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MP RS Nomination : BJP उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ ने भरा नामांकन, CM मोहन यादव रहे मौजूद

MP Rajya Sabha Nomination

MP RS Nomination : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। भाजपा की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गए रजनीश अग्रवाल (Rajnish Agrawal) और तरुण चुघ (Tarun Chugh) ने भोपाल में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पार्टी ने संगठनात्मक एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन का भी संदेश देने की कोशिश की। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रहे मौजूद नामांकन प्रक्रिया के दौरान सीएम मोहन यादव (Mohan Yadav) स्वयं मौजूद रहे। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) सहित राज्य सरकार के करीब एक दर्जन मंत्री भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। भाजपा ने इस अवसर पर राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी मजबूत तैयारी और एकजुटता का संदेश दिया। MP Congress Meeting : राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अलर्ट, विधायक दल की बैठक बुलाई; क्रॉस वोटिंग रोकने पर रहेगा फोकस भाजपा नेताओं की बड़ी मौजूदगी को संगठनात्मक मजबूती के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर संगठन पूरी तरह एकजुट है। राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के साथ ही राजनीतिक दलों की सक्रियता और भी तेज हो गई है। दोनों प्रमुख दल अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी गणित को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

MP Congress Meeting : राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अलर्ट, विधायक दल की बैठक बुलाई; क्रॉस वोटिंग रोकने पर रहेगा फोकस

MP Congress Meeting

MP Congress Meeting : भोपाल। मध्यप्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, मतदान की प्रक्रिया और संगठनात्मक मजबूती जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व चुनाव से पहले किसी भी तरह की चूक से बचना चाहता है और इसी वजह से विधायकों को एकजुट रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। Bengal Bomb Blast : बंगाल बम धमाका मामले में पूर्व विधायक साओकोट मोल्ला गिरफ्तार, लंबे समय से थी तलाश क्रॉस वोटिंग रोकना कांग्रेस की सबसे बड़ी प्राथमिकता सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म करना है। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में क्रॉस वोटिंग नहीं होनी चाहिए। पार्टी अपने सभी विधायकों को मतदान की प्रक्रिया और पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में हर वोट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए कांग्रेस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। MP Politics : राज्यसभा चुनाव 2026 में BJP का बड़ा दांव! 2016 ‘विनोद गोटिया मॉडल’ अपना सकती है पार्टी मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में अपने विधायकों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेतृत्व लगातार विधायकों से संपर्क बनाए हुए है और उन्हें चुनाव के महत्व से अवगत करा रहा है। बैठक के दौरान उम्मीदवार के पक्ष में रणनीतिक चर्चा भी होने की संभावना है। कांग्रेस चाहती है कि उसके सभी विधायक एकजुट होकर पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करें। मतदान रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर होगा मंथन विधायक दल की बैठक में मतदान की रणनीति को अंतिम रूप देने के साथ-साथ संगठनात्मक एकजुटता पर भी चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व विधायकों को चुनाव के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और अनुशासन के बारे में भी जानकारी देगा। माना जा रहा है कि बैठक में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विपक्ष की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। Fake MBBS Degrees : फर्जी MBBS डिग्री के सहारे बने डॉक्टर! MP में बड़ा खुलासा, 9 उम्मीदवारों पर केस सभी विधायकों की मौजूदगी अनिवार्य कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बैठक में उपस्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस कोई भी ढिलाई नहीं बरतना चाहती। यही वजह है कि विधायकों को बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का संदेश दिया गया है। पार्टी का लक्ष्य चुनाव से पहले पूरी एकजुटता का प्रदर्शन करना है।

MP Politics : राज्यसभा चुनाव 2026 में BJP का बड़ा दांव! 2016 ‘विनोद गोटिया मॉडल’ अपना सकती है पार्टी

BJP Candidate List

MP Politics : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections 2026) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से चार नामांकन फॉर्म मंगवाए जाने के बाद तीसरी सीट को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी तीसरी सीट पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर रही है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरखाने रणनीति और संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन जारी है। रंजना बघेल और लाल सिंह आर्य के नामों की चर्चा सूत्रों के अनुसार राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए पूर्व मंत्री रंजना बघेल और वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्य के नामों पर संगठन स्तर पर चर्चा हुई है। हालांकि इन नामों को लेकर पार्टी ने कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी अंतिम समय तक अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती और विपक्ष को रणनीतिक रूप से असमंजस में रखने की कोशिश कर रही है। Cockroach Party Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन! फाउंडर अभिजीत समेत हजारों ने लगाए शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो के नारे कांग्रेस को सस्पेंस में रखने की रणनीति राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि बीजेपी की रणनीति कांग्रेस को आखिरी समय तक सस्पेंस में रखने की है। इसी वजह से तीसरी सीट को लेकर लगातार रहस्य बना हुआ है। माना जा रहा है कि पार्टी 8 जून के आसपास कोई बड़ा फैसला ले सकती है। इस बीच कांग्रेस भी बीजेपी के अगले कदम पर नजर बनाए हुए है और संभावित राजनीतिक समीकरणों का आकलन कर रही है। मीनाक्षी नटराजन की एंट्री से बदला राजनीतिक गणित कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन का नाम सामने आने के बाद राज्यसभा चुनाव का समीकरण बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। उनके नाम की घोषणा के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी भी अब नए हालात को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी वजह से तीसरी सीट को लेकर पार्टी बेहद सतर्क नजर आ रही है। Bengal Bomb Blast : बंगाल बम धमाका मामले में पूर्व विधायक साओकोट मोल्ला गिरफ्तार, लंबे समय से थी तलाश निर्दलीय उम्मीदवार और ‘विनोद गोटिया मॉडल’ की चर्चा सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि बीजेपी किसी निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देकर मैदान में उतार सकती है। इसके साथ ही वर्ष 2016 के चर्चित ‘विनोद गोटिया मॉडल’ की भी चर्चा शुरू हो गई है। उस समय भी राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक रणनीति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि वर्तमान चुनाव में पार्टी किस फॉर्मूले पर आगे बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं से बढ़ा राजनीतिक तापमान तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों के बीच क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं भी राजनीतिक माहौल को गर्म कर रही हैं। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं। National E-Governance Awards : MP को ई-गवर्नेंस के दो राष्ट्रीय पुरस्कार, CM बोले- यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण यदि तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक हुआ तो चुनावी गणित और भी दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें बीजेपी के अगले कदम और संभावित उम्मीदवार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।

Cockroach Party Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन! फाउंडर अभिजीत समेत हजारों ने लगाए शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो के नारे

Cockroach Party Protest

Cockroach Party Protest : नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक और विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया। प्रदर्शन में हजारों छात्र, युवा और अभिभावक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। जंतर-मंतर पर पूरे दिन नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा। अमेरिका से लौटकर सीधे आंदोलन में पहुंचे अभिजीत दीपके CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। बताया गया कि वे एयरपोर्ट से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं को न्याय दिलाने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र संगठनों और युवाओं ने भी उनका समर्थन किया। इस आयोजन को CJP के लिए एक बड़े जनसमर्थन के रूप में देखा जा रहा है। Bengal Bomb Blast : बंगाल बम धमाका मामले में पूर्व विधायक साओकोट मोल्ला गिरफ्तार, लंबे समय से थी तलाश प्रदर्शन के बीच ‘हिट’ लेकर पहुंचे व्यक्ति को हटाया गया प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति कॉकरोच मारने वाला ‘हिट’ स्प्रे लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया। इससे कुछ देर के लिए हलचल की स्थिति बन गई। प्रदर्शन में मौजूद समर्थकों ने उस व्यक्ति का विरोध किया और उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अभिजीत दीपके के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अभिजीत दीपके के आवास पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनके घर के बाहर भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पहले जहां एक सुरक्षाकर्मी मौजूद था, वहीं अब एक अधिकारी समेत दस पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्कता बरत रहा है। MP Politics : मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें, मीनाक्षी नटराजन के नाम पर उठे सवाल जन आंदोलनों से बनीं कई बड़ी राजनीतिक पार्टियां कॉकरोच जनता पार्टी भविष्य में राजनीतिक दल बनेगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि सोशल मीडिया पर उसे व्यापक समर्थन मिल रहा है। भारतीय राजनीति में कई ऐसे उदाहरण रहे हैं, जहां जन आंदोलनों ने राजनीतिक दलों का रूप लिया। आम आदमी पार्टी जन लोकपाल आंदोलन से निकली और बाद में दिल्ली की सत्ता तक पहुंची। तेलंगाना राष्ट्र समिति अलग राज्य आंदोलन से उभरी। असम गण परिषद, बहुजन समाज पार्टी, जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जन्मी पार्टियों के प्रमुख उदाहरण हैं। इन दलों ने आंदोलन के जरिए जनता को जोड़ा और बाद में राजनीतिक प्रभाव स्थापित किया। Kerala Islam Friendly GYM : केरल में शुरू हुआ ‘इस्लाम-फ्रेंडली’ जिम, शरिया आधारित नियमों को लेकर छिड़ी नई बहस आंदोलन से बनीं प्रमुख राजनीतिक पार्टियां आम आदमी पार्टी (AAP) जन लोकपाल आंदोलन से उभरी पार्टी, जिसने दिल्ली की राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की। तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS/BRS) अलग तेलंगाना राज्य की मांग से शुरू हुआ आंदोलन राजनीतिक शक्ति में बदला। असम गण परिषद (AGP) अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर चले आंदोलन से पार्टी का गठन हुआ। Patna Firing Incident : खान सर की हो सकती है गिरफ्तारी, वायरल वीडियो के बाद आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज बहुजन समाज पार्टी (BSP) दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई से उभरकर राष्ट्रीय राजनीति में पहुंची। जनता पार्टी आपातकाल विरोधी आंदोलन के बाद गठित हुई और केंद्र में सरकार बनाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर शुरू हुए आंदोलन का राजनीतिक रूप। यहां देखिये प्रदर्शन से जुड़े विज़ुअल्स

Bengal Bomb Blast : बंगाल बम धमाका मामले में पूर्व विधायक साओकोट मोल्ला गिरफ्तार, लंबे समय से थी तलाश

Bengal Bomb Blast

Bengal Bomb Blast : नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल के चर्चित भांगड़ बम धमाका मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक साओकोट मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के अनुसार मोल्ला लंबे समय से फरार चल रहे थे और उनकी तलाश लगातार की जा रही थी। आखिरकार उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। चुनाव से पहले हुए धमाके की जांच में बड़ा खुलासा यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हुए एक देसी बम धमाके से जुड़ा है। जांच के अनुसार कुछ लोग बम तैयार कर रहे थे, तभी विस्फोट हो गया। इस हादसे में बम बनाने वालों में से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी। MP Politics : मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें, मीनाक्षी नटराजन के नाम पर उठे सवाल मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप NIA की जांच में सामने आया है कि साओकोट मोल्ला इस मामले में गिरफ्तार किए गए चौथे आरोपी हैं। एजेंसी का दावा है कि वे पूरे घटनाक्रम के मुख्य साजिशकर्ता थे। जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि उन्होंने अन्य आरोपियों को बम बनाने के निर्देश दिए थे। एजेंसी अब यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। सबूत मिटाने के निर्देश देने का भी आरोप जांच एजेंसी के अनुसार धमाके के बाद मोल्ला ने अन्य आरोपियों को घटनास्थल से छेड़छाड़ करने और सबूतों को प्रभावित करने के निर्देश भी दिए थे। NIA का मानना है कि इससे जांच को भटकाने की कोशिश की गई थी। इसी वजह से एजेंसी इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। Kerala Islam Friendly GYM : केरल में शुरू हुआ ‘इस्लाम-फ्रेंडली’ जिम, शरिया आधारित नियमों को लेकर छिड़ी नई बहस अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी साओकोट मोल्ला की गिरफ्तारी एक अन्य आरोपी के पकड़े जाने के कुछ समय बाद हुई है। जांच में सामने आया था कि उस आरोपी ने धमाके के बाद मृतक और घायलों को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया था। NIA अब सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि किसी बड़ी साजिश या नेटवर्क का पता लगाया जा सके। गौरतलब है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह मामला राज्य पुलिस से लेकर NIA को सौंपा गया था।

MP Politics : मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें, मीनाक्षी नटराजन के नाम पर उठे सवाल

MP Politics : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन के नाम को आगे किए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार कई वरिष्ठ नेताओं और दावेदारों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के अंदर उम्मीदवार बदलने की मांग भी तेज होती दिखाई दे रही है। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही चर्चाएं अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई हैं। उम्मीदवार चयन पर नेताओं की नाराजगी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कई नेता उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं और दावेदारों ने पार्टी आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की है। नेताओं का मानना है कि राज्यसभा के लिए ऐसे चेहरे को मौका मिलना चाहिए जो लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हों। इसी वजह से पार्टी के अंदर असहमति की आवाजें लगातार सामने आ रही हैं। Fake MBBS Degrees : फर्जी MBBS डिग्री के सहारे बने डॉक्टर! MP में बड़ा खुलासा, 9 उम्मीदवारों पर केस भाजपा के बयान से और गरमाई राजनीति राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से भी दिए गए बयानों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। भाजपा द्वारा चार नामांकन फॉर्म खरीदे जाने और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के तीसरे उम्मीदवार उतारने संबंधी बयान के बाद सियासी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं ने राज्यसभा चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। सोशल मीडिया पर भी दिखा असंतोष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उम्मीदवार चयन को बड़ी चूक बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में राहुल गांधी को भी टैग किया। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अवनीश बुन्देला ने सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की भूमिका की सराहना की। इन प्रतिक्रियाओं के बाद पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आने लगे हैं। Kerala Islam Friendly GYM : केरल में शुरू हुआ ‘इस्लाम-फ्रेंडली’ जिम, शरिया आधारित नियमों को लेकर छिड़ी नई बहस दिग्विजय सिंह के समर्थन में उठी मांग राज्यसभा चुनाव की चर्चा के बीच कांग्रेस के कई नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेजने की मांग उठाई है। नेताओं का मानना है कि उनके अनुभव और राजनीतिक पकड़ का लाभ पार्टी को मिल सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस का अगला कदम राज्यसभा चुनाव की दिशा तय कर सकता है।