Highlights
- सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर की जमानत पर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई।
- CBI और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सेंगर के खिलाफ गंभीर आरोप हैं।
- कोर्ट के बाहर पीड़िता के समर्थन में प्रदर्शन, पुलिस ने सुरक्षा के कारण कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
Unnao Rape Case: उन्नाव गैंगरेप केस में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सजा सस्पेंड करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। कोर्ट ने सीबीआई की दलील को सुनने के बाद यह आदेश दिया। सेंगर पहले से ही रेप पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में जेल में हैं।
सीबीआई और सॉलिसिटर जनरल की दलील
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट ने गलती की है और सेंगर के लोक सेवक होने के समय अपराध का मामला गंभीर है। उन्होंने बताया कि धारा 376 और पॉक्सो के तहत न्यूनतम सजा 20 साल से उम्रकैद तक हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पीड़िता नाबालिग न होती, तो भी न्यूनतम सजा लागू होती।
हाई कोर्ट के आदेश पर SC की कड़ी प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के सजा निलंबन आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी ने पूछा कि क्या हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कुलदीप सेंगर धारा 376(2)(i) के तहत दोषी हैं। साथ ही चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि इस मामले में एक गंभीर कानूनी सवाल है, जिस पर विचार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश देने वाले जज देश के बेहतरीन जजों में गिने जाते हैं, लेकिन गलती किसी से भी हो सकती है। पॉक्सो कानून में ‘लोक सेवक’ की परिभाषा को लेकर अदालत चिंतित है।
READ MORE: RSS और BJP की तारीफ कर अपनी ही पार्टी में घिरे दिग्विजय सिंह; राहुल ने जताई आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट के बाहर पीड़िता के समर्थन में महिला कांग्रेस और अन्य एक्टिविस्ट प्रदर्शन कर रही थी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें हिरासत में लिया। महिला कार्यकर्ता अलका लांबा और योगिता भयाना ने न्याय दिलाने की उम्मीद जताई।
READ MORE: एमपी का वित्त विभाग होगा स्मार्ट, AI से लैस होगी वेबसाइट; स्मार्ट चैटबॉट से मिलेगा टीए-डीए