Highlights
- 5 दिन से धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबियत बिगड़ी।
- वसंत पंचमी पर संगम स्नान नहीं किया, प्रशासन से नाराज।
- संत समाज ने शांति और संयम बरतने की अपील की।
Shankaracharya Controversy: प्रयागराज माघ मेले में 5 दिन से धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबियत बिगड़ गई है। उन्हें तेज बुखार है और वह सुबह से अपनी वैनिटी वैन से बाहर नहीं आए। वसंत पंचमी पर भी उन्होंने संगम स्नान नहीं किया। शिष्यों का कहना है कि सर्दी और लगातार धरने के कारण उनकी सेहत प्रभावित हुई है।
क्या है मामला?
अविमुक्तेश्वरानंद मौनी अमावस्या यानी 18 जनवरी को प्रशासन के रवैये से नाराज होकर शिविर के बाहर धरने पर बैठे थे। उस दिन माघ मेले में पालकी में स्नान के दौरान शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई थी। इसके बाद उन्होंने प्रशासन से माफी की मांग की और तब तक स्नान नहीं करने की चेतावनी दी।
बाबा रामदेव की नसीहत
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर बाबा रामदेव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों पर किसी भी शंकराचार्य या साधु के बीच विवाद नहीं होना चाहिए। आपसी झगड़े से सनातन धर्म की छवि खराब होती है। हमें व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर सनातन धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए।
शिवलिंग स्थापना
अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में सवा लाख मिट्टी के शिवलिंग लाने आए थे, लेकिन मौनी अमावस्या विवाद के कारण उनका स्थापना कार्य नहीं हो पाया। प्रशासन ने उन्हें दो नोटिस जारी किए, जिस पर उन्होंने जवाब भेजा।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी परंपरा बाधित नहीं कर सकता। डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अविमुक्तेश्वरानंद के स्वस्थ होने और स्नान कर मामले का समाधान करने की प्रार्थना की।