Analog Paneer Banned : MP में एनालॉग पनीर बैन! मंत्री बोले- जल्द आने वाला है आदेश
Analog Paneer Banned : भोपाल में रोजाना करीब 30 से 40 क्विंटल पनीर की खपत होती है। इसमें 15 से 20 क्विंटल तक एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर होने का अनुमान है।
Analog Paneer Banned : मध्य प्रदेश। गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ ने इसी महीने एनालॉग पनीर के उत्पादन, स्टोरेज, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाई है। इन राज्यों में जांच के दौरान दूध के पनीर के नाम पर वनस्पति तेल और स्टार्च से बने उत्पाद इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए थे। मध्य प्रदेश में फिलहाल इस पर रोक नहीं है। ऐसे में पड़ोसी राज्यों से एनालॉग पनीर की सप्लाई मध्य प्रदेश में बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भोपाल में रोज 30 से 40 क्विंटल पनीर की खपत
कारोबारी अनुमानों के अनुसार भोपाल में रोजाना करीब 30 से 40 क्विंटल पनीर की खपत होती है। इसमें 15 से 20 क्विंटल तक एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर होने का अनुमान है।
इस हिसाब से भोपाल में हर महीने करीब 45 से 60 टन एनालॉग पनीर की खपत हो सकती है। प्रदेश स्तर पर इसकी रोजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल होने का अनुमान है।
हर महीने 900 से 1200 टन तक खपत का अनुमान
प्रदेश में एनालॉग पनीर की अनुमानित खपत का आंकड़ा काफी बड़ा है। कारोबारी अनुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश में रोजाना करीब 300 से 400 क्विंटल एनालॉग पनीर की आवक और बिक्री हो सकती है। इस हिसाब से हर महीने करीब 900 से 1200 टन तक उत्पाद खपने का अनुमान है। हालांकि, ये आंकड़े कारोबारी अनुमान हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने दिया बैन का संकेत
मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मंगलवार को इंदौर में कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। मंत्री के मुताबिक पड़ोसी राज्यों में रोक लगने के बाद वहां का एनालॉग पनीर मध्य प्रदेश में खपाए जाने की आशंका बढ़ गई है।
मंत्री बोले- प्रतिबंध के बाद नहीं आएगा माल
नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर रोक लगाई गई है। ऐसे में सरकार को चिंता है कि इस उत्पाद को खपाने के लिए मध्य प्रदेश भेजा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भी प्रतिबंध लागू होने के बाद ऐसे उत्पाद की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाई जा सकेगी। सरकार इस दिशा में जल्द फैसला लेने की तैयारी में है।
FSSAI के नियमों का दिया हवाला
मंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI के निर्देशों के अनुसार एनालॉग पनीर को अलग से पैक करना और उसकी सही जानकारी देना जरूरी है।
उनका कहना है कि आम उपभोक्ताओं को असली पनीर और एनालॉग पनीर के बीच अंतर की जानकारी नहीं होती। इसी वजह से कई मामलों में ग्राहक असली पनीर की जगह एनालॉग उत्पाद खरीद लेते हैं।
क्या है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर पारंपरिक दूध से बने पनीर का विकल्प है। इसमें दूध के कुछ या सभी घटकों की जगह गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें वनस्पति वसा, प्रोटीन और अन्य खाद्य सामग्री शामिल हो सकती हैं।
ऐसे उत्पादों की बिक्री में सही लेबलिंग और उपभोक्ता को स्पष्ट जानकारी देना महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश सरकार अब इसके उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने को लेकर फैसला कर सकती है।