Sonam Wangchuk: सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि उनकी पत्नी को हिरासत का आदेश (डिटेंशन ऑर्डर) क्यों नहीं दिया गया? साथ ही अदालत ने कहा कि मामले को बेवजह सनसनीखेज न बनाया जाए और पत्नी को पति से मिलने की इजाजत दी जाए।
यह सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने की। कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को तय की है।
क्या है मामला?
26 सितंबर को सोनम वांगचुक को लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन भड़काने के आरोप में NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह फिलहाल जोधपुर जेल में हैं। 2 अक्टूबर को उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉरपस) याचिका दायर की, जिसमें उनकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया गया।
पत्नी को नहीं दी गई जानकारी
#WATCH | Delhi: Supreme Court issued notice to Centre, Union Territory of Ladakh, Superintendent of Police Jodhpur Central jail on a plea of climate activist Sonam Wangchuk’s wife, Gitanjali Angmo, against his detention under the National Security Act (NSA) and seeking his… pic.twitter.com/r6qZGlkHTr
— ANI (@ANI) October 6, 2025
गीतांजलि की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हिरासत का आधार न उन्हें बताया गया और न ही कोई आदेश की कॉपी दी गई।
इस पर केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिरासत के कारण वांगचुक को बता दिए गए हैं, और पत्नी को आदेश की कॉपी देने पर विचार किया जाएगा।