Maharashtra UCC Update: महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकेत दिए हैं कि अगले सप्ताह विशेषज्ञ समिति के गठन का ऐलान किया जा सकता है। यह समिति राज्य के लिए यूसीसी का मसौदा तैयार करेगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
यूसीसी के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
सरकार सबसे पहले विशेषज्ञों की एक समिति गठित करेगी, जो राज्य में लागू मौजूदा कानूनों का अध्ययन करेगी। समिति दस्तावेजों की समीक्षा कर महाराष्ट्र के लिए समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी। इसके बाद सरकार इस मसौदे को विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
सीएम फडणवीस ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान के नीति निदेशक तत्वों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर भी समान नागरिक कानून के पक्षधर थे। यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी, जिससे समानता के संवैधानिक सिद्धांत को मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन
महाराष्ट्र सरकार यूसीसी का मसौदा तैयार करते समय उत्तराखंड के अनुभव का भी अध्ययन करेगी। उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य है। इसके अलावा गुजरात और असम जैसे राज्यों में भी इस विषय पर पहल की जा चुकी है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि यूसीसी जैसे कानून पर सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मसौदा तैयार करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों, वकीलों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर कानून सभी की
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सहमति और व्यापक हित को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा तो कांग्रेस समर्थन करेगी, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य से किया गया तो पार्टी विरोध करेगी।
शिवसेना ने किया स्वागत
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लंबे समय से पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रही है। उनके मुताबिक, बाल ठाकरे ने भाजपा के साथ राम मंदिर, अनुच्छेद 370 और यूसीसी जैसे मुद्दों पर वैचारिक समर्थन दिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र भी जल्द यूसीसी लागू करने वाले राज्यों में शामिल होगा।