Supreme Court: दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के पटाखों की बिक्री पर रोक जारी रखी है। हालांकि, ग्रीन पटाखों (कम प्रदूषण वाले पटाखे) के निर्माण की अनुमति दे दी गई है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह सभी पक्षों से बात करके ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर कोई समाधान निकाले। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी, जिसमें इस पर अंतिम निर्णय हो सकता है।
क्या कहा कोर्ट ने?
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि दिल्ली में दिवाली के समय वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। पिछले साल नवंबर में राजधानी का AQI 494 तक पहुंच गया था, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई थी।
कोर्ट ने यह भी माना कि पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है, क्योंकि केंद्र सरकार ने ऐसा कोई राष्ट्रीय कानून नहीं बनाया है।
पटाखा कारोबारियों को राहत और शर्तें
पटाखा बनाने वालों को केवल ग्रीन पटाखों के निर्माण की इजाजत दी गई है। लेकिन इसके लिए NEERI (नेशनल एनवायरमेंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट) और PESO (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन) से सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। साथ ही उन्हें लिखित में यह वचन देना होगा कि वे दिल्ली-एनसीआर में कोई पटाखा नहीं बेचेंगे।
यह फैसला दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता सुधारने और दिवाली के समय बढ़ने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए लिया गया है।
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