MP Cabinet : संडे को कैबिनेट में 9 बड़े विधेयक, CM ने दी मंजूरी! UCC, कोचिंग नियम और फायर एक्ट में बड़े बदलाव
MP Cabinet : सरकार इन सभी 9 विधेयकों को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करेगी।
MP Cabinet : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी विधानसभा मानसून सत्र से पहले कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। रविवार को प्रस्तावित जगदीशपुर कैबिनेट बैठक में पेश होने वाले नौ प्रमुख विधेयकों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंजूरी दे दी है।
इनमें निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), निजी कोचिंग संस्थानों का विनियमन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, श्रम संहिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, नागरिक सुरक्षा, पंचायत राज और राजमार्ग संशोधन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार इन सभी विधेयकों को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करेगी।
निजी विश्वविद्यालयों के नियम होंगे आसान
सरकार निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए न्यूनतम 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त कर दी जाएगी।
इसके स्थान पर कानून में "पर्याप्त भूमि" का प्रावधान जोड़ा जाएगा। इससे शहरों और शहरी सीमा के आसपास भी मल्टीस्टोरी निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह बदलाव नई शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा के विस्तार और आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
कोचिंग संस्थानों और उद्योगों के लिए नए नियम
सरकार निजी कोचिंग संस्थानों के लिए भी नया कानून लाने जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं होगा। सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य रहेगा और भ्रामक विज्ञापन देने पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो निर्धारित समय सीमा के भीतर यथानुपात के आधार पर फीस लौटानी होगी।
वहीं उद्योगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सचिवालय बनाया जाएगा, जहां निवेशकों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक मंजूरियां मिल सकेंगी। इससे नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज होने की उम्मीद है।
यूसीसी, श्रम संहिता और नागरिक सुरक्षा में बड़े बदलाव
सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक के माध्यम से विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव ला रही है। इसमें लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण और महिलाओं व पुरुषों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार देने का प्रावधान भी शामिल है।
वहीं श्रम संहिता के जरिए पुराने श्रम कानूनों को केंद्रीय श्रम संहिता के अनुरूप एकीकृत किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन के तहत पुलिस और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
फायर एक्ट, राजमार्ग और पंचायत कानून में भी संशोधन
प्रस्तावित अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक के तहत 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, बड़े स्कूलों, अस्पतालों, होटलों, मॉल और व्यावसायिक परिसरों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान रहेगा। साथ ही नगरीय निकायों में फायर सेफ्टी टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव है।
इसके अलावा राजमार्ग संशोधन विधेयक के जरिए स्टेट हाईवे पर अवैध कट और अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए जाएंगे। पंचायत राज और उपकर संशोधन विधेयकों के तहत स्वामित्व योजना से जुड़ी ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री पर कर में राहत देने का प्रस्ताव भी शामिल है।