Anna Hazare vow of silence : छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन व्रत! CJP प्रदर्शन पर दिल्ली हाईकोर्ट में 24 को सुनवाई
Anna Hazare vow of silence : इससे पहले अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा था। उनका कहना था कि पीएम सर्वोच्च नेता हैं, इसलिए जनता के सवाल उन तक पहुंचाना जरूरी है।
Delhi Protest Update : नई दिल्ली। देशभर में चर्चा का विषय बने CJP के छात्र आंदोलन को अब सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का भी समर्थन मिल गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में अन्ना हजारे ने छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन शुरू किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की चिंताओं और मांगों पर ध्यान देने की अपील की है। दूसरी ओर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार जारी है और इस आंदोलन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होने वाली है।
अन्ना हजारे ने शुरू किया मौन आंदोलन
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दे गंभीर हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसी कारण उन्होंने अहिल्यानगर में मौन आंदोलन शुरू किया है।
अन्ना हजारे का कहना है कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए जनता की आवाज और छात्रों की चिंताओं को उनके सामने रखना जरूरी है। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर छात्रों से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की मांग की है।
दिल्ली हाईकोर्ट में होगी अहम सुनवाई
CJP के प्रदर्शन के खिलाफ दाखिल एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन के कारण राजधानी के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। मामले की सुनवाई जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के सामने होगी।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को भी हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद रहे। CJP के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में छात्र और युवा लगातार भाग ले रहे हैं। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए जानबूझकर तनाव पैदा किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नड्डा के बातचीत प्रस्ताव पर नहीं बनी बात
इस बीच आंदोलन को समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें भी जारी हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था।
हालांकि, संगठन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। CJP का कहना है कि वह किसी मंत्री के आवास या कार्यालय में बातचीत नहीं करेगा और केवल किसी तटस्थ स्थान पर ही वार्ता के लिए तैयार है।
CJP ने रखी न्यूट्रल जगह की शर्त
जंतर-मंतर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस के माध्यम से उन्हें जानकारी दी गई थी कि जेपी नड्डा ने चर्चा के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि संगठन किसी राजनीतिक नेता के घर या कार्यालय नहीं जाएगा।
यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है, तो वह जंतर-मंतर के पास किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित करे। CJP का कहना है कि इससे बातचीत निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी कारण संगठन ने बातचीत का एक प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।