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हल्द्वानी में हैदराबाद के एक शख्स ने बांटी नोटों की गड्डियां,वीडियो वायरल

हल्द्वानी

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई हिंसा के दौरान कुछ लोगों की मौत हुई औक कई लोग घयल हुए थे। इस क्षेत्र में 8 फरवरी को हुई इस हिंसा के बाद से कर्फ्यू लगा दिया गया था। अब इस क्षेत्र से एक वीडियो वायरल हो रही है जिस में एक शख्स लोगों को घर घर जाकर नोटों की गड्डी बांट रहा है। हल्द्वानी में बांटी नोटों की गड्डियां उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में बीते कुछ दिन पहले हुई हिंसा में कई लोग प्रभावित हुए थे। क्षेत्र के ऐसे लोगों की मदद के लिए अचानक से हैदराबाद का एक मसीहा आ गया। ये मसीहा हाथों में पैसों से भरा बैग लेकर चलता है और लोगों के घर जा जाकर उन्हें नोटों की गड्डी बांटने लगता है। लेकिन आखिर कौन है ये युवक और इस के पास कहां से आए इतने पैसे। नोट बांटने वालों का वीडियो वायरल नोट बांटने वाली इस वायरल वीडियो की नैनीताल पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि ये वायरल वीडियो सलमान खान एचवायसी नामक एक इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया है। माना जा रहा है कि वीडियो में नोट बांटने वाले युवक का नाम ही सलमान है याथ ही यह युवक हैदराबाद का रहने वाला है। नैनीताल एसएसपी प्रहलाद नारायण का कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने बताया कि हैदराबाद के किसी एनजीओ ने लोगों को पैसे बांटे फिल्हाल पुलिस जांच कर रही है कि ये पैसे कहां से आए और कौन लाया। यह भी पढ़ें- कमलेश्वर डोडियार पर लगे घूस लेने के आरोप,पहले रेप केस में जा चुके हैं जेल

Uttarakhand: साबित हो गया कि हल्द्वानी हिंसा है एक सोची समझी साझिश

Uttarakhand , हल्द्वानी

बुधवार शाम को उत्तराखंड (Uttarakhand) की देवभूमि कहे जाने वाले क्षेत्र हल्द्वानी में कट्टर पंथियों ने इस कदर हिंसा को अंजाम दिया कि 2 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। पर कई जानकार लोगों के मुताबिक इस घटना के पीछे की वजह मुस्लिम समूदाय की नाराज़गी नहीं हैं बल्कि ये हिंसा एक सोची समझी साझिश का हिस्सा है। क्या है (Uttarakhand) हल्द्वानी हिंसा का पूरा मामला उत्तराखंड हाईकार्ट के आदेश पर ऐसी सभी जगह जहाँ अतिक्रमण किया गया हो वहाँ कारवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत ही नगर निगम ने शासकीय भूमि पर बनी एक मस्जिद और मदरसे पर बुलडोजर चलाई जिसके बाद पुलिस बल पर पथराव किया गया, पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने के प्रयास किए गए, गोलियां चलाई गई और पैट्रोल बम फेंके गए। इस हिंसा में 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए वहीं दो लोगों की मौत होने की बात सामने आई। DM ने बताया हिंसा को साज़िश डीएम वंदना सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कारवाई केवल अवैध निर्माणों पर ही की जा रही थी। जिसकी सूचना पहली ही दी गई थी। उनका कहना है कि आरोपियों ने पहले से ही प्लानिंग कर रखी थी । जैसे ही टीम कारवाई करने गई वैसे ही अचानक से बड़ी संख्या में लोग आए और टीम पर हमला करना शुरू कर दिया। यह भी पढ़ें- आशुतोष महाराज को 10 साल पुरानी समाधि से वापस लाने शिष्या ने ली समाधि