उत्तर प्रदेश की तरह अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी ज्ञानवापी मामले की तर्ज पर जामा मस्जिद की पिटीशन दायर होगी.संस्कृति बचाओ मंच सबूत और कागजी तैयारी पूरी कर अब पिटीशन दायर करेगा.मामले की पैरवी ज्ञानवापी मस्जिद मामले के वकील हरिशंकर जैन करेंगे.न
जामा मस्जिद नहीं मंदिर है
संस्कृत बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि भोपाल के चौक बाजार में स्थित जामा मस्जिद,मस्जिद नहीं बल्कि एक शिव मंदिर है.साथ ही वह बताते हैं कि इसको साबित करने के लिए उनके पास सबूत और कागज़ात भी मौजूद हैं.
इसको लेकर उनकी हरिशंकर जैन से भी बात हुई,और उन्हें तमाम सबूत भी दिखाए गए हैं जिसके बाद वकील हरिशंकर जैन ने भी अपनी सहमति दे दी है.
भोपाल गजेटियर
नवाब शासन काल के दौरान सील और मुहर के साथ भोपाल गजेटियर जारी किया गया था.गजेटियर में मंदिर को हटाकर मस्जिद बनाने का जिक्र मिलता है.यह जिक्र गजेटियर में भोपाल की महिला नवाब कुदसिया बेगम द्वारा किया गया है.
गजेटियर के मुताबिक वहाँ सभा मंडप नामक एक शिव मंदिर था जिसमें एक हजार से भी ज्यादा बच्चे धर्म ग्रन्थ और वेदों का ज्ञान लिया करते थे.इसमें सन् 1832 में और 1857 में मंदिर के स्थान पर मस्जिद बनाने का जिक्र मिलता है.

ज्ञानवापी वकील हरिशंकर जैन ने दी स्वीकृति
चंद्रशेखर बताते हैं कि आज भी मस्जिद की गुम्मद मंदिर के ही शिखर हैं,कथित तौर पर इन मस्जिदों में आज भी शिव मंदिर के कलश जड़े हुए हैं.इससे जुड़े तमाम सबूत केंद्र से लेकर राज्य सभी सरकारों को दिए गए पर कुछ नहीं हुआ पर अब हम न्यायालय से सनातनी हक की माँग करेंगे.
साथ ही जब सर्वे की माँग की तो सरकारों ने कोई एक्शन नहीं लिया. इसकी पिटीशन से जुड़ी बात पर वकील हरिशंकर जैन ने भी स्वीकृति दे दी है और इस माह के भीतर ही हम याचिका दर्ज कराँएगे.
ये भी पढ़ें- क्या इस विरोध के बाद OMG-2 हो पाएगी रिलीज़
https://aayudh.org/will-omg-2-be-released-after-this-protest/