MP Ayurved AIIMS : भोपाल। मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और एम्स की सौगात मिलने जा रही है। खास बात यह है कि उज्जैन में बनने वाला यह संस्थान आयुर्वेद पर आधारित एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा उज्जैन के दशहरा मैदान में आयोजित 6 दिवसीय वन मेले के शुभारंभ अवसर पर की। यह वन मेला 11 से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
केंद्रीय बजट में हुआ था ऐलान
केंद्रीय बजट में देशभर में तीन आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इन्हीं में से एक संस्थान मध्य प्रदेश को मिला है, जो उज्जैन में स्थापित किया जाएगा।
कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन से निकले रत्नों में भगवान धन्वंतरि भी प्रकट हुए थे और धन्वंतरि से जुड़ी परंपरा के कारण उज्जैन इस गौरव का पात्र है।
उज्जैन महानगर बनने की ओर
सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन तेजी से महानगर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शहर में चार और छह लेन की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही यातायात सुविधा बेहतर बनाने के लिए कई नए पुल बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शिप्रा तट पर छोटे पुल के पास एक और पुल का निर्माण हो रहा है। वीर दुर्गादास की छत्री से रणजीत हनुमान मंदिर तक 4 लेन मार्ग, श्री अंगारेश्वर मंदिर और सिद्धवट को जोड़ने के लिए पुल, तथा भैरवगढ़ से पीपली नाका को जोड़ने के लिए समानांतर पुल सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
‘महाकाल की नगरी में विकास की गंगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से प्रदेश को यह सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में विकास कार्यों की रफ्तार तेज है और यहां “विकास की गंगा बह रही है।”
आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना से न केवल प्रदेश बल्कि देशभर के मरीजों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में उन्नत उपचार और शोध की सुविधा मिलेगी।