MP Board Results 2026 : भोपाल। मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। विभाग के अनुसार संभावित तारीख 7 से 12 अप्रैल के बीच हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और इस बार परिणाम पूरी तरह त्रुटिरहित जारी करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में 3500 से ज्यादा बनाए थे परीक्षा केंद्र
इस वर्ष प्रदेशभर में करीब 16 लाख से अधिक छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
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सीसीटीवी से की निगरानी
परीक्षाओं को नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई थीं। फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसे कदम उठाए गए। इसके बावजूद कुछ जगहों पर नकल के मामले सामने आए।
सबसे ज्यादा 41 प्रकरण मुरैना में दर्ज किए गए, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 20 मामले सामने आए। पूरे प्रदेश में करीब 100 नकल के प्रकरण दर्ज किए गए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कही ये बात
रिजल्ट जारी करने की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग हर स्तर पर जांच कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गलती न रह जाए।
उनका कहना है कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
पिछले सालों का कैसा रहा रिजल्ट
पिछले वर्षों के रिजल्ट पर नजर डालें तो इसमें उतार-चढ़ाव का ट्रेंड देखने को मिला है। साल 2017 में 10वीं का रिजल्ट 49.9% और 12वीं का 67.8% रहा था। 2018 में यह बढ़कर क्रमशः 66.54% और 68.08% पहुंचा। 2019 में 12वीं का रिजल्ट 72.37% तक गया।
2021 में कोरोना के कारण दोनों कक्षाओं का रिजल्ट 100% रहा। वहीं 2023 में 12वीं का परिणाम गिरकर 55.28% पर आ गया। 2025 में सुधार देखने को मिला, जहां 10वीं में 76.22% और 12वीं में 74.28% छात्र पास हुए।