हाइलाइट्स
- चांदी में एक दिन में 1,07,971 रुपये प्रति किलो की गिरावट।
- सर्राफा बाजार में चांदी 40,638 रुपये और सोना 9,545 रुपये सस्ता।
- सोने और चांदी के ETF में भी शुक्रवार को 23% तक की गिरावट दर्ज की गई।
Silver Gold Crash : नई दिल्ली। सोने-चांदी के बाजार के लिए शुक्रवार का दिन काला दिन बन गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और सर्राफा बाजारों में ऐसा कोहराम मचा कि निवेशक सिर पकड़कर बैठ गए। चांदी ने कमान संभाली और महज एक दिन में करीब 1 लाख रुपये प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की। सोना भी पीछे नहीं रहा और 20 हजार रुपये तक सस्ता हो गया। बाजार में प्रॉफिट बुकिंग का तूफान आया और कीमतें अचानक धराशायी हो गईं।
चांदी में 1 लाख की गिरावट
गुरुवार को MCX पर चांदी 3,99,893 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंचकर बंद हुई थी। लेकिन शुक्रवार को 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी का भाव 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। यानी एक दिन में 1,07,971 रुपये की भारी गिरावट आई। बाजार विशेषज्ञ इसे ‘सिल्वर प्राइस क्रैश’ बता रहे हैं। सर्राफा बाजार में भी चांदी 40,638 रुपये सस्ती होकर 3,39,350 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
सोने में भी 20 हजार की गिरावट
सोने के फरवरी अनुबंध में 15,246 रुपये या 9% की गिरावट आई। भाव 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। गुरुवार को सोना 1,80,779 रुपये के नए शिखर पर पहुंचा था। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 9,545 रुपये सस्ता होकर 1,65,795 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
क्यों आई इतनी तेज गिरावट
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूली की। फिजिकल डिमांड कमजोर हुई। औद्योगिक उपयोग को लेकर भी चिंताएं बढ़ीं। मोतीलाल ओसवाल के जिंस विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि सभी फॉर्मेट में निचले सर्किट लगे। ईटीएफ में 20% तक गिरावट आई।
एक्सपर्ट्स की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में अभी 1 लाख तक का करेक्शन आएगा। 2.25 से 2.50 लाख तक आने पर ही निवेश सोचें। सोने में 1.25 से 1.30 लाख स्तर सही है। मौजूदा भाव पर चांदी बेच देनी चाहिए और 100% एग्जिट करना चाहिए।