समान नागरिक संहिता को लेकर देश में तैयारी तेज हो गई है . भारत की 21वी विधि आयोग ने नोटिस जारी किया है जिसमे UCC को लेकर टिप्पणियां और सुझाव मांगे है.इसके पहले साल 2018 में भी कुछ सवाल किए गए थे .पूर्व कानून मंत्री बोल चुके है कि ये मुद्दा 1998 और 2019 के भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल रहा .साल 2019 में जब इसे संसद में पेश किया तो विपक्ष के विरोध के कारण इसे वापस लेना पड़ा था .UCC में विवाह, तलाक, गोद लेना, और संपत्ति के समान अधिकार शामिल है.
कब होगा लागू
विधि आयोग जब अपनी रिपोर्ट जमा करेगा तब ही केंद्र में UCC की ओर कदम बढ़ेंगे . रिपोर्ट सौंपने के लिए विधि आयोग को अगले महीने के दूसरे हफ्ते तक का समय दिया है .समय के अन्दर ही विधि आयोग द्वारा लोगों के सुझाव एकत्रित करके उसकी समीक्षा की जाएगी . रिपोर्ट तैयार होने के बाद कानून मंत्री को रिपोर्ट सौंपी जाएगी साथ ही सार्वजनिक करके उसे आगे बढ़ाया जायेगा.
समान नागरिक संहिता लागू होने पर बदलाव –
* विवाह के लिए सभी धर्मो की समान व्यवस्था होगी.
* विवाह की संख्या 1 होगी.
* दंपत्तियों को वैवाहिक पंजीयन ज़रूरी रहेगा .
* पर्सनल लॉ पर रोक लगेगी
* तलाक के लिए सभी धर्मों की एक प्रक्रिया होगी.
*पर्सनल लॉ के तलाक जैसे तीन तलाक बंद हुए.
* तलाक के लिए दोनों ही पक्ष के लिए समान होगा फैसला.
* विवाहित महिलाओं के भरण पोषण और अधिकार पर समान व्यवस्था
* सभी धर्मों की लड़कियों के लिए विवाह की समान न्यूनतम उम्र 18 होगी .इस्लाम में लड़कियों की पुबर्टी प्रकट होने पर ही उनकी शादी हो जाती है .
* सभी धर्मों में विरासत और संपत्ति पर लड़के और लड़कियों का समान अधिकार होगा . इस्लाम में लड़कियों को संपत्ति का हिस्सा नहीं दिया जाता है .पति की मृत्यु के बाद संपत्ति विधवा पत्नी के नाम होगी.
* वसीयत की मौजूदगी में उत्तराधिकारी कानून नहीं लागू होगा . * सभी धर्मों के लिए बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया