Emmanuel Macron at AI Impact Summit 2026 : नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लग चुकी है और अब भारत में भी इसको लेकर बहस तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने फेसबुक-इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बच्चों की पहुंच सीमित करने के कदम उठाए हैं।
इसी बीच इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बड़ी अपील करते हुए कहा कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फ्रांस सोशल मीडिया बैन की तैयारी कर रहा है और भारत से भी ऐसे ही कदम की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो भारत में भी कम उम्र के बच्चे फेसबुक-इंस्टा जैसे प्लेटफॉर्म इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
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बच्चों की सुरक्षा को बताया ‘सभ्यता का सवाल’
मैक्रों ने अपने संबोधन में साफ कहा कि जो चीज़ असल दुनिया में बच्चों के लिए स्वीकार्य नहीं है, वह इंटरनेट पर भी नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक सोशल मीडिया को सुरक्षित बनाना सिर्फ प्लेटफॉर्म की नहीं बल्कि सरकार और रेगुलेटर्स की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून का मुद्दा नहीं बल्कि सभ्यता से जुड़ा हुआ सवाल है।
भारत से इस मुहिम में जुड़ने की उम्मीद
फ्रांस के राष्ट्रपति ने बताया कि ग्रीस, स्पेन और कई अन्य यूरोपीय देश भी इस पहल में साथ आ रहे हैं। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी की ओर देखते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि भारत भी बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए इस अभियान से जुड़ेगा। उनके इस बयान के बाद भारत में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियम बनाने की चर्चा और तेज हो गई है।
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‘नमस्ते’ से शुरू किया भाषण, भारत की तारीफ
मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमस्ते’ से की और भारत में स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 2024 की अपनी स्टेट विजिट के बाद फिर भारत आना उनके लिए खास है और यह समिट ऐतिहासिक है। उन्होंने भारत के डिजिटल बदलाव को दुनिया के लिए एक मिसाल बताया।
मैक्रों ने समझाया डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
भारत की टेक्नोलॉजी प्रगति को समझाने के लिए मैक्रों ने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले वह व्यक्ति बैंक अकाउंट भी नहीं खोल सकता था, लेकिन आज वही मोबाइल से तुरंत और फ्री डिजिटल पेमेंट ले रहा है। मैक्रों ने कहा कि यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं बल्कि एक सिविलाइज़ेशन की कहानी है।
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पेमेंट सिस्टम की दुनिया में मिसाल बना भारत
मैक्रों ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ करते हुए कहा कि 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान बनाना दुनिया में अद्वितीय है। साथ ही हर महीने 20 अरब ट्रांजैक्शन करने वाला पेमेंट सिस्टम और 500 मिलियन डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करना भारत की बड़ी उपलब्धि है। उनके मुताबिक भारत ने जो स्केल हासिल किया है, वह किसी और देश ने नहीं किया।