HIGHLIGHTS:
- फालता सीट पर 285 बूथों पर पुनर्मतदान जारी
- TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से पहले छोड़ा मैदान
- हर बूथ पर CAPF के 8 जवान तैनात
- EVM छेड़छाड़ के आरोपों के बाद हुआ पुनर्मतदान
- BJP ने भारी जीत का दावा किया

FALTA REPOLLING: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की चर्चित फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान शुरू हो गया है, मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। इस सीट पर राजनीतिक माहौल तब और गर्म हो गया जब TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से ठीक 48 घंटे पहले चुनावी मैदान छोड़ने का एलान कर दिया। कभी खुद को ‘पुष्पा’ बताकर प्रशासन को चुनौती देने वाले जहांगीर के अचानक पीछे हटने से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। हालांकि नामांकन वापसी की तारीख निकल जाने के कारण उनका नाम और चुनाव चिह्न अब भी EVM में मौजूद है।
हर बूथ पर CAPF जवान तैनात
चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। फालता विधानसभा क्षेत्र के 285 बूथों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल CAPF की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रत्येक बूथ पर आठ जवान मौजूद हैं, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं। करीब 2.36 लाख मतदाता इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें 1.15 लाख महिलाएं और नौ तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं।
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EVM छेड़छाड़ के आरोपों ने बढ़ाया विवाद
फालता सीट पर पुनर्मतदान का फैसला पिछले चुनाव में कथित गड़बड़ियों के बाद लिया गया था। कई बूथों पर EVM में परफ्यूम जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाने के आरोप सामने आए थे। चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता की जांच में करीब 60 बूथों पर कथित अनियमितताओं के संकेत मिले। इसके अलावा वेब कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ की कोशिशों ने भी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद आयोग ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया।
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BJP ने जताई बड़ी जीत की उम्मीद
फालता सीट से BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने दावा किया कि क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है और लोग बिना किसी डर के मतदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि BJP भारी मतों से जीत दर्ज करेगी। वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर खान के चुनाव छोड़ने पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पता था कि उन्हें पोलिंग एजेंट तक नहीं मिलेंगे। दूसरी ओर, आम मतदाताओं ने भी कहा कि वर्षों बाद वे बिना भय के मतदान कर पा रहे हैं, जिससे इलाके का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।