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Share Market Today : शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले, सेंसेक्स 960 अंक से ज्यादा टूटा

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Share Market Today : मुंबई। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत होते ही बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह करीब 9:19 बजे BSE सेंसेक्स 963 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 75,899 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 303 अंक यानी 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,563 पर कारोबार करता नजर आया।

ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट

शुरुआती कारोबार में बाजार के लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए। खासकर ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।

सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1,070 अंक यानी 1.90 प्रतिशत टूटकर 55,390 पर आ गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 286 अंक यानी 1.75 प्रतिशत गिरकर 16,127 के स्तर पर पहुंच गया।

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सेंसेक्स के अधिकतर शेयर दबाव में

सेंसेक्स के ज्यादातर शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इटरनल, इंडिगो, एमएंडएम, टाटा स्टील, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बीईएल, आईटीसी, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

हालांकि आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की तेजी भी देखने को मिली। टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे।

एशियाई बाजारों में भी दबाव

वैश्विक बाजारों का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में बिकवाली का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार भी गिरावट के साथ खुले। वहीं अमेरिका का प्रमुख सूचकांक डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) बुधवार को लाल निशान में बंद हुआ था।

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कच्चे तेल में तेज उछाल

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की खबरों से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है।

इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड ऑयल लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर 95.14 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।

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FII की बिकवाली जारी

बाजार में गिरावट की एक और वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी है। आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 6,267.31 करोड़ रुपये की इक्विटी बेच दी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा देते हुए 4,965.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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