Vande Mataram Controversy : भोपाल, मध्य प्रदेश। इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि नगर परिषद में एक कांग्रेस पार्षद का ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जीतू पटवारी को इस्तीफा दे देना चाहिए।
देशभक्तों के बलिदान का किया अपमान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) और राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके सदस्यों को इस तरह का व्यवहार करने के लिए क्यों प्रोत्साहित किया जाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह की घटनाएं देशभक्तों के बलिदान का अपमान करती हैं।
आज़ादी से पहले कांग्रेस ने इसके 5 छंद हटाए
सीएम ने प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों को अपनाकर देश का दिल जीता है, जबकि कांग्रेस आज भी अपने दोहरे मापदंडों में फंसी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी से पहले भी कांग्रेस ने इसके पाँच छंद हटा दिए थे।
जीतू पटवारी दे दें इस्तीफा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस से मांग की कि वह इस तरह के व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जीतू पटवारी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि नगर निगम परिषद में ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करना एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इस तरह का व्यवहार कांग्रेस प्रतिनिधियों के चरित्र पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इंदौर नगर निगम में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। सभापति के निर्देश पर जब इसे गाने के लिए कहा गया, तो पार्षद फौजिया शेख अलीम ने संबंधित नियम दिखाने की मांग की। इसके बाद रूबीना इकबाल के तीखे बयान ने पूरे मामले को और अधिक बढ़ा दिया।
क्या बोलीं रुबीना इकबाल
रुबीना इकबाल (Rubina Iqbal) ने कहा कि वे ‘जन गण मन’ और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे गीत गाती हैं, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ बोलना उनके धर्म में मना है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में केवल एक अल्लाह की इबादत करने का नियम है।
उनके अनुसार ‘वंदे’ का अर्थ इबादत करना और ‘मातरम’ का अर्थ धरती मां होता है, इसलिए वे इसे नहीं बोल सकतीं। ‘वंदे मातरम्’ कहने पर दोजख की आग में जलना पड़ता है।
क्या बोले जीतू पटवारी
भोपाल में जब मीडिया ने जीतू पटवारी से इस मामले में सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि देश और कांग्रेस दोनों के संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का महत्व स्पष्ट है और पार्टी को किसी से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। कार्रवाई के समय को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वे इसके लिए बाध्य नहीं हैं कि कब निर्णय लिया जाएगा।