Highlights
- जयशंकर बोले: आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा भारत का अधिकार, कोई निर्देश नहीं दे सकता।
- बुरे पड़ोसियों पर सख्त रुख, अच्छे पड़ोसियों को भारत की मदद और निवेश।
- बांग्लादेश और श्रीलंका का जिक्र, भारत की ग्रोथ से पूरे क्षेत्र को फायदा।
S Jaishankar: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने IIT मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत की पड़ोस नीति और आतंकवाद पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से भारत के कुछ पड़ोसी बुरे हैं और अगर कोई देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
आत्मरक्षा पर भारत का हक
जयशंकर ने साफ कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। यह कैसे और कब किया जाएगा, यह भारत खुद तय करेगा। कोई दूसरा देश भारत को यह नहीं बता सकता कि उसे क्या करना चाहिए या क्या नहीं। उन्होंने कहा, “अपनी सुरक्षा के लिए जो जरूरी होगा, हम करेंगे।”
विदेश मंत्री ने कहा कि जहां पड़ोसी देश भारत के लिए अच्छे या कम से कम नुकसानदायक होते हैं, वहां भारत निवेश करता है, मदद करता है और संसाधन साझा करता है। कोविड-19 के समय भारत ने सबसे पहले अपने पड़ोसियों को वैक्सीन दी।
श्रीलंका और बांग्लादेश का जिक्र
जयशंकर ने बताया कि आर्थिक संकट के समय भारत ने श्रीलंका को करीब 4 अरब डॉलर की मदद दी थी। बांग्लादेश पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह हाल ही में वहां गए थे और भारत हमेशा चाहता है कि पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते बने रहें।
आतंकवाद और समझौते साथ नहीं चल सकते
उन्होंने कहा कि अगर कोई देश दशकों तक आतंकवाद फैलाता है, तो उससे अच्छे पड़ोसी जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता। ऐसे में वह पानी जैसे समझौतों के फायदे भी नहीं मांग सकता।
भारत की ग्रोथ से क्षेत्र को फायदा
जयशंकर ने कहा कि भारत की तरक्की एक “बढ़ती लहर” है। अगर भारत आगे बढ़ेगा, तो उसके पड़ोसी देश भी साथ आगे बढ़ेंगे। यही भारत का संदेश है।