E20 Petrol Mileage: देशभर में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने माना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज कुछ कम हो सकता है, लेकिन इससे वाहनों के इंजन या पार्ट्स को नुकसान होने के सबूत नहीं मिले हैं।
E20 पेट्रोल से कितना कम होता है माइलेज?
मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने बताया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कार का माइलेज करीब 3% तक कम हो सकता है। वहीं ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के निदेशक डॉ. रेजी माथाई के अनुसार अलग-अलग वाहनों में माइलेज 2% से 6% तक घट सकता है।
2023 के बाद बनी गाड़ियों में नहीं होगी दिक्कत
राहुल भारती ने बताया कि वर्ष 2023 से देश में E20 ईंधन लागू किया गया है। इसके बाद बनने वाले वाहनों को E20 के अनुरूप तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक इन वाहनों में इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य पार्ट्स में जरूरी बदलाव किए गए हैं, जिससे घिसाव, जंग या किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है।
पुरानी गाड़ियों को लेकर क्या कहा?
कंपनी ने बताया कि 2023 से पहले बनी ज्यादातर गाड़ियां E10 पेट्रोल को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई थीं। इन्हीं वाहनों पर E20 के असर का परीक्षण किया गया। जांच में माइलेज में कमी जरूर देखने को मिली, लेकिन इंजन या अन्य पार्ट्स को नुकसान होने जैसी कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई।
सरकार ने भी माना, माइलेज पर पड़ता है असर
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी स्वीकार कर चुके हैं कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज कुछ कम हो सकता है। हालांकि उनका कहना है कि माइलेज केवल ईंधन पर ही नहीं, बल्कि वाहन की स्थिति और ड्राइविंग स्टाइल जैसे कई अन्य कारणों पर भी निर्भर करता है।
दुनिया के कई देशों में हो रहा इस्तेमाल
सरकार के मुताबिक अमेरिका, ब्राजील समेत कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन का लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे ईंधन का उपयोग मोटरस्पोर्ट्स और रेसिंग कारों में भी किया जाता है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को घटाना है।