Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने नागपुर के रेशमबाग मैदान में अपना शताब्दी वर्ष समारोह मनाया। इस विशेष अवसर पर 21,000 से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। संघ प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया भारत को उम्मीद की नजर से देख रही है। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर निर्दोषों की हत्या की, लेकिन हमारी सेना और सरकार ने इसका करारा जवाब दिया।
#WATCH | During the centenary celebrations of the Rashtriya Swayamsewak Sangh, Sarsanghachalak Mohan Bhagwat says, "… Complete acceptance and respect of diversity and our culture that binds us all together in one thread, is nationalism, which we call Hindu Nationalism. This is… pic.twitter.com/1sKCwATWb8
— ANI (@ANI) October 2, 2025
उन्होंने कहा कि हमें सजग और समर्थ रहकर ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि हमें ऐसी निर्भरता नहीं चाहिए जो हमारी मजबूरी बन जाए।
मोहन भागवत ने कहा कि अमेरिका की टैरिफ नीति का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, ऐसे में भारत को अपने हितों की रक्षा करते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बनाए रखना होगा।
उन्होंने नेपाल की हिंसा, नक्सलवाद और संविधान विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई और कहा कि देश के विकास और शांति के लिए न्याय, सद्भाव और सेवा जरूरी है।
कार्यक्रम में दलाई लामा का संदेश भी पढ़ा गया और आरएसएस को शुभकामनाएं दी गईं।
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