Union Budget 2026 : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश केंद्रीय बजट में एक बहुत बड़ा और दूरदर्शी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश को सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स की भारी जरूरत है। 2030 तक भारत को ऐसे 20 लाख क्रिएटर्स और प्रोफेशनल्स चाहिए। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने एक नई योजना शुरू करने का फैसला लिया है।
इस योजना के तहत देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 प्रमुख कॉलेजों में कॉन्टेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी। यह काम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (IICT) की देखरेख में होगा। सरकार IICT को सीधा समर्थन देगी और ये लैब्स जल्द तैयार होंगी।
स्कूलों में क्रिएटर लैब्स का विस्तार
15,000 माध्यमिक स्कूलों में ये लैब्स बनेंगी। छात्रों को वीडियो एडिटिंग, पॉडकास्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइन, डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट सिखाया जाएगा। लैब्स में आधुनिक कैमरा, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट की सुविधा होगी। छात्रों को डिजिटल एथिक्स, कॉपीराइट कानून और मोनेटाइजेशन (कमाई के तरीके) की पूरी जानकारी भी दी जाएगी।
कॉलेजों में भी ट्रेनिंग
स्कूलों के अलावा 500 प्रमुख कॉलेजों में भी ये लैब्स स्थापित होंगी। उच्च शिक्षा ले रहे युवाओं को और अधिक तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा। कॉलेजों में डिग्री के साथ व्यावहारिक स्किल्स मिलेंगी। इससे छात्रों को डिजिटल दुनिया में आसानी से काम मिल सकेगा।
क्रिएटर इकोनॉमी में भारत की नई छलांग
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया बाजारों में से एक है। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और डिजिटल एडवर्टाइजिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार का यह निवेश बहुत दूरदर्शी कदम है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को घर बैठे आय अर्जित करने का मौका मिलेगा। वे बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़ सकेंगे।
AI पर समीक्षा के लिए नया पैनल
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों का सर्विस सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा, इसकी समीक्षा के लिए एक नया हाई-पावर पैनल बनाया जाएगा। यह पैनल देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सही दिशा देगा और भविष्य की नीतियां तैयार करेगा।
एजुकेशन से रोजगार तक की कड़ी
युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार एक हाई-पावर ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेज’ स्टैंडिंग कमेटी बनाएगी। यह कमेटी सर्विस सेक्टर को आर्थिक विकास का मुख्य आधार मानते हुए शिक्षा, स्किल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के सुझाव देगी।
लाभ किसे मिलेगा
इस योजना से लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। छोटे शहरों और गांवों के छात्र भी क्रिएटर बन सकेंगे। वैश्विक स्तर पर भारत को ‘कंटेंट हब’ के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।