हाइलाइट्स
- राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब से डोकलाम मुद्दा उठाया।
- किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ रक्षा मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रही।
- सत्ता पक्ष ने अप्रकाशित किताब के हवाले पर दिया नियमों का हवाला।
MM Naravane Book : नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में जमकर हंगामा मचा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बोलते हुए पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (Former Army Chief General MM Naravane) की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) का जिक्र किया। उन्होंने एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला देते हुए डोकलाम में चार चीनी टैंकों के भारतीय क्षेत्र में घुसने की बात उठाई।
राहुल ने कहा कि इससे पता चलेगा कि असली देशभक्त कौन है। यह बयान आते ही सत्ता पक्ष भड़क उठा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और किरेन रिजिजू ने तुरंत विरोध किया।
स्पीकर ओम बिरला ने सदन के नियमों (रूल 349) का हवाला दिया और कहा कि अप्रकाशित किताब या मैगजीन का कोट सदन में नहीं दिया जा सकता। सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई और आखिरकार 3 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कैसे शुरू हुआ हंगामा
राहुल गांधी ने स्पीच की शुरुआत में किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “यह पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब से है। चार चीनी टैंक डोकलाम में भारतीय क्षेत्र में आ रहे थे।” सत्ता पक्ष ने कहा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए इसका हवाला नहीं दिया जा सकता।
सत्ता पक्ष का विरोध
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अप्रकाशित किताब का जिक्र सदन में नहीं हो सकता। अमित शाह ने कहा कि यह मैगजीन की रिपोर्ट है, किताब नहीं। किरेन रिजिजू ने नियमों का हवाला दिया और कहा कि राहुल नियम नहीं मान रहे।
स्पीकर की रूलिंग
स्पीकर ओम बिरला ने रूल 349 का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सदन में अखबार की कटिंग ही रखी जा सकती है। अप्रकाशित किताब या मैगजीन का कोट नियमों के खिलाफ है। उन्होंने राहुल से नियमों का पालन करने को कहा।
Bhopal Love Jihad : 11वीं की नाबालिग छात्रा से रेप, अश्लील वीडियो बनाकर धर्म बदलने का दबाव
राहुल गांधी का जवाब
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जानकारी सही है। उन्होंने पूछा कि चीन पर बोलना मना है क्या? वे बोले कि सरकार डर रही है। राहुल ने कहा कि किताब में पीएम और रक्षा मंत्री का जिक्र है।
क्या है किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में?
यह जनरल नरवणे की आत्मकथा है। पेंगुइन द्वारा प्रकाशित होनी थी। अप्रैल 2024 में रिलीज की योजना थी। प्री-ऑर्डर खुले थे लेकिन रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिलने से रुकी हुई है। किताब में उनके करियर, गलवान-डोकलाम जैसे मुद्दे और अग्निवीर योजना का जिक्र है। जनरल नरवणे ने कहा कि किताब अब “एज्ड वाइन” की तरह मैच्योर हो रही है।
T20 World Cup 2026 : भारत से मैच के बहिष्कार पर ICC सख्त, PCB को दे दी ये बड़ी चेतावनी
कौन हैं जनरल नरवणे
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का जन्म 22 अप्रैल 1960 को पुणे में हुआ। पिता वायुसेना अधिकारी थे। एनडीए और आईएमए से शिक्षा ली। जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन मिला। कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट में आतंकवाद विरोधी अभियान लड़े। 31 दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे।
क्यों नहीं छपी किताब
सेवारत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को किताब प्रकाशित करने के लिए रक्षा मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है। नियमों के तहत गोपनीय जानकारी या सेवा विषय पर बिना अनुमति प्रकाशन नहीं हो सकता। नरवणे की किताब इसी कारण रुकी है।
