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Pandit Dhirendra Krishna Shastri’s statement: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान – सीताराम-सीताराम से धर्म नहीं बचेगा!

DHIRENDRA KRISHNA SHASTRI

HIGHLIGHTS:

  • पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान।
  • कहा: सीताराम-सीताराम करने से धर्म नहीं बचेगा।
  • हिंदुत्व की रक्षा के लिए मठ के बाहर भी सक्रिय होना जरूरी
  • माला और भाला संभालने की आवश्यकता पर जोर
  • बयान सातवें कन्याविवाह महोत्सव के दौरान आया

Pandit Dhirendra Krishna Shastri’s statement: छतरपुर। बागेश्वर धाम में पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने भक्तों को संबोधित करते हुए धर्म और हिंदुत्व की रक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है । बता दें कि उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल “सीताराम-सीताराम” बोलने या जप करने से धर्म की रक्षा नहीं होगी।

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मंदिर में बैठ कर पूजा करना पर्याप्त नहीं

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुत्व को बचाने के लिए केवल मंदिर और मठ में बैठकर पूजा करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए भक्तों को समाज में सक्रिय भूमिका निभानी होगी और जरूरत पड़ने पर माला और भाला संभालने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका यह बयान धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में सक्रिय भागीदारी की अहमियत को रेखांकित करता है।

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समाज से लोग निभाए अपना कर्त्तव्य

यह संदेश उन्होंने बागेश्वर धाम में आयोजित सातवें कन्याविवाह महोत्सव के दौरान अपने संबोधन में दिया। कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों ने शास्त्री के विचारों को काफी प्रेरणादायक बताया। सूचना की माने तो पंडित जी ने मंच से यह भी कहा कि धर्म की रक्षा केवल पूजा या जप तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज में अपने कर्तव्यों को निभाने की भी आवश्यकता है।

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युवा और समाज से सक्रीय होने की अपील

शास्त्री का मानना है कि अगर हिंदुत्व और धर्म को मजबूत बनाना है तो युवाओं और समाज के लोगों को मंदिरों से बाहर आकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ साहस और निडरता का भी प्रदर्शन करना जरूरी है।

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लोगों ने दिया बढ़ावा

इस अवसर पर शास्त्री ने अपने विचारों के माध्यम से न केवल धार्मिक संदेश दिया, बल्कि समाज में जागरूकता और सक्रियता के महत्व को भी उजागर किया। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और चर्चा दोनों को बढ़ा दिया।

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