Highlights
- उज्जैन में मकर संक्रांति पर शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया।
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का तिल के तेल व तिल उबटन से विशेष अभिषेक किया गया।
- पर्व पर शहर में भक्ति के साथ पतंगबाजी का उत्साह।
Ujjain Mahakaal Makar Sankranti: उज्जैन में मकर संक्रांति का पर्व आज भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पवित्र स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था
पर्व को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम द्वारा घाटों पर साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा की उचित व्यवस्था की गई थी। पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहे, जिससे स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पूरे घाट क्षेत्र में जयकारों और भक्ति का माहौल बना रहा।
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महाकाल मंदिर में विशेष पूजन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया गया। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को हुआ था, लेकिन पर्व काल आज होने से पूजन 15 जनवरी को किया गया। परंपरा के अनुसार सबसे पहले बाबा महाकाल को तिल के तेल और तिल के उबटन से स्नान कराया गया।
भस्म आरती में तिल का विशेष महत्व
तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद तिल के लड्डू, तिल्ली के पकवान और फलों का भोग लगाया गया। बाबा का भव्य श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने साकार रूप में दर्शन किए।
पतंगबाजी से बढ़ी रौनक
मकर संक्रांति पर शहर में पतंगबाजी का भी खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग छतों पर पतंग उड़ाते नजर आए। शिप्रा स्नान, महाकाल मंदिर में तिल से अभिषेक, भस्म आरती और पतंगबाजी से शहर भक्तिमय माहौल में रंगा रहा।
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