Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ से भारी तबाही के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों और प्रभावित परिवारों को राहत देने का ऐलान किया गया।
खेत में जमी रेत बेच सकेंगे किसान
सरकार ने “जिसका खेत, उसकी रेत” पॉलिसी लागू कर दी है। बाढ़ के बाद जिन किसानों के खेतों में मिट्टी और रेत भर गई है, वे इसे निकालकर बेच सकेंगे। इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
किसानों और परिवारों के लिए मुआवजा
कैबिनेट बैठक में यह तय हुआ कि बाढ़ से फसल बर्बाद होने पर किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह अब तक देश का सबसे बड़ा मुआवजा है।
वहीं, बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। जिनके घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी मुआवजा और सहायता राशि दी जाएगी।
कर्ज और ब्याज पर राहत
बाढ़ प्रभावित किसानों को छह महीने तक कोई लोन की किस्त नहीं चुकानी होगी। इस दौरान उन पर ब्याज भी नहीं लगेगा। यह राहत पंजाब को-ऑपरेटिव बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों को मिलेगी।
स्वास्थ्य और सफाई पर ध्यान
सरकार ने ऐलान किया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। हर गांव में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। डॉक्टर घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य जांच करेंगे और मुफ्त दवाइयां देंगे।
पशुओं में बीमारी न फैले इसके लिए टीकाकरण अभियान भी शुरू होगा।
शिक्षा ढांचे में सुधार
बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए स्कूल, कॉलेज और सरकारी भवनों का सर्वे किया जाएगा। इसके बाद उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
सीएम मान अस्पताल से जुड़े बैठक में
सीएम भगवंत मान इन दिनों अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बावजूद उन्होंने कैबिनेट बैठक में ऑनलाइन हिस्सा लिया और सभी फैसलों पर मुहर लगाई। आम आदमी पार्टी ने इसे “पंजाबियों के लिए CM मान का जज़्बा” बताया।
पंजाब इस समय 1988 के बाद की सबसे बड़ी बाढ़ का सामना कर रहा है। राज्य के 23 जिले प्रभावित हैं। हजारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
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