Jitu Patwari Case: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए सख्त टिप्पणी की।
2024 लोकसभा चुनाव के बयान से जुड़ा मामला
यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भिंड जिले के उमरी क्षेत्र में दिए गए जीतू पटवारी के एक बयान से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान आरोप लगाया था कि बीएसपी प्रत्याशी देवाशीष जरारिया बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। इसके बाद देवाशीष जरारिया के चुनावी प्रतिनिधि अशोक गुप्ता की शिकायत पर उमरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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कई समन के बाद भी नहीं पहुंचे कोर्ट
मामले की सुनवाई के दौरान एमपी-एमएलए कोर्ट ने जीतू पटवारी को कई बार पेश होने के लिए समन जारी किए, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 27 जुलाई को होगी।
पुलिस की कार्रवाई पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि
जीतू पटवारी सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में लगातार नजर आ रहे हैं, फिर भी पुलिस उन्हें तलाश नहीं पा रही है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए पुलिस से जवाब मांगा।
बीएसपी में शामिल होने के बाद शुरू हुआ था विवाद
लोकसभा चुनाव 2024 में देवाशीष जरारिया को कांग्रेस से टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर बीएसपी का दामन थाम लिया और उसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए जीतू पटवारी के बयान के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ, जो अब अदालत तक पहुंच चुका है।