हाइलाइट्स
- उज्जैन में गंगा दशहरा पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का समापन।
- CM मोहन यादव ने 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित की।
- सिंहस्थ 2028 में शुद्ध शिप्रा जल से स्नान कराने की घोषणा।
- शिप्रा नदी विकास पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
Ujjain Simhastha 2028 : मध्य प्रदेश। सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को नर्मदा नहीं बल्कि शिप्रा नदी के शुद्ध जल से स्नान कराया जाएगा। यह बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित धार्मिक समारोह में कही है।
दरअसल, उज्जैन में गंगा दशहरा (Ganga Dussehra 2026 ) के अवसर पर मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा (Shipra Teerth Parikrama Yatra) का भव्य समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा-अर्चना की। पूरा घाट क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में डूबा नजर आया।
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सिंहस्थ 2028 पर फोकस
मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर बड़ी घोषणा की कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के शुद्ध जल से स्नान कराया जाएगा। सरकार जल संरक्षण और घाटों के विकास पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
इसके साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को और अधिक सुविधाजनक और भव्य बनाना है।
नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना का जिक्र और पुराना अनुभव
मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से पिछले अनुभवों का भी जिक्र किया। पहले सिंहस्थ और बड़े आयोजनों के दौरान शिप्रा नदी में पानी की कमी को पूरा करने के लिए नर्मदा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिए लाया गया था। यह व्यवस्था नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना के तहत की गई थी।
हालांकि उस समय कई संतों और विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए थे कि धार्मिक स्नान प्राकृतिक शिप्रा जल में ही होना चाहिए। इसी संदर्भ में अब शुद्ध जल की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
रामघाट पर भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
गंगा दशहरा के अवसर पर उज्जैन का रामघाट भक्तों से पूरी तरह भरा हुआ नजर आया। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मां शिप्रा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इस दौरान भारतीय नौसेना के बैंड ने भी प्रस्तुति दी, जिससे माहौल और अधिक भव्य हो गया। लोक गायिका मैथिली ठाकुर के भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कई लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
तीर्थ परिक्रमा यात्रा और मुख्यमंत्री का सम्मान
मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा की शुरुआत सोमवार से हुई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यह यात्रा रामघाट से शुरू होकर कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम और भर्तृहरि गुफा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी।
इसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विक्रमोत्सव 2026 के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी मिला। उन्हें “कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर” का गोल्ड अवॉर्ड और “बेस्ट गवर्नमेंट इंटीग्रेशन फॉर ए लाइव इवेंट” का सिल्वर अवॉर्ड प्रदान किया गया।




