मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी हैं तमाम राजनैतिक दल चुनावों को लेकर तूफानी दौरे भी कर रहे हैं . हर चुनावों की तरह मध्यप्रदेश के चुनाव भी अपने आप में रोचक होते हैं और यहाँ की कई सीटें हॉट सीट के तौर पर जानी जाती हैं आज की स्टोरी में हम आपको बताएँगे एक ऐसी ही विधानसभा सीट के बारे में जहाँ एक बार के बाद कभी कोई नेता दुवारा विधायक नहीं बन पाया .
ऐसे हुई राजनीति में एंट्री
रामबाई पहले घरेलु महिला हुआ करती थी पर साल 2010 में रामबाई के पति ने उन्हें जिला पंचायत सदस्य के चुनाव लड़ने की बात कही तो रामबाई ने मना कर दिया .बाद में उनके प्रतिद्वंदी द्वारा उन्हें पैसे देने की कोशिश की गयी तो रामबाई ने गुस्से में चुनाव लड़ने का फैसला किया . रामबाई उस चुनाव में जीत गयी बाद में साल 2015 में भी वो जिला पंचायत सदस्य बनी .
साल 2018 में उन्हें बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा टिकट दिया तो रामबाई ने चुनाव में मेहनत कर जीत हासिल की .सब कुछ अच्छा चल रहा था तभी मोदी सरकार ने CAA और NRC लाने की बात कही और रामबाई ने इसका समर्थन किया . जैसे ही ये बात BSP तक पहुंची तो रामबाई को पार्टी से निकाल दिया गया .
पति को हुई उम्रकैद
रामबाई फिलहाल किसी पार्टी की सदस्य नहीं है पर उनके दबंग अंदाज़ के किस्से आज भी दमोह में दिखाई देते है. अक्सर रामबाई अफसरों को डांटती फटकारती हुई नजर आती है . रामबाई के पति गोविन्द सिंह और उनके छोटे भाई पर कांग्रेस पार्टी के नेता देवेन्द्र चौरसिया की हत्या का आरोप है .कोर्ट ने दोनों भाईयों को उम्र कैद की सजा सुनाई है जिस पर रामबाई आज भी CBI जांच की मांग करती है.
दोबारा करी पढ़ाई कंटिन्यू
रामबाई ने जब दोबारा अपनी पढ़ाई कंटिन्यू करने की बात कही तो उनकी बेटी ने उनकी सहायता की .रामबाई ने दोबारा 10 वीं की परीक्षा दी जिसके लिए बेटी ने पढ़ाया था .जब रामबाई की परीक्षा का परिणाम आया तो वो विज्ञान में 2 नंबर से फ़ैल हो गयी .इस घटना पर रामबाई को काफी ट्रोल किया गया था साथ ही कुछ लोगों ने उनकी सराहना भी की थी .
मशहूर है विधायक के प्रेम के किस्से
कई इंटरव्यूज में रामबाई ने बताया की उनकी और गोविन्द सिंह का प्रेम विवाह हुआ था . दोनों दमोह में एक ही मकान में रहा करते थे ,ऊपर के माले में रामबाई और नीचे गोविन्द रहते थे . दोनों को जब भी एक दूसरे से मिलना होता दोनों ट्रेन की पटरी के पास मिलते थे . कभी रामबाई उनके लिए गाना गया करती और कभी गोविन्द रामबाई के लिए . रामबाई का कहना है की उनके पति को झूठे केस में फसाया गया है वो निर्दोष हैं.