल इसलिए नकली पनीर नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसे डेयरी पनीर बताकर बेचना उपभोक्ता को भ्रमित कर सकता है। उत्पाद की सही पहचान और लेबलिंग इसलिए महत्वपूर्ण है।
कम कीमत के कारण बढ़ा इस्तेमाल
एनालॉग पनीर की कीमत आमतौर पर डेयरी पनीर से कम होती है। बाजार में डेयरी पनीर करीब 350 से 450 रुपए प्रति किलो या उससे अधिक कीमत में मिल सकता है। वहीं एनालॉग पनीर करीब 150 से 250 रुपए प्रति किलो तक उपलब्ध होने का दावा किया जाता है। कम कीमत के कारण होटल, रेस्तरां और कैटरिंग कारोबार में इसके इस्तेमाल की संभावना ज्यादा रहती है।
पैकेट पर Ingredients जरूर देखें
एनालॉग पनीर की पहचान के लिए उपभोक्ताओं को पैकेट पर दी गई सामग्री की सूची यानी Ingredients ध्यान से देखनी चाहिए। पैकेट पर FSSAI लाइसेंस या संबंधित जानकारी के साथ उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री का विवरण दिया जाता है।
अगर लेबल पर Analogue, Imitation या Vegetable Fat जैसी जानकारी लिखी है, तो वह पारंपरिक डेयरी पनीर नहीं है। खुले या बिना लेबल वाले पनीर की खरीदारी से बचना बेहतर है।
हर एनालॉग पनीर को खतरनाक मानना सही नहीं
एनालॉग पनीर को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता केवल उसके एनालॉग होने से नहीं है। समस्या तब ज्यादा गंभीर हो सकती है, जब इसमें खराब गुणवत्ता वाला तेल, अधिक हाइड्रोजेनेटेड वनस्पति तेल या खाद्य मानकों के विपरीत सामग्री का इस्तेमाल किया जाए। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद की गुणवत्ता, लेबल और सामग्री की जानकारी देखना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन होना भी महत्वपूर्ण है।
अब कार्रवाई की तैयारी
मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही बाजार में उपलब्ध ऐसे उत्पादों की जांच और कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। सरकार का फोकस उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने पर है।