Ladakh Protest: लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की संस्था हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) सीबीआई जांच के घेरे में आ गई है। आरोप है कि संस्था ने बिना FCRA अनुमति के विदेश से फंड हासिल किया है।
Sonam Wangchuk has appealed to GenZ of Ladakh not to resort to violent means.
— PunsterX (@PunsterX) September 24, 2025
Hope they listen to him and there is no more damage to BJP's properties in Ladakh. 🙏 pic.twitter.com/aN5NgGkTo4
सोनम वांगचुक ने बताया कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की टीम HIAL पहुंची थी और 2022 से 2024 तक की फंडिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे गए। हालांकि, अब जांच में 2020 और 2021 के दस्तावेजों की भी मांग हो रही है। वांगचुक का कहना है कि उन्होंने विदेशी फंडिंग नहीं ली, बल्कि संयुक्त राष्ट्र, एक स्विस यूनिवर्सिटी और एक इटैलियन संस्था के साथ सेवा समझौते किए थे, जिन पर टैक्स भी दिया गया।
उन्होंने इस जांच को राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया और कहा कि पहले उन पर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ, फिर जमीन आवंटन रद्द किया गया और अब सीबीआई व आयकर विभाग सक्रिय हैं।
हाल ही में लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन के बाद वांगचुक पर माहौल भड़काने का आरोप भी लगा है। गृह मंत्रालय ने कहा कि वांगचुक के बयानों ने युवाओं को उकसाया, जिससे हिंसा भड़की। वहीं, वांगचुक छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। मामले में जांच जारी है, पर अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
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