HIGHLIGHTS:
- बीएनपी ने साधारण बहुमत पार कर सरकार बनाने की स्थिति हासिल की।
- 20 साल बाद बीएनपी सत्ता में लौटने के क़रीब।
- जमात-ए-इस्लामी को केवल दो अंकों की सीटें मिलीं।
- चुनाव के दिन हुई हिंसा में 70+ लोग घायल, सुरक्षा बढ़ाई गई।
- जनमत संग्रह में 72.9% वोट संविधान के पक्ष में पड़े।
BANGLADESH ELECTION: ढाका। बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) 13वें आम चुनावों में साधारण बहुमत के आंकड़े पार करते हुए सरकार बनाने के क़रीब पहुंच गई है। यह जीत 20 साल बाद बीएनपी की सत्ता में वापसी का संकेत है। पार्टी के नेतृत्व में तारिक रहमान ने पिछले चुनावों में अपने प्रदर्शन से बहुमत की आवश्यकता वाली 151 सीटें पार कर ली हैं।
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जमात-ए-इस्लामी को करारा झटका
इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी को बड़ा झटका लगा। मतगणना के अनुसार, पार्टी केवल दो अंकों की सीटों तक सीमित रही। इससे बीएनपी की मजबूत वापसी का संकेत मिलता है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है, लेकिन समग्र रुझान बड़े बदलाव की संभावना कम दिखा रहे हैं।
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मतदान और हिंसा का छोटा लेकिन असरदार दौर
चुनाव के दिन कई स्थानों पर अशांति देखी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 70 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिसमें सबसे ज्यादा हिंसा नोआखली जिले के हटिया में हुई। मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू होकर नौ घंटे तक चला। देशभर में सुरक्षा कड़ी थी, लगभग 10 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे।
जनमत संग्रह में संविधान के पक्ष में मजबूत समर्थन
बीएनपी के अलावा देश में जनमत संग्रह भी हुआ। अनौपचारिक परिणाम के अनुसार, कुल वोटों में से 72.9% वोट संविधान के पक्ष में पड़े, जबकि 27.1% इसके विरोध में रहे।
सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम
सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी और सुरक्षा बल तैनात रहे। अधिकारियों ने कहा कि बढ़ी हुई निगरानी ने मतदाताओं का विश्वास बढ़ाया। चुनाव में किसी की मृत्यु की सूचना नहीं मिली।