Highlights
- UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ DAVV इंदौर में करणी सेना का प्रदर्शन
- 300 छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा, UGC के नियम को बताया असमान
- 1 फरवरी को भारत बंद और 2 फरवरी को सांसदों के घेराव की चेतावनी
Karni Sena Protest: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) परिसर में मंगलवार को करणी सेना और छात्रों ने प्रदर्शन किया। आरएनटी मार्ग स्थित नालंदा परिसर में करीब 300 छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान UGC का पुतला भी फूंका गया और सरकार से नियम वापस लेने की मांग की गई। सरकार को “सद्बुद्धि” देने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।
क्या है नए नियम?
UGC ने 13 जनवरी को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस–2026’ जारी किया है, जिसे 15 जनवरी से लागू किया गया। इसके तहत हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में Equal Opportunity Center (EOC), इक्विटी कमेटी और इक्विटी स्क्वाड बनाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य कैंपस में जाति, धर्म, लिंग, विकलांगता आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है।
विरोध की वजह
करणी सेना का कहना है कि नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा में सवर्ण या जनरल कैटेगरी के छात्रों को शामिल नहीं किया गया है। इससे वे “स्वाभाविक अपराधी” की तरह देखे जाएंगे। संगठन ने इसे असमान और “काला कानून” बताया।
प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रतापसिंह ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज होगा। 1 फरवरी को भारत बंद और 2 फरवरी को सांसदों के निवास का घेराव किया जाएगा। सांसदों से लिखित आश्वासन भी मांगा जाएगा।
आगे की राह
UGC का दावा है कि इन नियमों से शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव खत्म होगा, जबकि विरोधी पक्ष बदलाव की मांग पर अड़ा है।