Highlights
- इंदौर भागीरथपुरा में बद्री प्रसाद की मौत के बाद परिजन ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन।
- प्रदर्शनकारियों ने दूषित पानी और प्रशासन की लापरवाही पर जताया गुस्सा, भाजपा पार्षद के खिलाफ नारेबाजी।
- एसडीएम और अधिकारी मौके पर पहुंचे, स्वच्छ पानी और मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता देने का दिया आश्वासन।
Indore Protest: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। शुक्रवार को 63 वर्षीय बद्री प्रसाद की मृत्यु हो गई। परिजन का आरोप है कि उनकी तबीयत उल्टी-दस्त की वजह से बिगड़ी थी, लेकिन प्रशासन मौत को दूसरी बीमारी बता रहा है। नाराज परिवार ने शनिवार को शव पुल पर रखकर चक्का जाम किया।
परिजन और जनता में आक्रोश
इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से 27 मौत हो चुकी है। लेकिन बीती 4 मौत पर प्रशासन ने खंडन जारी कर दिया कि ये डायरिया से नहीं हुई। उधर एक मृतक की अर्थी रख प्रदर्शन किया गया और बोला गया कि…और कितनी जान ली जाएगी कोई मदद भी नहीं मिल रही।
— SanjayGupta_Journalist (@sanjaygupta1304) January 24, 2026
कुल मिलाकर सब मामला ढकने की ओर जा रहा है pic.twitter.com/z2DMZWPmjD
प्रदर्शन में स्थानीय लोग और परिजन शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही और दूषित पानी की सप्लाई के कारण इलाके में 27 मौतें हो चुकी हैं। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
मौके पर पुलिस और अधिकारी पहुंचे। एसडीएम निधि वर्मा ने भरोसा दिलाया कि स्वच्छ पेयजल व्यवस्था जल्द कराई जाएगी और मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने भी परिवार का समर्थन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
मरीजों की वर्तमान स्थिति
भागीरथपुरा के अस्पतालों में अब 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। क्षेत्र में अब डायरिया के नए मरीज कम आए हैं और पानी की सप्लाई सुधारने का काम चल रहा है।