Aayudh

Noida Phase 2 Protest : फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन! 10 गाड़ियों में आग, पुलिस वाहन पलटा

Noida Phase 2 Protest

Noida Phase- 2 Protest : उत्तर प्रदेश। नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा विरोध उस वक्त उग्र हो गया, जब कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर सुनवाई न होने का आरोप लगाया। गुस्साए कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कई गाड़ियों और बसों में आग लगा दी गई। कर्मचारियों ने पुलिस पर किया पथराव हालात बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। कर्मचारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया और एक पुलिस वाहन को पलट दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिले के कई थानों की फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है। Asha Bhosle Funeral : आज राजकीय सम्मान के साथ होगा आशा भोसले का अंतिम संस्कार, श्रद्धांजलि देते हुए रो पड़े तेदुलकर कई कंपनियों के कर्मचारी कर रहे प्रोटेस्ट पुलिस के अनुसार, फेज-2 इलाके में मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव जैसी कंपनियों के करीब 1000 कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें से लगभग 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर जुटे थे, जहां हिंसा की मुख्य घटना हुई। इसके अलावा सेक्टर 1, 15 और 62 में भी सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे लंबा जाम लग गया है। कर्मचारियों को बहुत कम मिल रहा वेतन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बेहद कम वेतन मिल रहा है। कर्मचारी राजू के अनुसार, कहीं 11,000 तो कहीं 12,000 रुपये सैलरी दी जा रही है, जो महंगाई के हिसाब से काफी कम है। उन्होंने मांग की कि एक दिन की मजदूरी 800 से 900 रुपये होनी चाहिए, जबकि अभी उन्हें 300 से 400 रुपये ही मिलते हैं। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये करने और नए श्रम कानूनों को खत्म करने की मांग भी रखी है। Strait of Hormuz Blockade : होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से लागू, ईरान बोला- हम करेंगे नाकेबंदी पूरी तरह विफल क्या बोलीं नोएडा DM मेधा रूपम स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कर्मचारियों को समझाने और शांति बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कंपनियों के साथ बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान, वेतन पर्ची देना, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति बनाना और शिकायत पेटी लगाने जैसे निर्णय शामिल हैं। MP Leopard Deaths : एमपी में तेंदुओं की मौत पर चौंकाने वाले आंकड़े, 14 महीनों में 149 की मौत प्रशासन ने फैक्ट्री कर्मचारियों को दिए 11 आश्वासन प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए 11 अहम आश्वासन भी दिए हैं। 1. श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा। 2. प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा। 3. रविवार को काम कराने पर दोगुना पेमेंट करना होगा। 4. श्रमिकों के नियमानुसार बोनस का भुगतान 30 नंवबर तक बैंक खातों में जाएगा। 5. फैक्ट्रियों के बाहर CCTV कैमरे चालू हालत में रहें। 6. फैक्ट्रियों के बाहर शासन की गाइडलाइंस नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाई जाएं। 7. श्रमिकों और औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया। 0120-2978231, 0120-2978232, 0120-2978862 और 0120-2978702 नंबर जारी किए गए हैं। 8. प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित। 9. प्रत्येक श्रमिक का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। 10. सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी। 11. शिकायत पेटी लगाई जाएगी। बहकावे में आकर कानून व्यवस्था को प्रभावित न करें प्रदेश के राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप (Narendra Kashyap) ने आंदोलन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी के बहकावे में आकर कानून व्यवस्था को प्रभावित न करें और अपनी समस्याओं को सरकार के साथ बातचीत के जरिए सुलझाएं। Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं वहीं, प्रमुख सचिव (श्रम) एमकेएस सुंदरम ने स्पष्ट कहा है कि श्रमिकों का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई श्रम संहिताओं के तहत न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, समान कार्य के लिए समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और श्रमिकों को शांत करने की कोशिश जारी है। यहां देखिये वीडियो

Asha Bhosle Funeral : आज राजकीय सम्मान के साथ होगा आशा भोसले का अंतिम संस्कार, श्रद्धांजलि देते हुए रो पड़े तेदुलकर

Asha Bhosle Funeral

Asha Bhosle Funeral : मुंबई। आज दिग्गज गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का अंतिम संस्कार मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सुबह से ही उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर (Anjali Tendulkar) के साथ उनके आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार से बात करते हुए सचिन तेंदुलकर भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। बताया जाता है कि आशा भोसले उन्हें अपने बेटे की तरह मानती थीं।   #WATCH | Maharashtra: Cricket legend Sachin Tendulkar and his wife Anjali Tendulkar pay their last respects to legendary singer Asha Bhosle at her residence in Mumbai. Asha Bhosle passed away at the age of 92 yesterday at Breach Candy Hospital in Mumbai. pic.twitter.com/piD3SCnTFY — ANI (@ANI) April 13, 2026 ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में कराया भर्ती बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले (Asha Bhosle) का बीते दिन निधन हो गया था। वह 92 साल की थीं। शनिवार 11 अप्रैल की रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल (Breach Candy Hospital) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से पहले हार्ट अटैक की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में उनकी पोती जनाई ने बताया कि उन्हें सीने में संक्रमण था। Strait of Hormuz Blockade : होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से लागू, ईरान बोला- हम करेंगे नाकेबंदी पूरी तरह विफल अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने शुरुआती प्रतिक्रिया में हार्ट अटैक की आशंका जताई थी। वहीं बाद में सामने आया कि मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हुआ। इस तरह अलग-अलग चरणों में उनकी तबीयत से जुड़ी जानकारी सामने आती रही। शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार उनके बेटे आनंद ने मीडिया से बातचीत में निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन रखे गए हैं और शाम 4 बजे शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉक्टरों ने भी मल्टी ऑर्गन फेल्योर को मौत की वजह बताया है। मुंबई स्थित उनके आवास पर पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया है, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं। देशभर से फिल्म और संगीत जगत की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं। Rajpal Yadav : राजपाल यादव की दरियादिली, बोले- सौरभ का दिल दुखा तो मुझे होगी तकलीफ आशा भोसले ने जीते कई अवार्ड्स अपने लंबे करियर में आशा भोसले (Asha Bhosle) ने हजारों गाने गाए और कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्हें 2 नेशनल अवॉर्ड, 4 BFJA अवॉर्ड, 8 महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड, 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे कई सम्मान मिले। इसके अलावा उन्हें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड (Dadasaheb Phalke Award) और पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से भी सम्मानित किया गया। उनकी निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव आए। उनकी पहली शादी गणपतराव भोसले से हुई थी, जो 1949 से 1960 तक चली। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार R. D. Burman से विवाह किया। आज 13 अप्रैल को शाम 4 बजे उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है और हर कोई अपने-अपने तरीके से इस महान गायिका को याद कर रहा है।   #WATCH | Maharashtra: Mortal remains of legendary singer Asha Bhosle being wrapped in tricolour as people pay their last respects at her residence in Mumbai. She passed away at the age of 92 yesterday at Breach Candy Hospital in Mumbai. pic.twitter.com/tQWWIwRqkD — ANI (@ANI) April 13, 2026

Strait of Hormuz Blockade : होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से लागू, ईरान बोला- हम करेंगे नाकेबंदी पूरी तरह विफल

Strait of Hormuz Blockade

Strait of Hormuz Blockade : वॉशिंगटन डीसी। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अमेरिका आज से नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और भी बढ़ गया है।   .@POTUS: "Iran is in very bad shape — and just so you understand, Iran will NOT have a nuclear weapon… There is no way. They still want it, and they made that clear the other night. Iran will NOT have a nuclear weapon." pic.twitter.com/Q15kbX5y2Z — Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 13, 2026 ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि इस नाकेबंदी का मुख्य उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य देश भी इस अभियान में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं। Peace Talks Update : ईरान की जब्त संपत्ति पर अमेरिका का साफ इनकार, तीन-तरफा बातचीत पर सस्पेंस अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल नाकेबंदी के ऐलान का असर तुरंत वैश्विक बाजारों पर दिखाई दिया है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले पर कर रहा विचार इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले पर विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। बीते 24 घंटे अपडेट पिछले 24 घंटे में कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। ट्रम्प ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान की सैन्य मदद की तो उस पर 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं इज़राइल के मंत्री बेन गविर के अल-अक्सा मस्जिद (Al-Aqsa Mosque) दौरे पर जॉर्डन (Jordan) ने कड़ा विरोध जताया है और इसे भड़काऊ कदम बताया है। Iran-US Peace Talk : प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर PAK पहुंचे ईरानी लीडर, बोले- शांति की उम्मीद लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना होगा। इसके अलावा ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नाकेबंदी की घोषणा के बाद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। समुद्री खुफिया फर्म लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है या वापस लौट गए हैं। ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा यूएस ट्रम्प ने एक बार फिर दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव में है और खराब स्थिति में है, लेकिन अगर वह बातचीत के लिए लौटता है तो अमेरिका तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान बातचीत में नहीं आता है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। NATO को लेकर नाराजगी इसके अलावा ट्रम्प ने NATO को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि जरूरत के समय संगठन अमेरिका के साथ नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिका NATO पर भारी खर्च करता है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या अमेरिका की नाकेबंदी पूरी तरह होगी विफल वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वरिष्ठ नेता मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका की यह नाकेबंदी पूरी तरह विफल होगी और ईरान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेना अमेरिका को इस तरह की कार्रवाई की अनुमति नहीं देगी और उनके पास जवाब देने के कई विकल्प मौजूद हैं। कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

MP Road Accidents : एमपी में नहीं थम रहे सड़क हादसे, चालान के बावजूद बढ़ रही मौतें

MP Road Accidents

MP Road Accidents : भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। बीते वर्ष राज्य में 15,800 से अधिक लोगों की जान सड़क हादसों में गई। इन हादसों में सबसे ज्यादा प्रभावित दोपहिया वाहन चालक और सवार रहे, जिनकी हिस्सेदारी करीब 44 प्रतिशत है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने 10 लाख से ज्यादा चालान काटे, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई। Bhopal Respiratory Patients : भोपाल की हवा में जहर! एम्स और हमीदिया में मरीजों की भीड़ सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार है। करीब 75 प्रतिशत हादसे ओवरस्पीडिंग के कारण हो रहे हैं। इसके अलावा यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही भी बड़ी वजह बन रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर चालान किए जाने के बाद भी नियम तोड़ने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। इससे साफ है कि लोग अब भी सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कौन-से साल कितनी मौतें सड़क हादसों में मौतों के साथ-साथ घायलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2024 में 14,791 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई। पिछले वर्षों के आंकड़े भी इस बढ़ते खतरे की ओर इशारा करते हैं। Shivpuri Road Accident : शिवपुरी में भीषण सड़क हादसा! टेंपो के ऊपर पलटा ट्रक, 4 की दर्दनाक मौत, एक घायल वर्ष 2020 में 45,266 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11,141 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2021 में 48,877 दुर्घटनाएं और 12,057 मौतें दर्ज की गईं। वर्ष 2022 में 54,432 हादसे हुए और 13,427 लोगों की जान गई। वर्ष 2023 में 55,327 दुर्घटनाएं और 13,798 मौतें सामने आईं। वर्ष 2024 में 56,669 दुर्घटनाएं और 14,791 मौतें दर्ज की गईं। इन आंकड़ों से साफ है कि हर साल दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। ब्लैक स्पॉट्स भी एक बड़ा कारण सड़क दुर्घटनाओं के पीछे ब्लैक स्पॉट्स यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्र भी एक बड़ी वजह हैं। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस की कमी भी स्थिति को और गंभीर बना रही है। प्रदेश में जरूरत के मुकाबले लगभग आधे पुलिसकर्मी ही तैनात हैं, जिससे प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा कदम उठाने के दावे किए जा रहे हैं। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के अनुसार, हादसों को रोकने और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए निगम और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं। Indore Rape Case : शादी का झांसा देकर फिजिकल होना गंभीर अपराध… आरोपी को 10 साल की जेल हर साल 50 से 80 हजार चालान कट रहे हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना भी मौतों का एक बड़ा कारण है। हर साल 50 से 80 हजार चालान केवल हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने पर काटे जाते हैं। इसके बावजूद लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। हाल ही में मंडला जिले में दो बाइकों की टक्कर में तीन युवकों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पष्ट है कि केवल चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत है कि लोग खुद जागरूक बनें, यातायात नियमों का पालन करें, तेज रफ्तार से बचें और हेलमेट व सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों को अपनाएं। तभी इन दर्दनाक हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है।

Bhopal Respiratory Patients : भोपाल की हवा में जहर! एम्स और हमीदिया में मरीजों की भीड़

Bhopal Respiratory Patients

Bhopal Respiratory Patients : मध्य प्रदेश। भोपाल शहर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और इसका सीधा असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि हर तीसरा मरीज सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहा है। यह समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि बच्चे और युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ महीनों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। ओपीडी में मरीजों की बढ़ी संख्या शहर के अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या ने डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ा दी है। हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यही कारण है कि बड़े सरकारी अस्पतालों में श्वसन संबंधी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। Peace Talks Update : ईरान की जब्त संपत्ति पर अमेरिका का साफ इनकार, तीन-तरफा बातचीत पर सस्पेंस एम्स में श्वसन रोगियों की ओपीडी में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं हमीदिया अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। जेपी अस्पताल में सांस और एलर्जी के मामलों में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि बीएमएचआरसी की ओपीडी में भी करीब 25 प्रतिशत तक मरीज बढ़े हैं। क्या बोले सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रदूषण के प्रभाव धीरे-धीरे सामने आते हैं, लेकिन लंबे समय में यह गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी और फेफड़ों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। MP Leopard Deaths : एमपी में तेंदुओं की मौत पर चौंकाने वाले आंकड़े, 14 महीनों में 149 की मौत उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का उपयोग करें, प्रदूषण के उच्च स्तर के समय बाहर जाने से बचें और घर के अंदर स्वच्छ हवा बनाए रखने का प्रयास करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। धूल और धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता खराब शहर में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। लगातार बढ़ते निर्माण कार्य, वाहनों की संख्या में वृद्धि और घटती हरियाली को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। धूल और धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है और पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक होता जा रहा है। इस मामले में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि भोपाल राजधानी होने के कारण यहां विकास कार्य लगातार चलते रहते हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और ग्रीन नेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में अधिक धूल उड़ती है, वहां पानी का छिड़काव भी कराया जाएगा ताकि एयर क्वालिटी इंडेक्स को सामान्य बनाए रखा जा सके। SSC GD Constable Exam : परीक्षा की तारीखें घोषित, जानिए कब होगा आपका एग्जाम! बड़े पैमाने पर निजी निर्माण कार्य जारी वर्तमान में शहर में मेट्रो निर्माण, फ्लाईओवर, सड़क परियोजनाएं और बड़े पैमाने पर निजी निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन गतिविधियों के चलते लगातार धूल उड़ रही है और भारी मशीनों के उपयोग से प्रदूषण बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। निर्माण कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई ने भी समस्या को बढ़ाया है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। साफ हवा के लिए प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।