UP Budget 2026 : लखनऊ। यूपी विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अब तक का दसवां बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में यह बजट लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इसे प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया है।
बजट में पूंजीगत व्यय 19.5 प्रतिशत रखा गया है, जबकि शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत और कृषि व संबद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत प्रावधान किया गया है। राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत की सीमा में रखने और ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
MSME और औद्योगिक विकास:
सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ‘सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए 575 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1,000 करोड़ और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 35,280 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की बात कही गई है।
प्रदेश को देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बताते हुए सरकार ने कहा कि यहां 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का उत्पादन हो रहा है।
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स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र:
चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के लिए 2,000 करोड़ और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु 1,023 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
युवाओं के लिए पहल:
सरकार ने बताया कि 83,122 अराजपत्रित पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। अब तक 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। 9.25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है और 163 अभ्युदय केंद्रों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था है। बजट में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।
महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान:
महिला सशक्तिकरण के तहत 39,880 बीसी सखी द्वारा 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया है। महिला सामर्थ्य योजना के अंतर्गत मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के माध्यम से 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। सरकार ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
किसानों के लिए राहत और सहायता:
किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति की व्यवस्था जारी रहेगी। गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना भुगतान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 3.12 करोड़ किसानों को लाभ मिला है। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
आर्थिक स्थिति और विकास का दावा:
प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है और प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है, जो वर्ष 2016-17 की तुलना में दोगुनी बताई गई है।
बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत बताई गई है और सरकार का कहना है कि 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि यह बजट प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
उत्तर प्रदेश विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का प्रस्तुतीकरण…@SureshKKhanna https://t.co/4dER9md7zX
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 11, 2026